चारबाग में शुरू हो गया प्लेटफार्मों की लम्बाई बढ़ाने का काम
HTN Live
लखनऊ (सं)। चारबाग रेलवे स्टेशन पर दो से सात नम्बर तक प्लेटफार्मों की लम्बाई बढ़ाने का काम शुरू हो गया है। प्लेटफार्म विस्तार से 24 बोगी वाली ट्रेनें पूरी प्लेटफार्म पर आयेंगी और बोगियां प्लेटफार्म के बाहर नहीं खड़ी होंगी। यात्री ट्रेनों के पीछे की बोगियों में भी आसानी से चढ़ और उतर सकेंगे। इससे बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल अधिकारियों ने बताया कि प्लेटफार्म विस्तार का काम यार्ड रिमाड्यूलिंग के तहत शुरू हुआ है। काम पूरा होने के बाद सभी प्लेटफार्मों की क्षमता 24 बोगी की होगी।
ईस्ट इंडिया रेलवे ने 1926 में चारबाग रेलवे स्टेशन का निर्माण कराया था।
उस समय यहां एक से लेकर पांच प्लेटफार्म तक का निर्माण हुआ था। बाद में 1972 में रेलवे ने यहां दो और प्लेटफार्म नम्बर छह और सात बनवाये। बड़ी लाइन वाले सात प्लेटफार्म 1972 में ही तैयार हुए थे। उस वक्तयहां पर केवल 60 ट्रेनों का दबाव था। समय के साथ स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव बढ़ता गया। ट्रेनों में बोगियां बढ़ती गयी। लेकिन प्लेटफार्मों का विस्तार नहीं हुआ। आज चारबाग के सात प्लेटफार्मों से करीब 300 ट्रेनें गुजरती हैं। इसमें प्लेटफार्म नम्बर एक के अलावा सभी की क्षमता 18 से 22 कोचों की है। प्लेटफार्म नम्बर दो से लेकर नम्बर सात तक आने वाली ट्रेनों की दो से तीन बोगियां अभी प्लेटफार्म से बाहर खड़ी रहती है। इसके चलते जनरल और महिला बोगी में चढऩे के लिए यात्रियों को पटरी पर आकर ट्रेनें पकडऩी पड़ती हैं। यहां से नीलांचल एक्सप्रेस, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस और गोरखपुर यशवंतपुर एक्सप्रेस सरीखीं कई ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में यात्रियों को इनमें सवार होने के में जान पर आफत बनी हुयी थी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि विस्तार होने से यात्रियों को सफर करने के लिए पटरियों पर नहीं आना पड़ेगा। इसके अलावा इन प्लेटफार्मों पर आने वाली ट्रेनों में अधिकांश ट्रेनों के पार्सल यान में लखनऊ से लोडिंग होती है। प्लेटफार्मों से बाहर कोच लगने के चलते पार्सल कर्मी पटरी लांघ कर सामान ले जाते हैं। जिससे अक्सर वह दूसरे ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेन की चपेट में भी आ जाते हैं। प्लेटफार्मों की लम्बाई बढऩे के बाद पार्सल कर्मियों को काफी सुविधाएं मिल जायेंगी।
No comments