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आज की राशियां क्या कुछ कहती है

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जनवरी 2019 को भगवान विष्णु को समर्पित षटतिला एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। इस एकादशी के नाम से ही स्पष्ट होता है कि इस पर तिलों का बहुत महत्व होगा। ज्योतिष के अनुसार इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु को याद करते हुए दान, तर्पण आदि करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि अगर इस दिन अपनी राशि अनुसार दान किया जाए तो बहुत लाभ प्राप्त होते हैं। तो आइए जानते हैं राशि अनुसार आपको इस खास दिन किस चीज़ का दान करना चाहिए-

iमेष -
इस राशि के जातकों को मन को शांत रखने के लिए तिल का दान करना चाहिए। ऐसा करना इनके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

वृष -
वृष राशि वालों को षटतिला एकादशी का उपवास करने से मानसिक रूप से संतुष्टि मिलेगी। इस राशि के लोगों को गरीबों में पीली मिठाई बांटनी चाहिए। इससे ये अपना हर काम बड़ी ही कुशलता से कर पाएंगे।

मिथुन -
इस राशि के लोग अगर कारोबार में तरक्की पाना चाहते हैं तो षटतिला एकादशी के दिन अपनी क्षमता अनुसार गरीबों में पीला हलवा बांटें।

कर्क -
कर्क राशि के लोगों को इस दिन उपवास रखकर पूरे मन से भगवान विष्णु का पूजन करना चाहिए। पूजन समाप्त करके किसी गरीब कन्या को पेटभर भोजन कराएं इससे आपकी नौकरी संबंधित सारी परेशानियों से खत्म होंगी और आपको कोई गुडन्यज़ मिलेगी।

सिंह -
इस राशि के लोग इस दिन श्रीहरि के उपवास ज़रूर करें। अपनी हैसियत के अनुसार गरीबों में कपड़े बांटें। इससे शरीर स्वस्थ रहेगा।


कन्या -
कन्या राशि के लोगों को इस दिन फल का दान करना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार इस राशि के लोग अगर इस दिन का व्रत मानसिक चिंता से बचने के लिए उपवास रखना लाभकारी होगा।

तुला -
उपवास करने से आंतरिक ऊर्जा बढ़ेगी। नया कार्य करने की शारीरिक तथा मानसिक स्थिति अच्छी रहेगी।

वृश्चिक -
इस दिन उपवास करने से गंभीर रोगों से मुक्ति मिलेगी। घर में खुशहाली आएगी।

धनु -
ज्योतिष के अनुसार धनु राशि के लोग को षटतिला एकादशी का व्रत करने से  जटिल रोगों में राहत मिलेगी और साथ ही बेचैनी और नींद की समस्या दूर होगी।

मकर -
मकर राशि के जातकों को उपवास करने से शरीर से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या से मुक्ति मिलेगी और मानसिक शांति प्राप्त होगी।

कुंभ -
इन लोगों को षटतिला एकादशी का व्रत करने से व्यवसाय में लाभ के कई अवसर प्राप्त होंगे।

मीन -
मीन राशि वाले लोग इस व्रत करने से शारीरिक और मानसिक सुख पाएंगे। कहने का भाव है कि इनकी इससे जुड़ी हर तरह की परेशानी दूर होगी।



: हिंदू पंचांग के अनुसार पूरे सालभर में 24 एकादशी आती हैं। लेकिन जब मलमास या अधिकमास आता है तो इनकी संख्या बढ़कर 24 से 26 हो जाती हैं। वैसे तो साल की हर एकादशी विशेष होती है। लेकिन माघ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली षटतिला एकादशी की अपनी एक अलग ही विशेषता होती है। शास्त्रों के अनुसार जो भी इस दिन व्रत करता है उसकी हर मनोकामना भगवान विष्णु जल्दी पूरी करते हैं। ये व्रत अपने नाम के अनुसार तिलों से जुड़ा हुआ होता है। इस दिन तिल का दान और इससे बनी मिठाई का विशेष महत्व होता है। कहते हैं इस दिन तिल का दान करने वालों को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। तो चलिए आज हम आपको इस व्रत को करने कि विधि और नियमों के बारे में बताएंगे।

सबसे पहले प्रातःकाल उठकर स्नान वाले पानी में तिल मिलाकर नहाना चाहिए और नहाने से पहले तिल से बना उबटन जरूर लगाना चाहिए। उसके शुद्ध पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।

इस दिन पूरे परिवार में प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

सुबह और शाम दोनों समय एक आसन पर बैठकर नारायण कवच का 3 बार पाठ करना चाहिए और साथ ही एकादशी व्रत कथा सुनने या पढ़नी चाहिए।

व्रत का संकल्प करने के बाद पूरा दिन अपने मन को भगवान की भक्ति में लगाएं और किसी की निंदा, चुगली नहीं करनी चाहिए।

षटतिला एकादशी पर तिल का दान करने का खास महत्व होता है और भगवान विष्णु का पूजन तिलों से करने पर स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

कहा जाता है कि इस दिन दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके अपने पितरों का तर्पण करने पर व्यक्ति को लाभ मिलता है।

एकादशी वाले दिन रात में जागरण अवश्य करना चाहिए।

रात को सोते समय अपने बिस्तर पर तिल डालकर सोना चाहिए।

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