उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान एवं डी.ए.वी. डिग्री कॉलेज, लखनऊ द्वारा ‘डिजिटलीकरण की भूमिका’ पर विचार-गोष्ठी का आयोजन
HTN Live
आज दिनांक 08/10/2026 को डी.ए.वी. डिग्री कॉलेज, लखनऊ के पंडित भृगुदत्त तिवारी सभागार में "विविध भारतीय भाषाओं एवं बोलियों के साहित्य के विकास एवं संवर्धन में डिजिटीलीकरण की भूमिका" विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन उत्तर-प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ एवं हिंदी विभाग,डी०ए०वी० डिग्री कॉलेज, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफ़ेसर राजीव कुमार त्रिपाठी द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया तथा उन्हें स्मृति-चिह्न, शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा, हिंदी की व्यापकता, भाषा संरक्षण, साहित्यिक चेतना तथा वर्तमान डिजिटल युग में भाषा के बदलते स्वरूप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की वैचारिक श्रृंखला में कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. पंकज सिंह जी( प्राचार्य सी.जी.एन.पी.जी. कॉलेज, लखीमपुर) ने अपने संबोधन की शुरुआत भारतीय भाषाओं के उद्गम एवं उनके प्रयोग की चर्चा से की। उन्होंने भारतीय भाषाओं की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक समृद्धि पर प्रकाश डालते हुए हिंदी भाषा की व्यापकता और उसकी सामाजिक उपयोगिता पर विस्तार से विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय समाज की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटलीकरण के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा करते हुए बताया कि डिजिटल तकनीक ने भाषा, शिक्षा, संचार और ज्ञान के प्रसार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किए हैं।
इसे भी पढ़ें https://htnlivenews.blogspot.com/2026/10/blog-post.html
किसी भी खबर के लिए संपर्क सुत्र 9889444727 पर भेज सकते हैं।
इसके पश्चात कार्यक्रम के आमंत्रित वक्ता प्रो० आनंद प्रकाश तिवारी ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने भाषा और समाज के बीच के गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए वर्तमान समय में भाषा की उपयोगिता और उसके बदलते स्वरूप पर अपने विचार साझा किए। डॉ कीर्ति प्रकाश तिवारी ने भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने भारतीय भाषाओं की समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखने तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषायी एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम को साहित्यिक एवं ओजपूर्ण स्वर प्रदान करते हुए श्री योगेश चौहान ने अपने प्रभावशाली भाषण एवं काव्य-पाठ से सभागार को ऊर्जावान बना दिया। उन्होंने वीर रस की अपनी प्रसिद्ध कविता ‘गजकेशरी’ का ओजपूर्ण सस्वर गायन प्रस्तुत किया।
इसके पश्चात डा० शिवा त्रिपाठी ‘सरस’ ने अपने अपने उद्बोधन के साथ ही काव्य रचना का सस्वर पाठ किया तथा आज के महत्वपूर्ण विषय पर केंद्रित एक सुंदर ग़ज़ल प्रस्तुत की। उनकी काव्यात्मक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को साहित्यिक संवेदना और भावनात्मक गहराई प्रदान की तथा उपस्थित श्रोताओं ने उनकी रचनाओं का आनंद लिया। श्रीमती आरती त्रिवेदी ने भी विषय पर केंद्रित अपने भाव प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अतुल बाजपेयी जी ने विषय पर केंद्रित अपने भावों के साथ ही साथ माँ को केंद्र में रखकर अपनी एक रचना का भी वाचन किया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को मातृ-स्नेह एवं संवेदना से जोड़ दिया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफ़ेसर राजीव कुमार त्रिपाठी का अध्यक्षीय उद्बोधन हुआ। उन्होंने सभागार में उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि भाषा और साहित्य केवल अभिव्यक्ति के माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे समाज की सांस्कृतिक चेतना, मूल्यों और पहचान को संरक्षित रखने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग में भारतीय भाषाओं एवं साहित्य को नए माध्यमों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के समापन के अवसर पर डॉ. मनोज कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मुख्य अतिथि, सभी सम्मानित वक्ताओं, प्राचार्य जी, शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अजीत प्रियदर्शी
द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी सम्मानित शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने वक्ताओं के विचारों को अत्यंत उत्साहपूर्वक सुना। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र एवं भाषा-साहित्य के प्रति सकारात्मक चेतना और नई ऊर्जा के साथ हुआ।


No comments