आरपीएफ पुलिस के हत्थे चढ़े रेलवे संपत्ति चुराने वाले शातिर चोर
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रिपोर्ट नागेश्वर सिंह ✍️
गोंडा।लगातार रेलवे के आरपीएफ प्रवीण कुमार यादव के नेतृत्व मे चल रहे अभियान मे एक बड़ी कामयाबी हासिल हुआ है सहायक उप निरीक्षक लाल साहब सिंह साथ कांस्टेबल धर्मेंद्र यादव एवं कांस्टेबल ज्ञानेंद्र कुमार रेसुब पोस्ट गोण्डा व कांस्टेबल सुग्रीव कुमार सीआईबी/गोंडा द्वारा अपराधी गतिविधि निगरानी व रात्रि चेकिंग गश्त किया जा रहा था, तथा गस्त के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 1-2 से होकर शस्त्रागार के उतरी साइड स्थित यार्ड में गश्त करते हुए रेलवे स्टेडियम की तरफ सभी अग्रसर हो रहे थे कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर/(स्टेशन)कार्य गोण्डा के कार्यालय के सामने से स्ट्रीट लाइट की रोशनी में दो व्यक्तियों को जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपने दाहिने कंधे पर एक सफेद रंग की बोरी में कुछ वजनी समान एवं दूसरे व्यक्ति द्वारा अपने दाहिने हाथ में कुछ वजनी बोरा लटकाए हुए देखा गया जो दबे कदमों से रेलवे स्टेशन की तरफ आ रहे थे, दोनों व्यक्तियों को देखकर संदेह उत्पन्न हुआ तथा दोनों व्यक्तियों को जो करीब 20 मीटर की दूरी पर थे स्टाफ की मदद से मौके पर ही घेरकर रेलवे स्टेडियम के सामने रोड पर पकड़ लिया गया। पकड़े जाने पर दोनों व्यक्ति सकपकाए एवं अपने कंधों पर व हाथ में लिए सामान को वही फेंक दिए। दोनों व्यक्तियों से उनके द्वारा फेंकी गई बोरियों को उन्हीं से खुलवा कर अंदर रखे गए सामान को निकलवा कर देखा गया तो एक बोरे में 7 अदद एवं दूसरे बोरे में 6 अदद रेलवे के छोटी लाइन में लगने वाला फिश प्लेट रेलवे संपत्ति पाया गया। उक्त दोनों से उनका नाम पता तथा बरामद फिश प्लेट के बारे में पूछा गया तो क्रमशः एक ने अपना नाम ओमकार गौतम पुत्र हजारीलाल गौतम निवासी मुहल्ला फैजाबाद रोड इमामबाड़ा छावनी थाना नगर कोतवाली जिला गोंडा उम्र 30 वर्ष तथा दूसरे ने अपना नाम लल्लू गौतम पुत्र बजरंगी गौतम निवासी मोहल्ला उपरोक्त उम्र 30 वर्ष बताया तथा यह भी बताए कि पास में लगे हुए चट्टो से चुराए हैं ताकि दिन में किसी चलते फिरते कबाड़ी को बेच देते। रेलवे लाइन में लगने वाले को अपने साथ रखने व जाने के बाबत अधिकार पत्र मांगा गया तो किसी भी प्रकार का कोई भी अधिकार या प्राधिकार पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके । रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम 1966 की धारा 3 के तहत बखूबी जुर्म बनता पाकर उपरोक्त दोनों अभियुक्त गण को उनके जुर्म से अवगत कराते हुए समय 4:15 बजे गिरफ्तार कर रेसुब हिरासत में लिया गया । बरामद रेल संपत्ति फिश प्लेट की अनुमानित कीमत ₹ 1550/- है ।
रिपोर्ट नागेश्वर सिंह ✍️
गोंडा।लगातार रेलवे के आरपीएफ प्रवीण कुमार यादव के नेतृत्व मे चल रहे अभियान मे एक बड़ी कामयाबी हासिल हुआ है सहायक उप निरीक्षक लाल साहब सिंह साथ कांस्टेबल धर्मेंद्र यादव एवं कांस्टेबल ज्ञानेंद्र कुमार रेसुब पोस्ट गोण्डा व कांस्टेबल सुग्रीव कुमार सीआईबी/गोंडा द्वारा अपराधी गतिविधि निगरानी व रात्रि चेकिंग गश्त किया जा रहा था, तथा गस्त के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 1-2 से होकर शस्त्रागार के उतरी साइड स्थित यार्ड में गश्त करते हुए रेलवे स्टेडियम की तरफ सभी अग्रसर हो रहे थे कि सीनियर सेक्शन इंजीनियर/(स्टेशन)कार्य गोण्डा के कार्यालय के सामने से स्ट्रीट लाइट की रोशनी में दो व्यक्तियों को जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपने दाहिने कंधे पर एक सफेद रंग की बोरी में कुछ वजनी समान एवं दूसरे व्यक्ति द्वारा अपने दाहिने हाथ में कुछ वजनी बोरा लटकाए हुए देखा गया जो दबे कदमों से रेलवे स्टेशन की तरफ आ रहे थे, दोनों व्यक्तियों को देखकर संदेह उत्पन्न हुआ तथा दोनों व्यक्तियों को जो करीब 20 मीटर की दूरी पर थे स्टाफ की मदद से मौके पर ही घेरकर रेलवे स्टेडियम के सामने रोड पर पकड़ लिया गया। पकड़े जाने पर दोनों व्यक्ति सकपकाए एवं अपने कंधों पर व हाथ में लिए सामान को वही फेंक दिए। दोनों व्यक्तियों से उनके द्वारा फेंकी गई बोरियों को उन्हीं से खुलवा कर अंदर रखे गए सामान को निकलवा कर देखा गया तो एक बोरे में 7 अदद एवं दूसरे बोरे में 6 अदद रेलवे के छोटी लाइन में लगने वाला फिश प्लेट रेलवे संपत्ति पाया गया। उक्त दोनों से उनका नाम पता तथा बरामद फिश प्लेट के बारे में पूछा गया तो क्रमशः एक ने अपना नाम ओमकार गौतम पुत्र हजारीलाल गौतम निवासी मुहल्ला फैजाबाद रोड इमामबाड़ा छावनी थाना नगर कोतवाली जिला गोंडा उम्र 30 वर्ष तथा दूसरे ने अपना नाम लल्लू गौतम पुत्र बजरंगी गौतम निवासी मोहल्ला उपरोक्त उम्र 30 वर्ष बताया तथा यह भी बताए कि पास में लगे हुए चट्टो से चुराए हैं ताकि दिन में किसी चलते फिरते कबाड़ी को बेच देते। रेलवे लाइन में लगने वाले को अपने साथ रखने व जाने के बाबत अधिकार पत्र मांगा गया तो किसी भी प्रकार का कोई भी अधिकार या प्राधिकार पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके । रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम 1966 की धारा 3 के तहत बखूबी जुर्म बनता पाकर उपरोक्त दोनों अभियुक्त गण को उनके जुर्म से अवगत कराते हुए समय 4:15 बजे गिरफ्तार कर रेसुब हिरासत में लिया गया । बरामद रेल संपत्ति फिश प्लेट की अनुमानित कीमत ₹ 1550/- है ।

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