कथावाचक ने की थी कैशियर की हत्या आरोपी कथावाचक ड्राइवर संग गिरफ्तार
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हत्या में प्रयुक्त बांका, कार और आधार कार्ड बरामद
माल पुलिस ने किया घटना का खुलासा
़लखनऊ, फरवरी।
माल इलाके में 17 फरवरी को हुई पेट्रोल पम्प कैशियर संतोष दीक्षित की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक कथावाचक और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त बांका, कार और मृतक का आधार कार्ड भी बरामद किया है। कथावाचक ने जमीन की लालच मेें आकर कैशियर की हत्या की थी।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अलीगंज के त्रिवेणीनगर निवासी पेट्रोल पम्प कैशियर की माल इलाके में हत्या कर दी गयी थी। कैशियर संतोष का हत्या कर फेंका गया शव एक बाग में 18 फरवरी को पड़ा मिला था। इस मामले में संतोष की पत्नी रीना ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। हत्या के मामले में छानबीन कर रही माल पुलिस को सर्विलांस की मदद से कुछ अहम सुराग मिले। इस मामले में सर्विलांस की मदद से शक के दायरे में बांदा जनपद निवासी कथावाचक उमाकांत त्रिपाठी और उसके चालक हमीरपुर निवासी शिवसागर सिंह को बीती रात माल पुलिस ने पकड़ा। पुलिस ने जब दोनों से पूछताछ की तो दोनों ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने जब दोनों को बताया कि सर्विलांस की मदद से पुलिस को इस बात का पता चल चुका है कि घटना के वक्त वह दोनों संतोष के साथ मौजूद थे तो उमाशंकर और उसका चालक शिवसागर सन्न रह गये। इसके बाद दोनों कैशियर संतोष दीक्षित की हत्या करने की बात कुबूल की। पुलिस ने दोनों के पास से हत्या में प्रयोग किया गया बांका, स्विफ्ट कार और संतोष का आधार कार्ड बरामद किया।
जमीन की लालच में आकर की थी हत्या
एसओ माल विनोद कुमार गोस्वामी ने बताया कि कैशियर संतोष और कथावाचक उमाकांत त्रिपाठी के बीच अच्छी दोस्ती थी। उमाकांत का संतोष के घर आना-जाना था। कुछ वक्त पहले संतोष ने उमाकांत को लखनऊ में स्थित अपनी एक जमीन मठ बनाने के लिए देने की बात कही थी। इसके बाद अचानक संतोष का मन बदल गया और उसने जमीन देने से इनकार कर दिया। बस इसी बात को लेकर उमाशंकर ने अपने चालक के साथ मिलकर संतोष की हत्या का प्लान बनाया। संतोष जब अपनी सरहज की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए मॉल कस्बे पहुंचा तो उमाकांत और उसका चालक भी वहां पहुंच गये। 16 फरवरी की देर रात उमाकांत ने संतोष को नक्षत्र खराब होने और पूजा पाठ के लिए सही समय की बात कहकर अपने साथ चलने के लिए कहा। इसके बाद संतोष उमाकांत और उसके ड्राइवर के साथ उनकी कार से शादी समारोह से निकल गया। कुछ दूरी पर एक बाग में पूजा पाठ के बहाने से आरोपी संतोष को लेकर पहुंचे और फिर उसकी हत्या कर दी।
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