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Crime news : लखीमपुर खीरी मुर्गी फार्म पर डकैतो का धावा फार्म मालिक को हथियारो की नोक पर बंधक वना कर हजार से ज्यादा मुर्गे लूट कर लुटेरे फरार

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देवेंद्र कुमार संवाददाता लखीमपुर खीरी

 कोतवाली निघासन छेत्र  में  बीती रविवार देर रात  बदमाशों ने ग्राममंशा पुर मे गांव के बाहर एक मुर्गी फार्म मालिक मेडई लाल  व  उसके पुत्र को बंधक बनाकर लगभग एक हजार मुर्गे को लूट कर एक मेटाडोर मे भर कर लुटेरे चंपत हो गये वहीं मेडई लाल व उसका पुत्र रात भर बहीं बंधे पडे रहे सुबह मेडई लाल की पुत्री द्वारा फार्म पर जा कर देखने के बाद दोनो ने रात की पूरी घटना की जानकारी दी फिर पुलिस को सूचना दी गयी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गयी और जांच पड़ताल में जुट गई है पुलिस पीडितो को घटना का जल्द खुलासा करने का आश्वासन दे रही है
बताते चले पहले भी इसी तरह की घटनाये यहां पर घट चुकी है जब पुलिस चौकी झंडी इलाके के अदलाबाद छेत्र मे ऐसे ही लुटेरो ने रात मे हथियारो की नोक पर चरवाहो को बंधक वना कर सैकडो भेंडे लूट कर चौ पहिया वाहन मे भर कर फरार हो गये थे ।
इस घटना के बाद मुर्गी फार्म के मालिक और उसका परिवार दहशत में है।
जानकारी के अनुसार  निघासन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मंशापुर गांव के निवासी मडई लाल का गांव के बाहर ही एक मुर्गी फार्म  है जहां पर वह स्वयं व उनका पुत्र मुर्गियो की देखभाल करते हैं बीती रात  कुछ अज्ञात  बाइक सवार शशष्त्र लुटेरो ने  उनके फार्म मे घुस कर  मेडई लाल उनके पुत्र को हथियारों की नोक पर बंधक बना दिया फिर एक चौपहिया गाड़ी में उनकी लगभग  एक हजार से ज्यादा  मुर्गे  लूटकर फरार हो गये वहीं मुर्गी फार्म मालिक मेडई लाल व उनका पुत्र पूरी रात बंधे पडे रहे ।
  इस नये ढंग की लूट की घटना के बाद इलाके के तमाम मुर्गी फार्म मालिक दहशत मे हैं क्यो कि लगभग सभी के मुर्गी फार्म गांव वस्ती से अलग खेतो मे ही वनाये गये है और रात्रि मे वहां बस एक या दो लोग ही चौकी दारी करते हैं
   जब से कोरोना बायरस का प्रकोप हुआ है
तब से सबसे ज्यादा संकट मे डूबा है मुर्गी पालन उद्योग सरकार की कोरोना को लेकर गाइड लाइने,कयी महीनो कोरोना लाकडाउन के चलते बंद रहे बाजार फिर कोरोना और चिकन मटन के संबंध मे निरंतर फैलती अफवाहे व चिकवो की पकडधकड के चलते मुर्गी पालन उद्योग लगभग पूरी तरह से तवाह हो चुका है इस धंधे मे लगे लोग इतनी दहशत मे आगये थे कि बहुत से व्यापारियो ने अपने दो किलो तीन किलो के मुर्गे सौ रुपया मुर्गा ,पचास रुपया मुर्गा तक मे बेचने की कोशिशे तक की पर कोरोना दहशत के चलते कोई खरीदार नहीं मिलने पर मुर्गो को मार मार कर जमीन मे दफन कर पीछा छुडाया
ढाई माह पहले गोला कुकरा मार्ग पर नहर के पुल के पास रात मे ऐसे ही किसी व्यापारी ने हजारो मुर्गे लाकर जंगल मे छोड कर भाग गया था जिनको आते जाते कुछ लोग तो बोरो मे भर कर ले गये वही कुछ लोगो ने कोरोना के डर से उधर से निकलना बंद कर दिया था

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