अटल पथ के मंचन के साथ कई विभूतियों का हुआ सम्मान
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लखनऊ (सं)। लखनवी तहजीब के पैरोकार संगीतकार व शायर नौशाद साहब का घराना नवाबी नहीं था पर वे नवाब शुजाउद्दौला की साझा लखनवी तहजीब की पूरी परंपरा को सामने रखने वाले थे। वो महज संगीतकार नहीं उम्दा लेखक भी थे। मशहूर फिल्म दीदार की कहानी उन्होंने ही लिखी थी। संगीतकार नौशाद के नाम के अवार्ड समारोह में कुछ ऐसी ही बातें राजनीतिज्ञ अम्मार रिजवी व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अनीस अंसारी ने कला प्रतिभाओं को नौशाद सम्मान से अलंकृत करते हुए कही।
नौशाद संगीत डेवलपमेण्ट सोसायटी की ओर से मल्टीमीडिया रंग प्रस्तुति अटल पथ के मंचन के अवसर पर राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह अलंकरण समारोह भी हुआ। जिसमें प्रो.आसिफा जमानी, विलायत जाफरी, पुनीत अस्थाना, शबी जाफरी, जितेन्द्र मित्तल, चित्रा मोहन, विनय श्रीवास्तव, राजवीर रतन, एसएन लाल, आनन्द शर्मा व एस. रिजवान को सम्मानित किया। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की काव्य रचनाओं पर आधारित अटल पथ का मंचन हुआ। आनन्द शर्मा की परिकल्पना और असद खान के निर्देशन में
अटल की भूमिका में मसूद अब्दुल्लाह दिखे। वहीं अन्य चरित्रों में अभिनेश मिश्रा, दीप शिखा सिन्हा, पूर्णिमा शुक्ला, अस्मिता श्रीवास्तव, जूही, सुरेश चन्द्र, शिवम मिश्रा व सत्यम शुक्ला आदि कलाकार मंच पर थे। जिन्होंने अटल के काव्य कर्म, उनके आदर्श, त्याग और कर्मठता से परिचित कराया।
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