नहीं रहे वरिष्ठï साहित्यकार प्रो. नेत्रपाल सिंह
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लखनऊ (सं)। वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. नेत्रपाल सिंह का निधन बीती रात ढाई बजे बलरामपुर अस्पताल में हो गया। वे काफी अरसे से बीमार चल रहे थे। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1940 को हुआ। मृत्यु के समय अपनी उम्र के 79 वें साल में थे। उन्होंने जीबी पंत पॉलिटेकनिक में अंग्रेजी के प्रवक्ता के रूप में काम किया और वहीं से 2000 में सेवा निवृत्त हुए। वे राजाजीपुरम में रहते थे। जीवन के अन्तिम दिनों तक वे साहित्य सेवा में लगे रहे। उन्होंने अपना देहदान कर रखा था।
प्रो. नेत्रपाल सिंह ने कई विधाओं में रचनाएं की। कविता संग्रह, कहानी संग्रह, नाटक और निबंध संग्रह के साथ ऐतिहासिक उपन्यासों की भी रचना की। चारुमती, बहादुर बन्दा, बैरागी और भगवान झूलेलाल उनके उपन्यास रहे हैं। उनकी दर्जन भर किताबे प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्य के क्षेत्र में योगदान को लेकर उन्हें कई सम्मानों से सम्मानित किया गया। हिन्दी संस्थान का अवन्तीबाई सम्मान उन्हें प्रदान किया गया था। इसके अतिरिक्त उन्हें शब्दिता सम्मान व राष्ट्र धर्म सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। नेत्रपाल सिंह के निधन पर कौशल किशोर, राम कठिन सिंह, डा.चन्द्रेश्वर, सुधाकर अदीब, महेन्द्र भीष्म, भगवान स्वरूप कटियार, विजय राय, तेजनारायण गुप्ता, अमिता दूबे, अनूप श्रीवास्तव, सुभाष राय और एम जोशी आदि ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
लखनऊ (सं)। वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. नेत्रपाल सिंह का निधन बीती रात ढाई बजे बलरामपुर अस्पताल में हो गया। वे काफी अरसे से बीमार चल रहे थे। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1940 को हुआ। मृत्यु के समय अपनी उम्र के 79 वें साल में थे। उन्होंने जीबी पंत पॉलिटेकनिक में अंग्रेजी के प्रवक्ता के रूप में काम किया और वहीं से 2000 में सेवा निवृत्त हुए। वे राजाजीपुरम में रहते थे। जीवन के अन्तिम दिनों तक वे साहित्य सेवा में लगे रहे। उन्होंने अपना देहदान कर रखा था।
प्रो. नेत्रपाल सिंह ने कई विधाओं में रचनाएं की। कविता संग्रह, कहानी संग्रह, नाटक और निबंध संग्रह के साथ ऐतिहासिक उपन्यासों की भी रचना की। चारुमती, बहादुर बन्दा, बैरागी और भगवान झूलेलाल उनके उपन्यास रहे हैं। उनकी दर्जन भर किताबे प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्य के क्षेत्र में योगदान को लेकर उन्हें कई सम्मानों से सम्मानित किया गया। हिन्दी संस्थान का अवन्तीबाई सम्मान उन्हें प्रदान किया गया था। इसके अतिरिक्त उन्हें शब्दिता सम्मान व राष्ट्र धर्म सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। नेत्रपाल सिंह के निधन पर कौशल किशोर, राम कठिन सिंह, डा.चन्द्रेश्वर, सुधाकर अदीब, महेन्द्र भीष्म, भगवान स्वरूप कटियार, विजय राय, तेजनारायण गुप्ता, अमिता दूबे, अनूप श्रीवास्तव, सुभाष राय और एम जोशी आदि ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

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