राजनैतिक पार्टियों के लिए घातक होगा मांगों को नजरअंदाज करना पुरानी पेंशन बहाली
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डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में होली पर आयोजित की गई बैठक
कर्मचारियों, शिक्षकों को राजनैतिक निर्णय के लिए स्वतंत्र छोड़ा
लखनऊ। संज्ञा शर्मा ब्यूरो प्रमुख
सांसदों और राजनैतिक पार्टियों की ओर से राज्य कर्मचारियों के बड़े मुद्दे 'पुरानी पेंशन' को अपने एजेन्डे में शामिल न करने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। पुरानी पेंशन बहाली मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा और संरक्षक हरिकिशोर तिवारी ने एलान किया कि प्रदेश के लाखों कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारियों व उनके परिवार के सदस्यों को राजनैतिक पार्टियों के विरूद्ध अपने-अपने स्तर से विरोध प्रदर्शन कर राजनैतिक निर्णय लेने हेतु स्वतंत्र किया जाता है।
इससे पहले डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में होली के उपलक्ष में आयोजित बैठक में पेंशन बहाली मंच के सभी पदाधिकारियों ने गले मिलकर सौहार्दपूर्वक रहने का संकल्प लिया। शेष बचे संगठनों को भी पेंशन बहाली मंच के साथ जोड़कर कर्मचारी ताकत को बढ़ाने के लिए जल्द कार्यवाही करना तय किया गया। ताकि सभी संवर्गो की जायज समस्याओं का निराकरण कराया जा सके। पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रदेश व्यापी संघर्ष कार्यक्रम के चलते इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा भी यह महसूस किया गया था कि कार्मिकों का काफी नुकसान हो रहा है। फिर भी हमारी बात नही सुनी जा रही है। पुरानी पेंशन जैसे मुद्दे को राजनैतिक पार्टियों के नज़रअन्दाज करने से कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी समाज में अत्यधिक नाराजगी है। बैठक में बाबा हरदेव सिंह, रामफेर पाण्डेय, बलराम सिंह, आनन्द वर्मा, जीएन सिंह, अवधेश शर्मा, शिव षंकर पाण्डेय, दिवाकर राय, अमरजीत मिश्रा, आनन्द प्रताप सिंह सहित तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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