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बीमार बीआरसी केंद्र, कैसे सँवरे हजारों नौनिहालों का भविष्य

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रिपोर्ट नागेश्वर सिंह✍️

इटियाथोक ,गोंडा। शिक्षा क्षेत्र इटियाथोक अंतर्गत बीआरसी केंद्र गत कई वर्षों से अपनी बदहाली का दंश झेलने को है मजबूर,व साथ ही साथ सुना रहा अपने दर्दे दिल की दास्तॉ। जहॉ ताजा हालात व आलम यह है कि छुट्टा जानवरों ने बना लिया उक्त परिसर में अपना बसेरा। मगर अफसोस विभागीय  सूत्रों  के मुताबिक जिम्मेदार व ठेकेदार सारे मानकों की उड़ाते रहे अभी तक धज्जियॉ। बताते चलें कि शिक्षा क्षेत्र उपरोक्त के कुल 178 विद्यालयों का संचालन कर लगभग 20 हजार नौनिहालों का भविष्य संवारने वाली उक्त बीआरसी वर्षों से बीमार पड़ी है। एक विभागीय आंकड़ों के अनुसार सन 2006 में इटियाथोक स्थित नए गांव बीआरसी केंद्र का निर्माण कार्य कई लाख रुपए की लागत से सरकार द्वारा कराया गया था। लेकिन इस भवन को अभी तक संबंधित ठेकेदार द्वारा शिक्षा विभाग को हैंड ओवर नहीं किया गया। जिससे खंड शिक्षा अधिकारी सहित एबीआरसी व बाबू सहित पूर्व माध्यमिक विद्यालय नए गांव के स्कूल परिसर पर अपना अनाधिकृत रूप से कब्जा जमाए बैठे हैं। जिस कारण यहां पढ़ रहे बच्चों को भी भारी असुविधाओं सहित आए दिन दो चार होना पड़ता है। विभाग द्वारा आए दिन तमाम मीटिंगों व प्रशिक्षणों में अधिकाधिक संख्या में अध्यापकों का जमावड़ा होता रहता है। जिससे यहां के विद्यार्थियों का भविष्य विभाग के ही द्वारा संवारने के बजाय चौपट करने पर तुला है। वहीं दूसरी तरफ एबीआरसी कार्यालय के सहायक लेखाकार दीपक कुमार श्रीवास्तव व सहायक अध्यापक गौरव गौतम के अनुसार पुरानी बिल्डिंग नि:प्रयोज्य हो चुकी है, अन्य कोई बिल्डिंग न होने से कार्यरत कर्मचारियों को वर्तमान में काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बाबत कई बार पत्राचार के माध्यम से संबंधित व जिम्मेदार अधिकारियों को सूचनाएं दी गई परंतु दुर्भाग्य से अभी तक कुछ नहीं हुआ।



 जिम्मेदार के बोल-

 इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी रामराज ने बताया कि पूर्व में निर्मित हुए बीआरसी केंद्र मानक विहीन होने के कारण संबंधित ठेकेदार द्वारा विभाग को हैंड ओवर नहीं किया गया।  नए भवन निर्माण हेतु बेसिक शिक्षा अधिकारी को कुछ महीने पहले पत्र लिखा गया था।

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