लखनऊ की सड़कों पर आवारा सांड़ों को कहर जारी
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नगर निगम की लापरवाही के चलते सांड़ ने ली एक और जान
लखनऊ। नगर निगम भले ही आवारा जानवरों को पकडऩे के दावे करता हो, मगर ये सब खोखले साबति हो रहे हैं। लखनऊ शहर की सड़कों पर हर रोज जानवर लोगों को घायल कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई लोगों को जान तक गवानी पड़ी है। बताते चले कि रविवार देर रात सांड़ के हमले में घायल हुए मनोज कुमार पाल की उपचार के दौरान सोमवार को लोकबंधु अस्पताल में मौत हो गई। मौत की सूचना पर घर में कोहराम मच गया, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मनोज कुमार पाल अपनी पत्नी सरवन देवी, बेटों आलोक और अभिषेक व बेटी शिवानी के साथ सेक्टर 5-ई -2/197 में विशाल माथुर के घर में किराये पर रहते हैं। यह मूल रूप से मल्लावां हरदोई के रहने वाले हैं, तथा विशाल माथुर की प्यूरीफायर की दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करते हैं।
जानकारी के अनुसार घटना रविवार देर रात करीब साढ़े दस बजे की है, मनोज कुमार खाना खाकर घर के बाहर टहल रहे थे, पड़ोस की कालोनी में अहिमा मऊ से बारात आयी थी, सांड़ बारात के शोर शराबे से भड़क गया था, उसे बरातियों ने दौड़ाया मनोज कुमार पाल अपने घर के पास टहल रहे थ, तभी सांड़ ने उनकी कमर में सींघ मार दी और लगातार जमीन पर पटकता रहा, तभी पार्षद मुन्नालाल पास से गुजर रहे थे, उन्होंने शोर मचाया और लोगों की मदद से सांड़ को भगाया। इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई।
गांव से आये मृतक मनोज के बड़े भाई महादेव ने बताया कि मनोज कुमार बहुत मेहनती थे, और गांव से आकर बच्चों को पड़ा लिखा रहे थे, इस आकस्मिक निधन से परिवार असहाय महसूस कर रहा है, सरकार से गुजारिश है कि वह समुचित मुआवजा राशि देने के अलावा बड़े बेटे को नौकरी दे। वहीं स्थानीय पार्षद खरिका द्वितीय मुन्नलाल ने बताया कि नगर निगम लोगों के दुधारु पशुओं को पकड़कर जुर्माना वसूलते हैं, लेकिन इन जानलेवा सांड़ो को नहीं पकड़ते।
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