बेईमानी और लालच से दूर रहने का नाटक ने दिया संदेश
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लखनऊ (सं)। प्रेम विनोद फाउण्डेशन ने शनिवार को नाटक गोरखधंधा का मंचन किया। संगीत नाटक अकादमी में मंचकृति के तीन दिवसीय नाट्य समारोह के पहले दिन मंचित नाटक का लेखन जयवर्धन ने किया और इसका निर्देशन जेपी सिंह का था। नाटक के जरिये लोगों से लालच और बेईमान लोगों से होशियार रहने को कहा गया।
जब पैसा ही धर्म बन जाये और पैसा ही कर्म बन जाये तो सारे रिश्ते नाते खत्म हो जाते हैं। नाटक गोरखधंधा की कहानी एक ऐसे इंसान की है जो पैसों के आगे किसी रिश्ते नाते को अहमियत नहीं देता है। वो लोगों से बेईमानी करके पैसे ऐंठता है। वो पैसे ऐंठने के लिए सारे रास्ते अपनाता है। वो बेईमान पैसों को ऐंठकर दूसरों का भला करने का ढोंग भी करता है। लेकिन उसका अंत बेहद ही बुरा होता है। उसकी पोल खुलने के बाद न तो उसे रिश्तेदार अपनाते हैं और कानून से सजा अलग मिलती है। उसके झूठ उसकी गले की हड्डी बन जाते हैं। संदेशात्मक नाटक में राघवेन्द्र तिवारी, सुशील शर्मा, दक्षा, गौरव और अरुण सौदे ने अभिनय किया।
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