झांसी से उमा भारती की जगह अनुराग तो बांदा से भैरो प्रसाद का टिकट काटकर गठबंधन को घेरने की रणनीति
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बुंदेलखंड में फिर भाजपा ने चला जातीय दांव
केशव की प्रतिष्ठï बनीं फूलपुर को दोबारा पाने के
लिए केशरी देवी पटेल पर जताया भरोसा
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को अपने चार और प्रत्याशी और घोषित किये हैं। इस सूची में भी भाजपा ने जातीय दांव का ही गणित बिठाया है। झांसी से सांसद व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती की जगह अनुराग ठाकुर को मैदान में उतारा गया है। इसी तरह से बांदा से सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा के स्थान पर आर के पटेल को उम्मीदवार घोषित किया है। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के संसदीय क्षेत्र फूलपुर को पुन: पाने के लिए केशरी पटेल पर भरोसा जताया गया है। लालगंज सुरक्षित सीट से नीलम सोनकर को प्रत्याशी बनाया गया है। झांसी व बांदा के प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही बुंदेलखंड में चारों सीटों के उम्मीदवार भाजपा ने तय कर दिये हैं। भाजपा ने अब तक घोषित 70 उम्मीदवारों में 15 सांसदों का टिकट काटा है। पार्टी ने लखीमपुर खीरी के निघासन विधानसभा के उप चुनाव के लिए भी प्रत्याशी घोषित किया है। यहां से पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा के निधन से खाली सीट पर उनके पुत्र शशांक वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है।
बुंदेलखंड की बात करें तो भाजपा एक बार फिर यहां पर जातीय समीकरण के सहारे कमल खिलाने की रणनीति में जुटी है। पिछले चुनाव में भी यहां पार्टी ने जातीय दांव चलकर इन चारों सीटों पर जीत हासिल की थी। इसमें बांदा से भैरों प्रसाद मिश्र (ब्राह्मण) हमीरपुर से पुष्पेंद्र सिंह चंदेल (ठाकुर) जालौन से भानुप्रताप वर्मा (अनुसूचित जाति) और झांसी से उमा भारती (पिछड़ी जाति लोधी) ने जीत हासिल की थी। झांसी की बात करें तो इस बार वर्तमान सांसद व केंद्रीय मंत्री उमा भारती की जगह वैद्यनाथ आयुर्वेद के चेयरमैन अनुराग शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया है। बता दें कि उमा भारती पूर्व में ही चुनाव न लडऩे की घोषणा कर चुकी थीं। ऐसे में झांसी से किसे टिकट दिया जाय यह भाजपा के लिए बड़ा सवाल था। झांसी से ब्राह्मण प्रत्याशियों में विधायक रवि शर्मा और वैद्यनाथ के चेयरमैन अनुराग शर्मा, लोध प्रत्याशियों में गंगा चरण राजपूत और विधायक जवाहर राजपूत, कुशवाहा प्रत्याशी में विधायक रामरतन कुशवाहा के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में थे। सूत्रों की मानें तो जब भाजपा और आरएसएस की ओर से अनुराग शर्मा का नाम प्रत्याशी के रूप में सामने आया तो झांसी सदर विधायक रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह, ललितपुर विधायक रामरतन कुशवाहा ने इस पर मौखिक एतराज जताया था। बताया जा रहा है कि यह सभी भी संसदीय चुनाव की उम्मीदवारी के रेस में शामिल होना चाहते थे। इनके ऐतराज के बाद उमा भार्ती ने प्रत्याशी का ऐलान रुकवा दिया और मामला अटक गया। लेकिन शनिवार को आखिरकार भाजपा ने उनके नाम का ऐलान कर दिया।
फूलपुर सीट पर सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उनके बेटे को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। इसी बीच कांग्रेस ने पंकज निरंजन को उम्मीदवार बना कर केशव की गणित बिगाड़ दी थी। तब से यह माना जा रहा था की केशरी देवी पटेल भाजपा का चेहरा हो सकती है। केशरी देवी के अलावा प्रतापपुर विधायक प्रवीण पटेल और उनकी पत्नी गोल्डी पटेल का भी नाम चर्चा में था लेकिन सबसे मजबूत केशरी देवी पटेल को माना जा रहा था। केसरी देवी पटेल इसके पहले भी फू लपुर और इलाहाबाद लोकसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं। 1998 में भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी और 2004 में फू लपुर से बाहुबली अतीक अहमद के खिलाफ बसपा के टिकट पर उम्मीदवार थीं। 2014 लोकसभा में फूलपुर सीट पर केशव प्रसाद ने पहली बार कमल खिलाया लेकिन उनके इस्तीफ के बाद हुये उपचुनाव में भाजपा के कौशलेन्द्र सिंह पटेल सपा प्रत्याशी नागेन्द्र सिंह पटेल से हार गये। माना जा रहा है कि केशरी देवी के साथ पटेल विरादरी के साथ बसपा का कोर कार्यकर्ता भी जुड़ा है जो सपा बसपा के गठबंधन के लिए मुसीबत बन सकता है। केसर देवी पटेल बहुजन समाज पार्टी के कैडर से 10 साल तक जुड़ी रहीं हैं। उनके बेटे बसपा से ही विधायक हुए। केशरी देवी भले ही अब बसपा छोड़ भाजपा में आ गई है लेकिन बहुजन समाज पार्टी के मूल वोट बैंक में आज भी उनकी पकड़ मजबूत है। माना जा रहा है कि फू लपुर में पटेल बिरादरी का वोट और बसपा के खेमे में लगने वाली सेंध से ही भाजपा मजबूत होगी। इसी के साथ बुन्देलखण्ड की चार सीटों पर प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। इस बार भी भाजपा ने हमीरपुर से पुष्पेंद्र सिंह चंदेल और जालौन से भानु प्रताप वर्मा को दोबारा टिकट दिया है।
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