एसएसपी की जांच में बेनकाब हुई एसटीएफ और बंथरा पुलिस
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बंथरा में पुलिस द्वारा बंधक बनाकर लूटकांड का मामला
एसएसपी ने कृष्णानगर को सीओ को सौंपी विवेचना
लखनऊ, सं।
एक महीना पूर्व अमौसी एयरपोर्ट से तीन युवकों को पकड़ कर बंथरा थाने में बंधक बनाकर लूटपाट करने के मामले एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जांच में लुटेरे पुलिसकर्मियों को बेनकाब कर दिया है। यह बात साबित हो गई है कि थाने में ले जाकर तीनों युवकों की पिटाई करने के बाद 35 लाख रुपये की रकम लूटी थी और इस गुनाह पर पर्दा डालने में पूर्व इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार सिंह ने भी राज छिपाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस मामले में शनिवार को एसटीएफ की टीम और तत्कालीन इंस्पेक्टर बंथरा के खिलाफ मारपीट व लूट की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले की जांच एसएसपी ने सीओ कृष्णानगर लाल प्रताप सिंह को सौंपी है। सीओ का कहना है कि मामले की गहनता से जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पुख्ता सुबूत मिलते ही आगे की कार्रवाई की जायेगी।
ध्यान रहे कि राज्य की स्पेशल टॉस्क फोर्स के सीओ विजय प्रताप यादव व इंस्पेक्टर जैनुद्दीन अंसारी की टीम ने हवाला की रकम होने की खबर पर 30 मार्च 2019 को अनवरगंज दलेलपुरवा निवासी सलाउद्दीन, शावेज व प्रतापगढ़ जिले के कुंडा थानाक्षेत्र निवासी शहनवाज को अमौसी एयरपोर्ट से पकड़ा था। पूछताछ के लिए सरोजनीनगर थाने के बजाए बंथरा थाने में ले गए थे। पकड़े गए युवकों का आरोप है कि पुलिस उनसे पूछताछ करने के बजाए अपराधियों की तरह थाने में बंधक बना लिया और जमकर पिटाई की थी। यही नहीं युवकों का आरोप था कि खुद को एसटीएफ अफसर बताने वालों ने हवाला की रकम रखने की बात कहर कर 35 लाख की रकम लूट ली थी। वहीं अपनी बचत करने के लिए कई तरह की थ्योरी भी तैयार की। लेकिन डीजीपी ओपी सिंह के आदेश पर एसएसपी कलानिधि नैथानी द्वारा चल रही जांच पड़ताल ने बेनकाब कर दिया

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