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श्रीमद् भागवत कथा श्रवण मात्र से ही मनुष्य हो जाता है भव पार: राकेश शास्त्री

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रिपोर्ट नागेश्वर सिंह✍️

इटियाथोक, गोंडा। श्रीमद् भागवत कथा रूपी अमृत का रसपान करने से मनुष्य सभी दुखों से मुक्ति पाकर मोक्ष को प्राप्त कर सकता है।उक्त अमृतमयी वाणी विकासखंड इटियाथोक अंतर्गत ग्राम पंचायत फरेंदा कानूनगो में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा  ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस अयोध्या धाम से पधारे पंडित राकेश शास्त्री जी महाराज ने अपनी कथा में  उक्त बातें कही, उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सत्संग रूपी अमृत का रसपान कर लेता है वह जन्म और मृत्यु से मुक्ति पाकर स्वर्ग लोक व मोक्ष को को प्राप्त करता है। कथा भक्तों के लिए है कथा के जो रसिक होते हैं कथा उन्हीं को सुनानी चाहिए अभक्तों को कथा का दान कभी नहीं करना चाहिए श्री शास्त्री जी महाराज ने स्वर्ग की अमृत से बड़ा श्रीमद् भागवत को बताया श्री महाराज ने श्रोताओं को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराते हुए कहा कि  मनुष्य को  सभी कार्यों से निवृत्त होकर पूरी लगन के साथ श्रीमद् भागवत कथा रूपी अमृत का रसपान जरूर करना चाहिए  भागवत साक्षात भगवान श्री कृष्ण का ही स्वरुप है भागवत कथा में स्थान ध्यान ज्ञान एवं  संकीर्तन गान सहित पांच बातों के विशेष महत्व के बारे में बताया श्री शास्त्री जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा वह कथा है जिसे सुनने के बाद मनुष्य सभी पापो से छुटकारा पाकर अंत में मुक्ति को प्राप्त कर सकता है। इस मौके पर सैकड़ों श्रोताओं ने  भागवत कथा का रसपान किया।

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