सहाबा ने हमेशा शिक्षा और भाईचारे का दिया पैगाम
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दारुल उलूम नदवतुल उलमा में तालीमी और तरबियती कैम्प सम्पन्न
इज़हार अहमद रिपोर्ट लखनऊ
लखनऊ (सं)। दारुल उलूम नदवतुल उलमा में दो दिवसीय तालीमी और तरबियती कैम्प का रविवार को समापन हो गया। इस मौके पर दारुल उलूम नदवतुल उलमा के शिक्षकों ने छात्रों को शिक्षा की अहमियत पर विस्तार से जानकारी दी। जिसमें भारी संख्या में दारुल उलूम नदवतुल उलमा के अलावा उससे जुड़े अन्य मदरसों के छात्रों ने शिरकत की।
दो दिवसीय तालीमी और तरबियती कैम्प के दौरान मौलाना सुहेब हुसैनी नदवी ने छात्रों से शिक्षा के साथ साथ भाईचारे और अमन का पैगाम भी दिया। मौलाना सुहेब हुसैनी नदवी ने कहा कि सहाबा हमेशा शिक्षा और भाईचारे का पैगाम देते थे। वहीं अल्लाह के रसूल हजरत मोहम्मद मुस्तफा भी लोगों के बीच शिक्षा और भाईचारा फैलाते थे। मौलाना ने कहा कि इंसान जैसे सुन्नते रसूल पर अमल करके कपड़े, नमाज और बाकी चीजों को अपनाता है वैसे ही शिक्षा प्राप्त करके और भाईचारा फैलाकर भी सुन्नते रसूल पर अमल करे। उन्होंने कहा कि हमको अपनी कमियों के बारे में सोचना चाहिए और उसे जल्द से जल्द दूर करना चाहिये। मौलाना ने कहा कि हमको सीरते सहाबा पढऩा और कुरान पर अमल करना जरूरी है तभी हम समाज को अच्छा पैगाम दे सकेंगे। मौलाना ने कहा कि अपने अन्दर की बुराई को दूर करके अच्छाई के रास्ते पर आगे बढऩा होगा। उन्होंने कहा कि बुराई का जवाब बुराई से दिया जायेगा तो इससे दूरियां बढ़ेंगी। इस मौके पर दारुल उलूम नदवतुल उलमा के उप प्राचार्य मौलाना अब्दुल अजीज नदवी ने कहा कि दो दिनों तक यहां शिक्षकों ने छात्रों को जो सिखाया पढ़ाया है उसका कुछ प्रतिशत भी अगर छात्र अपनी जिन्दगी में रचा बसा ले तो वो सफलता की नई सीढिय़ों पर चढ़ सकता है। मौलाना अब्दुल अजीज ने कहा कि जब भी छात्रों को अपने शिक्षकों और सीनियर्स से कुछ सीखने का मौका मिले तो उस पल को गंवाना नहीं चाहिये। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी जुबान में मिठास रखनी चाहिये ताकि आपस में मौहब्बत बढ़े। उन्होंने कहा कि शिक्षक से जितना ज्ञान ले सको उतना लो ताकि जिन्दगी में सफल हो सको। कार्यक्रम में अपना शोध पत्र पढ़ते हुए मौलाना मुफ्ती जफर आलम नदवी ने कहा कि आज का दौर साइंस और टेक्नोलॉजी का है। छात्रों को इन विषयों पर भी जानकारी रखनी चाहिये, ताकि आने वाले समय में वो जमाने में कदम से कदम मिलाकर चल सकें। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए छात्रों को अपने ज्ञान, शिक्षा और हुनर से आपस में भाईचारा पैदा करना होगा। इस दौरान सलमान नसीम नदवी ने अपना शोध पत्र पढ़कर नये दौर की शिक्षा और उससे ज्ञान पाने के उपाय बताये।
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