लाश को डिस्पोजल करते समय डेढ़ लाख का बिल भी चुकाना पड़ा ,बाद में पता चला मरीज का इलाज नलिनी रंजन का बेटा एवं अन्य कमपौंण्डर कर रहा था
HTN Live
अगर आप बेगूसराय के डा० नलिनी रंजन के यहाँ इलाज हेतु ले जाने की सोच रहे है तो ,सावधान हो जाएँ । किसी भी इमरजेंसी अथवा सामान्य मरीज को ले जाने से पहले यह पता लगाना जरूरी है कि डा० नलिनी रंजन बेगुसराय स्थित अपने अस्पताल में है या नहीं है ।क्योकि आजकल ऐसा होने लगा है कि लोग पूर्व के प्रसिध्दि के कारण पहुच जाते हैं ,मगर उक्त डॉक्टर के नही रहने की बात छिपाते हुए अस्पताल कर्मी मरीज को भर्ती कर लेते हैं।नतीजा यह होता है की लाखो खर्च के बाद भी समुचित इलाज के आभाव में मरीज की मौत हो जाती है । ऐसे ही मैंने अपने एक पत्रकार मित्र की सलाह पर गम्भीर रूप से घायल युवती को सदर अस्पताल हटा कर उक्त चिकित्सक के यहाँ भर्ती कराया ।जहाँ हमलोगों से यह बात छुपा ली गई की डॉक्टर नही है ।अगले सुबह मरीज की मौत हो गई । लाश को डिस्पोजल करते समय डेढ़ लाख का बिल भी चुकाना पड़ा ,मरीज की जान गई सो अलग ।बाद में पता चला मरीज का इलाज नलिनी रंजन का बेटा एवं अन्य कमपौण्डर कर रहा था ।मैं तो इस ठग का शिकार हो गया । मगर आप लोग जरूर सचेत हो जाए ।
अगर आप बेगूसराय के डा० नलिनी रंजन के यहाँ इलाज हेतु ले जाने की सोच रहे है तो ,सावधान हो जाएँ । किसी भी इमरजेंसी अथवा सामान्य मरीज को ले जाने से पहले यह पता लगाना जरूरी है कि डा० नलिनी रंजन बेगुसराय स्थित अपने अस्पताल में है या नहीं है ।क्योकि आजकल ऐसा होने लगा है कि लोग पूर्व के प्रसिध्दि के कारण पहुच जाते हैं ,मगर उक्त डॉक्टर के नही रहने की बात छिपाते हुए अस्पताल कर्मी मरीज को भर्ती कर लेते हैं।नतीजा यह होता है की लाखो खर्च के बाद भी समुचित इलाज के आभाव में मरीज की मौत हो जाती है । ऐसे ही मैंने अपने एक पत्रकार मित्र की सलाह पर गम्भीर रूप से घायल युवती को सदर अस्पताल हटा कर उक्त चिकित्सक के यहाँ भर्ती कराया ।जहाँ हमलोगों से यह बात छुपा ली गई की डॉक्टर नही है ।अगले सुबह मरीज की मौत हो गई । लाश को डिस्पोजल करते समय डेढ़ लाख का बिल भी चुकाना पड़ा ,मरीज की जान गई सो अलग ।बाद में पता चला मरीज का इलाज नलिनी रंजन का बेटा एवं अन्य कमपौण्डर कर रहा था ।मैं तो इस ठग का शिकार हो गया । मगर आप लोग जरूर सचेत हो जाए ।

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