कन्नौज की फिजा में इत्र की खुशबू और अखिलेश का नाम
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बसपा गठबंधन के बाद और मजबूत हुआ सपा गढ़
लखनऊ। इत्र की खुशबू के लिए विख्यात कन्नौज में चुनावी तापमान चढ़ चुका है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की वजह से इस सीट पर प्रदेश ही नहीं देश भर की निगाहें रहती है। इस लोकसभा चुनाव में कन्नौज से अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव एक बार फिर उम्मीदवार है। डिम्पल वर्तमान में कन्नौज से सांसद भी है। यूं तो कन्नौज लोकसभा क्षेत्र समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले 6 चुनाव से कन्नौज पर सपा का कब्जा है। इस बार सपा-बसपा को गठबंधन भी है। ऐसे में इस चुनाव में सपा के लिए यह आसान मानी जा रही है। कन्नौज सीट पर 1999 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन सपा अध्यक्ष और अब पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव चुनाव जीत चुके है। मुलायम सिंह यादव उस चुनाव में संभल और कन्नौज दो सीटों से लड़े थे। दोनों में जीत हासिल कर लोकसभा पहुंचे थे। बाद में श्री यादव ने कन्नौज से इस्तीफा दे दिया। उसके बाद हुए उपचुनाव में मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव पहली बार उपचुनाव में जीतकर लोकसभा पहुंचे। तब से इस सीट पर अखिलेश यादव लगातार जीत रहे हैं। 2012 में प्रदेश का मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद अखिलेश ने को कन्नौज लोकसभा से इस्तीफा देना पड़ा। रिक्त कन्नौज लोकसभा से सपा ने अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव को टिकट दिया। डिम्पल के सामने किसी पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारा। वे निर्विरोध चुनी गयी। 2014 के लोकसभा चुनाव में डिंपल ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर एक बार फिर यह सीट सपा के खाते में डाल दी। अब 2019 के चुनाव में डिम्पल एक बार फिर प्रत्याशी हैं। कांग्रेस ने उनके खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया है। इस बार सपा-बसपा के गठबंधन के चलते कन्नौज में सपा की स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत मानी जा रही। भाजपा ने कन्नौज से सुब्रत पाठक को टिकट दिया है। सुब्रत पाठक पिछली बार भी भाजपा के प्रत्याशी थे। इत्र नगरी के नाम से मशहूर कन्नौज से समाजवादियों का पुराना नाता रहा है। कन्नौज से 1967 में डा. राम मनोहर लोहिया लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद पहुंचे थे। कन्नौज लोकसभा सीट पर पिछले 6 चुनावों से सपा का कब्जा है। 1998 में यह सीट सपा के प्रदीप यादव ने जीती थी। उसके बाद 1999 में मुलायम सिंह यादव जीते। मुलायम के छोडऩे पर इस सीट पर अखिलेश यादव चुनाव लड़े वे लगातार तीन बार सांसद चुने गए। कन्नौज लोकसभा क्षेत्र में 16 फ ीसदी यादव मतदाता हैं, वहीं मुस्लिम वोटर करीब 36 फ ीसदी हैं। इसके अलावा ब्राह्मण मतदाता 15 फ ीसदी के ऊपर हैं। करीब 10 फ ीसदी राजपूत हैं तो वहीं ओबीसी मतदाताओं में लोधी, कुशवाहा, पटेल, बघेल मतदाता अच्छे खासे हैं। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पद पर रहते और उसके पहले सांसद के रूप में कन्नौज में काफी विकास कार्य कराया है। कन्नौज से अखिलेश के भावनात्मक लगाव की वजह से उनके नाम पर जातीय सीमाएं टूट जाती है।

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