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कंस्ट्रक्शन कम्पनी पर लगा 100 करोड़ की ठगी का आरोप विज्ञापन निकाल कर प्लाट दिलाने की कही थी बात

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लोगों ने किश्तों में कम्पनी में जमा कराये थे रुपये
न तो प्लाट मिला और न ही रुपये वापस हुए
चार पीडि़तों ने दर्ज करायी एफआईआर
लखनऊ, 22 जनवरी। 
गोमतीनगर थाने में आर संस इन्फ्रालैंड डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंस्ट्रक्शन कम्पनी पर सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपये हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में चार अलग-अलग लोगों ने अपने एफआईआर कम्पनी के खिलाफ दर्ज करायी है। सभी लोगों ने कम्पनी से प्लाट लेने के लिए किश्तों में भुगतान किया था। रुपये देने के बाद न तो किसी को प्लाट मिला और न ही रुपये वापस हुए। 
देवरिया जनपद निवासी मधुसूदन यादव ने बताया कि वर्ष 2010 में उन्होंने लखनऊ गोमतीनगर स्थित आर संस इन्फ्रालैंड डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में कम्पनी ने आसान किश्तों मेें अलग-अलग टाऊनशिप में सस्ते दामों पर प्लाट दिलाने की बात लिखी गयी थी। मधुसूदन यादव का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले कम्पनी से बातचीत की तो कम्पनी ने अपनी पालिसी के बारे में बताया। कम्पनी की स्कीम जानने के बाद मधुसूदन यादव ने एक प्लाट बुक कराया। इसके बाद उन्होंने बुक किये गये प्लाट की किश्तें जमा करना शुरू की। मधुसूदन यादव का कहना है कि धीरे-धीरे करके उन्होंने कम्पनी को 2.78 लाख का भुगतान कर दिया। रुपये देने के बाद उन्होंने जब कम्पनी के बताये गये टाउनशिप के बारे में छानबीन करायी तो सबकुछ बतायी गयी स्कीम के उलटा मिला। न तो वहां सड़क थी और न ही बिजली था। मधुसूदन यादव का कहना है कि इसके बाद उन्होंने आगे की किश्ते देने बंद कर दी। उनका आरोप है कि उन्होंने कम्पनी के निदेशक से लेकर अन्य लोगों से अपने जमा किये गये रुपये की मांग की तो उनको एक भी रुपये वापस नहीं मिले। काफी समय तक वह कम्पनी के दफ्तर रुपये वापसी के लिए चक्कर लगाते रहे, पर कुछ भी नहीं हुआ और उनको धमकी भी मिली। अब इस मामले में मधुसूदन यादव ने गोमतीनगर पुलिस से शिकायत की। फिलहाल गोमतीनगर पुलिस ने इस मामले में कम्पनी के निदेशक आशीष श्रीवास्तव, अंकुर श्रीवास्तव, सेके्रटरी तबस्सुम, तरन्नुम और कार्यालय अधीक्षक तरूण सिन्हा के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, धमकाने और साजिश रचने की धारा में एफआईआर दर्ज की गयी है। मधुसूदन यादव की तरह ही इन्दिरानगर निवासी गिरीश वर्मा, दलबीर सिंह चौहान और रीतेश गुप्ता ने भी कम्पनी पर वही आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करायी है। 
100 करोड़ रुपये की ठगी का है आरोप
आर संस इन्फ्रालैंड डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी पर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, फैजाबाद, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर सहित अन्य शहरों में अपना दफ्तर खोलकर लोगों से ठगी करने का आरोप लगा है। एफआईआर दर्ज कराने वाले लोगों का आरोप है कि कम्पनी ने अब तक 100 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं कम्पनी के लोग अब विदेश भागने की फिराक में लगे हैं। 
यह लोग हुए कम्पनी की ठगी का शिकार
मधुसूदन यादव, गिरीश वर्मा, दलबीर सिंह, रीतेश गुप्ता, गनेश प्रसाद, दयाशंकर यादव,संतोष मौर्य, सतीश कुमार, अमरनाथ त्रिपाठी, रणविजय सिंह, राजू गुप्ता, प्रतिभा सिंह, रविन्द्र कुमार सिंह, रेहाना खातून, फातिमा खान, गुलिस्ता नाज, अनिल यादव, गीता यादव, रमेश चंद्र, कृष्णा कुमार, राहुल अवस्थी, अभिषेक कुमार,  सुनील कुमार, अभिषेक, पूनम सिंह, ज्ञानेन्द्र यादव, रितेश यादव, दिलबाज खान, दानिश खान, शाहमीर खान, दिनेश कुमार श्रीवास्तव, सतीश कुमार वर्मा, सरमन लाल, ऊषा देवी, अतुल कुमार सिंह, दिवाकर सिंह, रविन्द्र कुमार, गेदेलाल, राजकुमार, आशीष यादव, विकास पाण्डेय, रितेश यादव, तपन दलोई, ज्ञानेन्द्र यादव, अनिल कुमार यादव, छोटेलाल यादव, नवीन कुमार सिंह, रामचंद्र कश्यप, अखिलेश कुमार तिवारी, भूप किशोर अवस्थी, आर्दश राय और मुनीर अहमद अंसारी ने कम्पनी के खिलाफ गोमतीनगर पुलिस से शिकायत की है

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