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एनसीसी स्थापना दिवस पर हमराह एक्स कैडेट एन सी सी सेवा संस्थान ने रोया दुखड़ा

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वर्दी के तीन मीटर कपड़े और 287 रुपये सिलाई से नाराज कैडेट्स



लखनऊ। आर्मी, सेना की परेड देख एनसीसी में दाखिला लेकर देश की सेवा का जज्बा रखने वाले युवा एनसीसी कैडेट्स काफी नाराज हैं। एनसीसी के 72वें स्थापना दिवस पर हमराह एक्स कैडेट्स संस्थान के कार्यकारिणी अध्यक्ष अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि जेडी, जेडब्लू, एसडी और एसडब्लू कैडेट्स को 3.50 मीटर वर्दी के कपड़े की जगह सिर्फ तीन मीटर कपड़ा दिया जाता है। वहीं वर्दी की सिलाई के लिए 287 रुपये का भुगतान किया जाता है। जो कि पूरी तरह से कैडेट्स के साथ अन्याय है। अजीत सिंह ने अपील करते हुए कहा कि जिम्मेदार लोगों को इसमें सुधार करना चाहिए।
हमराह संस्थान ने एनसीसी स्थापना दिवस पर यह भी दुखड़ा रोया कि आर्मी नेवल एनसीसी बी सर्टीफिकेट की परीक्षा एक नवम्बर 2020 को आयोजित की गयी है। ऐसे में बी सर्टीफिकेट के न मिलने से इन्टर कालेज से बी प्रमाण पत्र कर रहे कैडेटों को किसी भी कक्षा के प्रवेश में आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है  और सी सर्टीफिकेट के लिए किसी भी डिग्री कॉलेज में प्रवेश नहीं हो सकता है बी की परिक्षा  लेट होने के चलते कैडेट्स को प्रवेश परीक्षाओं में लाभ नहीं मिल पा रहा है।
गौरतलब है कि हमराह एक्स कैडेट्स सेवा संस्थान ने नेवल कैडेट्स की लिए लड़ाई लड़ते हुए नौकायन व्यवस्था को लखनऊ से गोरखपुर जाने के रोका था।बताते चले कि देश के सबसे बड़े यूपी एनसीसी निदेशालय के कैडेटों की संख्या तो बढ़ रही है,  लेकिन उनकी ट्रेनिंग के लिए आधारभूत ढांचा विकसित नहीं हो पा रहा है। यूपी एनसीसी का एनसीसी नगर का सपना भी अधूरा है। इसका असर उनके गणतंत्र दिवस परेड पर राजपथ पर होने वाले प्रदर्शन पर पड़ रहा है।  पिछले कई सालों से यूपी एनसीसी का प्रदर्शन आशा के अनुरूप नहीं हो पा रहा है। जबकि एनसीसी का 72वां स्थापना दिवस भी पूरा हो गया। हालांकि लखनऊ में अब एनसीसी डे बहुत सादगी से मनाया जाता है। कभी प्रदेश के मुख्यमंत्री एनसीसी दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में नजर आते थे। हालांकि यूपी एनसीसी 24 नवंबर को अंबेडकर विवि में स्थापना दिवस मनायेगी।
सबसे बड़े 1.19 लाख कैडेटों वाली यूपी एनसीसी में इसी साल अगस्त से 11980 की संख्या को बढ़ाया गया है। यूपी के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जिलों में एनसीसी का विस्तार किया जायेगा। इसके बावजूद लखनऊ सहित यूपी के करीब 12 हजार युवा एनसीसी ट्रेनिंग के लिए वेटिंग में हैं। एनसीसी के 11 ग्रुप मुख्यालयों में  किसी के पास भी कैडेटों के प्रशिक्षण के लिए शूटिंग रेंज जैसी सुविधा नहीं है।
 राज्य सरकार के पास पिछले 10 साल से एनसीसी नगर की स्थापना का प्रताव लंबित है। एनसीसी नगर के लिए पांच एकड़ जमीन की जरूरत होगी। जिसमें कैडेटों के ठहरने के लिए हास्टल, फायरिंग रेंज, डिल के लिए मैदान, हैरतअंगेज प्रदर्शन के लिए ढांचे का विकास किया जाना है। लेकिन आलम यह है कि एनसीसी ग्रुप लखनऊ के कैडेट कई साल तक छावनी के बूचड़ी मैदान में कैंप करते रहे। इसी मैदान पर
गणतंत्र दिवस दिल्ली की परेड के लिए कैडेटो का चयन किया जाता था। सेना फायरिंग रेंज में इनको ट्रेनिंग देती थी। यहां सूर्या खेल परिसर बनने के बाद कैडेटों को कुछ माह आनंद नगर में कारागार प्रशिक्षण संस्थान में ठहरने और ट्रेनिंग की सुविधा दी गई। अब इन कैडेटों को कैंप के लिए बाराबंकी जाना पड़ता है। लखनऊ की जगह गाजियाबाद में एनसीसी कैडेटो को एकत्र कर वहां से आरडीसी दिल्ली भेजा जाता है।
लखनऊ में एनसीसी नेवी की भी विंग है। लेकिन एनसीसी नेवी के कैडेटों को नौकायन के लिए गोमती नदी में रिवर फ्रंट की दीवार बनने के कारण नौका को उतारना चुनौती बन गया। अब इन कैडेटों को भी दूसरे जिलों को नौकायन के लिए जाना पड़ता है।

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