सहायक महानिरीक्षक निबन्धन ने प्रदेश सरकार की ई-स्टाम्पिंग नीति से अधिकारियों को किया जागरूक
HTN Live
सुभाष गिरी ब्यूरो प्रमुख सीतापुर
सीतापुर दिनांक 09 अक्टूबर 2020 (सू0वि0) सहायक महानिरीक्षक निबन्धन ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ई-स्टाम्पिंग नीति से न सिर्फ स्टाम्पों की छपाई, ढुलाई आदि खर्चों को कम किया गया, बल्कि इस नीति से जन सामान्य को अधिक सुविधा प्राप्त हो सकेगी। किसी भी मूल्य का स्टाम्प शुल्क मात्र एक पेपर पर प्राप्त किया जा सकता है, जिससे पक्षकारों को अपने अभिलेखों की सुरक्षा में अधिक आसानी होगी।
उन्होंने बताया कि जनपद में कार्यरत समस्त स्टाम्प विक्रेताओं में से इच्छुक स्टाम्प विक्रेताओं को ए0सी0सी0 (प्राधिकृत संग्रह केन्द्र) बनाया गया है और आगे भी बनाया जा रहा है। जनसामान्य, बैंकों, एन0बी0एफ0सी0 संस्थाओं द्वारा 100 रूपये और 100 रूपये से कम धनराशि के स्टाम्प पेपरों का प्रयोग बहुत अधिक संख्या में बैंक ऋण, सामान्य अनुबन्ध एवं शपथ-पत्र हेतु किया जाता है। जिसके सम्बन्ध में जन-सामान्य को सरलता पूर्वक 100 रूपये एवं 100 रूपये से कम धनराशि के ई-स्टाम्प प्रमाण पत्र में उल्लिखित स्टाम्प शुल्क की धनराशि (फेस वैल्यू) पर उपलब्ध है।
जनपद की सभी तहसीलों के अधिकृत संग्रह केन्द्रों पर 100 रूपये या 100 रूपये से नीचे के ई-स्टाम्प सरलता से उपलब्ध है। जनपद में यदि कोई भी स्टाम्प वेण्डर सामान्य (फिजिकल) या ई-स्टाम्प में उल्लिखित स्टाम्प शुल्क की धनराशि (फेस वैल्यू) से अधिक वसूल करेगा तो उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। संग्रह केन्द्र के लिए इच्छुक लोग स्टाक होल्डिंग कारपोरेशन आफ इण्डिया लि0 को प्रार्थना पत्र देकर अभिकर्ता बन सकते है। संग्रहण केन्द्र के लिए स्टाम्प वेण्डर का लाइसेन्स होना अनिवार्य है।

No comments