अतिक्रमण: श्रीराम चौराहे से गणेशगंज के रास्ते तक कारोबारियों का मकडज़ाल
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पार्किंग न होने से बढ़ रही दिक्कत
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अतिक्रमण पर विराम नहीं पा रहा है। नगर निगम हर रोज अभियान चलाकर एक ओर अतिक्रमण हटा रहा है तो दूसरी ओर पुलिस की मिली भगत से लोग अतिक्रमण फला कर रास्ता निकलना मुश्किल कर रहे हैं। बताते चले कि श्रीराम रोड चौराहे से गणेशगंज की तरफ जाने वाले सड़क पर खड़े वाहन और साथ ही कारोबारियों का सड़क पर फैला व्यापार किसी के भी पसीने छुड़ा सकता है। इस सड़क को पार कर नाका चौराहे तक जाने के लिए इन जद्दोजहद से लोगों को रोजाना रु-ब-रु होना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ नाका हिंडोला से चारबाग जाने वाले रास्ते पर डिवाइडर तो बन गये लेकिन दुकानदारों ने अपना सामान सड़क पर ही फैला रखा है। ऊपर से दुकानों के सामने गाडिय़ों की पार्किंग यह ऐसी समस्या है जिसका समाधान न व्यापारी ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं और न ही प्रशासन इस तरफ ध्यान दे रहा है।
श्रीराम रोड से गणेशगंज की तरफ बढ़ते ही पहला मुकाबला गड़बड़झाला के सामने ही होता है। इधर से गुजरने वाले इंच-इंच आगे बढऩे के लिए संघर्ष करते हैं। क्योंकि सड़क पर ही ठेले और सब्जियों की दुकानें आगे बढऩे ही नहीं देते। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत महिला ग्राहकों को होती है। क्योंकि अमीनाबाद बाजार महिलाओं की खरीदारी के लिए मशहूर है तो गड़बड़झाला उनकी जरूरत के लिए। इस सड़क पर चलना उस समय ज्यादा परेशानी वाला हो जाता है जब कोई चौपहिया वाहन प्रवेश कर जाता है।
नाका हो या गणेशगंज से लेकर श्रीराम रोड तक आने वाली सड़क इन पर कारोबारियों ने दुकान लगाकर कब्जा कर रखा है। इसके बाद खरीदारी करने वाले लोगों के वाहन खड़े रहते हैं। इसके बाद मुश्किल से छह से करीब सात फिट सड़क खाली मिलती है। जिस पर आना-जाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। व्यापारियों का कहना है कि इस तीन किलोमीटर की दूरी में एक भी पार्किंग नहीं है। जबकि कई पार्क ऐसे हैं जो खाली पड़े हैं इनका प्रयोग किया जा सकता है। वहीं नाका व्यापार मण्डल के अध्यक्ष पवन मनोचा का कहना है कि नाका में पुल के पास खाली पड़ी जमीन पर पार्किंग बनवाई जाये तो जाम की आधी समस्या इसी से खत्म हो जायेगी। रही बात दुकानदारों के अतिक्रमण की तो इस पर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए और व्यापारियों को भी अपनी हद में रहने
की जरूरत है।

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