पीडि़त आढ़ती ने फर्जी एसटीएफ दारोगा को दबोचा एक साल पहले की थी दो लाख की टप्पेबाजी
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रविवार को आरोपी फिर पहुंचा था पाण्डेयगंज
कभी एसटीएफ तो कभी सीबाीआई अधिकारी बताकर करता था ठगी
लखनऊ ,12 मई।
बीते वर्ष वजीरगंज इलाके में आढ़ती से हुई 2 लाख की टप्पेबाजी करने वाले एसटीएफ के फर्जी दारोगा को रविवार को पीडि़त नरे पाण्डेयगंज इलाके में देखते ही पहचान लिया। इसके बाद पीडि़त ने लोगों की मदद से आरोपी को पकड़ लिया। लोगों ने उसकी धुनाई कर नाका पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में आरोपी को वजीरगंज पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
इंस्पेक्टर वजीरगंज ने बताया कि तालकटोरा के राजाजीपुरम निवासी रामनिवास अग्रवाल की वजीरगंज के पाण्डेयगंज इलाके में आढ़त है। बीते वर्ष 29 जून की सुबह वह रोज की तरह अपनी आढ़त जा रहे थे। रास्ते मेें पाण्डेयगंज के पास खुद को पुलिसकर्मी बन तीन टप्पेबाज चेकिंग के नाम पर बैग में रखे दो लाख रुपये चोरी कर ले गये थे। आरोपियों ने आढ़ती पर बैग में असलहा होने का आरोप लगाते हुए चेकिंग की बात कही थी। अपने साथ हुई इस टप्पेबाजी के मामले में आढ़ती ने वजीरगंज कोतवाली मेें एफआईआर दर्ज करायी थी। रविवार की सुबह आढ़ती रामनिवास अग्रवाल अपनी आढ़त पर मौजूद थे। इस बीच उनकी नज़र उनके साथ टप्पेबाजी करने वाले शख्स पर पड़ी। उसको देखते ही रामनिवास ने उसको पहचान लिया। बस इसके बाद रामनिवास ने आसपास के लोगों की मदद से आरोपी को दौड़ाकर पकड़ लिया। आरोपी ने खुद को एसटीएफ का दारोगा बताते हुए लोगों को अर्दब में लेने की कोशिश की। लोगों ने उसकी धुनाई कर नाका पुलिस के हवाले कर दिया।
नकली सोने के कंगन और हार मिला
पुलिस को आरोपी के पास नकली सोने का कंगन और नकली हीरे का हार मिला। पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम मध्य प्रदेश निवासी बिलाल बताया। नाका पुलिस को छानबीन में इस बात का पता चला कि आरोपी के खिलाफ पहले से वजीरगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज है तो नाका पुलिस ने आरोपी को वजीरगंज पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह कभी एसटीएफ तो कभी सीबीआई अधिकारी बन लोगों से ठगी करता था। आरोपी ने पुलिस को अपने कुछ साथियों के नाम भी बताये हैं।

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