जागरूकता और अधिकारों की सम्यक समझ ही लाएगी आत्मनिर्भरता
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22 अक्टूबर 2020 : प्रकृति में निहित शक्ति स्वरुप नारियां कर्तव्य एवं शक्ति की स्वतः प्रेरणा हैं। नारी जननी है और सृष्टि का आधारहैं। यदि महिलाएं और बालिकाएं अपने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग हो जाएँ, संविधान एवं विधियों में निहित अपने अधिकारों को जानते हुए जागरूक रहें और महिला सम्बन्धी इकाईयों के सापेक्ष अपने अधिकारों की सम्यक समझ विकसित करें तो उनके आत्मनिर्भर बनने के प्रयास सफल होंगे। वह स्वयं अपनी सुरक्षा कर सकेंगी और उनका सम्मान और स्थान निश्चित रूप से सुरक्षित रहेगा। एस एस कॉलेज शाहजहाँ पुर द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति कार्यक्रम श्रंखला में बोलते हुए ये बातें डॉ राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ की शिक्षक डॉ अलका सिंह ने कहीं।

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