शिया पी० जी० कॉलेज, लखनऊ के भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “भौतिकी शिक्षण की नवाचारी विधियाँ:
HTN Live
सहभागिता एवं समझ को बढ़ाना” का शुभारंभ आज अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
आज लखनऊ के शिया महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, शोधकर्ता तथा भौतिकी विषय विशेषज्ञ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह संगोष्ठी भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. भुवन भास्कर श्रीवास्तव के संयोजन में आयोजित की जा रही है तथा इसे उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ है।
लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने कहा कि वर्तमान युग में शिक्षण की पारंपरिक विधियों को नवीन तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी तथा जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने वाले शिक्षण नवाचार ही उन्हें अनुसंधान की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं।
उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. एम. एम. वर्मा (विज़िटिंग साइंटिस्ट, CERN, Geneva), प्रो. अंचल श्रीवास्तव (बीएचयू), प्रो. राजीव मनोहर, तथा प्रो. अंचल श्रीवास्तव (लविवि) उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र के उपरांत प्रथम दिवस में तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें देश-विदेश से पधारे शिक्षकों, वैज्ञानिकों एवं शोध छात्रों द्वारा 50 से अधिक शोध पत्रों का वाचन एवं प्रस्तुतीकरण किया गया।
तकनीकी सत्रों में मुख्य रूप से प्रो. अनिल कुमार धीमान (उत्तराखंड), प्रो. एस. पी. शुक्ला, प्रो. राम कुमार तिवारी, तथा डा. अवधेश कुमार यादव आदि प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर विचार साझा किए।
सत्रों में भौतिकी शिक्षण को अधिक रोचक, सरल एवं छात्र-केंद्रित बनाने के लिए डेमो व कहानी-कथन आधारित शिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी का एकीकरण, मानव मॉडल्स व प्रयोगों का उपयोग, तथा नवाचारी कक्षा प्रयोगों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
सेमिनार संयोजक प्रो. बी.बी. श्रीवास्तव ने बताया कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य विविध शैक्षणिक विधियों एवं उत्कृष्ट शिक्षण अनुभवों को एक मंच पर लाकर भौतिकी को लोकप्रिय बनाना तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि संगोष्ठी के द्वितीय दिवस (13 सितम्बर 2025, शुक्रवार) को दो तकनीकी सत्रों के साथ समापन सत्र का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य प्रो. एस.एस.आर. बाकरी, प्रबंधक एस. अब्बास मुर्तजा शम्सी, डा. एजाज अतहर, डा. एस.एस.एच. तक़वी, तथा मौलाना फरीदुल हसन ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया।
इस संगोष्ठी में भौतिकी विभाग के संकाय सदस्य, विभिन्न संस्थानों के शिक्षाविद्, शोधार्थी तथा विद्यार्थी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।


No comments