पंपिंग स्टेशन और एसटीपी के लिए जमीन मिलने में दिक्कत
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लखनऊ। गोमती साफ होने की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। सीवरेज पंपिंग स्टेशन और एसटीपी के लिए जमीन मिलने में भी दिक्क्त हो रही है। जल निगम को कुल 7 स्थानों पर जमीन चाहिए। वह नगर निगमए एलडीए व जिला प्रशासन को लगातार पत्र लिख रहा लेकिन विभागों ने चुप्पी साध रखी है।
केंद्र सरकार ने गंगा नदी में मिलने वाली सभी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने का सख्त निर्देश दिया है। इसके लिए नदियों में जाने वाले नालों को डायवर्ट कर उनके सीवेज को शोधित करना है। पानी साफ करने के बाद ही इसे नदी में प्रवाहित किया जाना है। लखनऊ के 33 नालों में से अभी तक 26 का ही डायवर्जन हो पाया है। इसका काम गोमती सुन्दरीकरण योजना में किया गया था। वर्तमान में इसका रखरखाव जल निगम कर रहा है। सात पुराने नाले अभी भी डायवर्ट होने हैं। इनके लिए कई स्थानों पर सीवरेज पंपिंग स्टेशन व एसटीपी का निर्माण किया जाना जरूरी है। जल निगम ने इसके लिए प्रशासन को पत्र भेजा है। जमीन की आवश्यकता है उसके बारे में पूरी रिपोर्ट भेजी है। प्रशासन व विभागों को इसकी सूची भी दे दी है।
गोमती नगर विस्तार निकट सिंचाई विभाग के पास सीवरेज पंपिंग स्टेशन के 16000 वर्ग फुट जमीन की जरूरत। सहारा सिटी निकट फ्लड पंपिंग स्टेशन के पास सीवरेज पंपिंग स्टेशन के निर्माण के लिए 16000 वर्ग फुट जमीन की जरूरत।
फैजुल्लागंज अप स्ट्रीम के पास सीवरेज पंपिंग स्टेशन के निर्माण के लिए 15000 वर्ग फुट जमीन। फैजुल्लागंज डाउनस्ट्रीम के पास पंपिंग स्टेशन के निर्माण के लिए 15000 वर्ग फुट जमीन की जरूरत। बरीकला नाले के पास सीवरेज पंपिंग स्टेशन व सीवेज ट्रीटमेंट प्लाण्ट के लिए दो हेक्टेयर जमीन। घैला ग्राम के निकट एसटीपी व सीवेज ट्रीटमेंट प्लाण्ट के निर्माण के लिए दो हेक्टेयर जमीन। आयार्च नरेन्द्र देव वार्ड निवाजगंज में सीवरेज पम्पिंग स्टेशन के लिए 15 हजार वर्गफुट जमीन की आवश्यकता है।
जमीन के संबंध में जल निगम के महाप्रबंधक एसके गुप्ता ने दो मई को नगर आयुक्त, एलडीए उपाध्यक्ष तथा जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने इन कामों के लिए तत्काल जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने लिखा है कि इसके लिए नमामि गंगे से बजट मांगा गया है लेकिन जमीन मिलने पर ही बजट मिलेगा।

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