लाईट हाउस प्रोजेक्ट के तहत बनेंगे गरीबों के आवास नादरगंज में नगर निगम की जमीन की गई चिन्हित
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सात मंजिला टावर में बनेंगे एक हजार फ्लैट
लखनऊ। अधिक से अधिक बेघरों को आवास मुहैया कराने के लिए लाइट हाउस परियोजना शुरु की गई है। लखनऊ में नादरगंज स्थित नगर निगम की जमीन इस परियोजना के लिए चिन्हित की गई है। लाइट हाउस परियोजना के अंतर्गत 1000 आवास बनेंगे। जी प्लस 6 मंजिला बनाये जाने वाले यह आवास प्री फेब्रिेकेटड होंगे। 25 जून 2020 तक इन्हें बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। जमीन का चिन्हांकन हो चुका है, चुनाव बाद काम शुरु हो जायेगा। केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने देश के छह शहरों का चयन लाइट हाउस टेक्नोलॉजी के पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया है। लाइट हाउस टेक्नोलॉजी के तहत बनने वाले घर काफी कम समय में तैयार होंगे। मंत्रालय द्वारा इन छह शहरों में चलने वाले प्रोजेक्ट में शोध और अध्ययन करने के बाद अन्य शहरों में इसे लागू करेगा, ताकि कम समय में घर की जरूरत पूरी हो सके। बीते महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद इस परियोजना को लेकर काम शुरु हो गया था। देश भर के 18 राज्यों के बीच हुई प्रतियोगिता के बाद यूपी सहित छह राज्यों का चयन किया गया है। यूपी में लखनऊ में यह प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। झारखंड के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश के शहर को चुना गया है। दरअसल वर्ष 2022 तक बेघरों को आवास मुहैया कराने का टारगेट रखा गया है। पीएम आवास योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में यूपी ऐसा पहला राज्य है जहां बड़ी संख्या में लोगों को घर दिये गये हैं लेकिन शहरों में जमीन की कमी और प्राधिकरणों के पास खुद का लैंड बैंक न होने समस्या आ रही है। लखनऊ में एलडीए अभी एक भी पीएम आवास नहीं दे सका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए आवासन के क्षेत्र में नयी तकनीकों को अपना कर तेज गति और गुणवत्ता के साथ बेघरों को समय पर घर मुहैया करवाने के लिए लाइट हाउस परियोजना शुरु की गई है। सूडा और नगर निगम इस परियोजना का प्रजटेंशन भी नयी दिल्ली में दे चुके हैं। लाइट हाउस बनाने के लिए यूपी में लखनऊ के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। नगर आयुक्त डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया पीएम आवास की तर्ज पर यह आवास बनाये जाने हैं। ग्लोबल हाउसिंग टेक्नॉलाजी चैलेंज के अंतर्गत लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लिए नादरगंज में भूमि चयनित की गयी है। नगर निगम ने इस जमीन के लिए अपनी सहमति दे दी है। यह प्रोजेक्ट नगर निगम और सूडा का होगा मगर इसका निर्माण केंद्र से निर्धारित की गयी कंपनी ही करायेगी। केंद्र को इस परियोजना का प्रस्ताव नगर निगम ने भेजा था। नादरगंज में चयनित भूमि की टोटल स्टेशन सर्वे एवं स्वायल टेस्टिंग कराकर सर्वे ड्राइंग का काम शुरु होना है। इसके लिए सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने नगर निगम को दोनों रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी यहां निरीक्षण करेंगे। नगर निगम के अधिशासी अभियंता एसएफएच जैदी ने बताया वन बीएचके ही यह परियोजना सात मंजिल की होगी। इनका क्षेत्रफल 32 वर्ग मीटर होगा।
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