सरकार जलनिगम कर्मियों से कर रही सौतेला व्यवहार: केके पटेल
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सरकार के रवैये से नाखुश समिति ने जतायी नाराजगी
सातवें वेतनमान को लेकर जल निगम का धरना जारी
लखनऊ। सातवें वेतनमान को लेकर जलनिगम कर्मचारी का अनिश्चित कालीन धरना जारी है। सातवें वेतनमान सहित कई महात्वपूर्ण मांगों को लेकर बुधवार को उप्र जलनिगम संयुक्त समिति ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार ने हक में फैसला नहीं किया तो हम सभी आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। बताते चले कि इससे पूर्व भी कर्मचारियों ने जलनिगम अध्यक्ष जी पटनायक का घेराव कर जमकर नारेबाजी की थी। कर्मचारियों ने उनसे सातवें वेतनमान के लिए गठित की गई समिति की संस्तुति को तत्काल शासन को भेजने की मांग की थी। ऐसे में कर्मचारियों के हक में फैसला न होने पर मंगलवार को हजरतगंज स्थित
फील्ड होस्टल जल निगम में उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के नेतृत्व में प्रेस वार्ता का आयोजन किया। पत्रकार वार्ता के दौरान समिति ने अपने विभिन्न मांगों को जोर शोर से उठाया। मांगों में जहाँ समिति ने पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग सेक्टर के रिफार्म एवम लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रशासकीय विभाग का गठन किया जाये साथ ही साथ 1 जनवरी 2016 से सप्तम वेतनमान लागू भी किया जाये का मुद्दा दोहराया।
इस मौके पर समिति के मुख्य प्रवक्ता के रूप में इंजिनियर राजेश अवस्थी ने कहा इन मागों के साथ वेतन, पेंशन एवं देयकों का भुगतान ट्रेजरी से किया जाये वही छठे वेतनमान 1 अक्टूबर 2006 से 11 मार्च 2010 तक का अवशेष वेतन दिया जाये। इस दौरान उत्तर प्रदेश जल समन्वय समिति के प्रवक्ता केके पटेल ने कहा कि सरकार द्वारा तीन वर्ष बाद भी सप्तम वेतनमान न लागू होने के कारण जल निगम कर्मियों में भारी आक्रोश है उन्होंने कहा जुलाई 2016 से जल निगमकर्मी आंदोलन कर रहे हैं लेकिन हमारी मांगों के प्रति उत्तर प्रदेश सरकार ध्यान नही दे रही है। विदित हो कि उत्तर प्रदेश सरकार 17 लाख कर्मियों का सप्तम वेतनमान का लाभ प्रदान कर चुकी है मगर जलनिगम कर्मियों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्य प्रवक्ता इंजिनियर राजेश अवस्थी ने बताया कि 16 जुलाई 2018 को मुख्य सचिव से वार्ता हुई थी जिसके फलस्वरूप 23 अगस्त 2018 को तीन सदस्यीय समिति गठित हुई और आश्वासन मिला कि एक महीने में सप्तम वेतनमान लागू कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इतना समय व्यतीत हो गया लेकिन अभी भी यह लागू नही किया गया। यही वजह है कि कर्मचारी अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे हैं। धरने पर बैठे लोगों में वाईएन उपाध्याय (संयोजक समन्वय समिति), राम अचल सिंह (जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन), दयाराम मौर्य (जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन), सतीश कुमार तिवारी (जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन), प्रदीप कुमार तिवारी (लाल झण्डा मजदूर यूनियन),चेतन जायसवाल(डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन),मंजीत वर्मा (डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन), शकेब अहमद (अक्ष्यक्ष माइनारिटी वेलफेयर एसोशिएशन), मोहम्मद शम्स(सहायक अभियंता एसोशिएशन), महन्त सिंह (जल निगम जल संस्थान मजदूर यूनियन) शामिल हैं।
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