पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा की एफआईआर निरस्त करने की याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
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सूरजगढ़। कस्बे के बहुचर्चित मामला चाणक्यपुरी सहित अन्य जगहों पर फर्जी ढंग से कार्यकाल समाप्ति के बाद भी फर्जी पट्टे जारी करने व राज्य सरकार को लाखों की हानी पहुंचाने के मामले में एसीबी झुंझुनू चौकी में पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी इस प्रकरण में हाई कोर्ट ने पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा द्वारा एफआईआर खारिज किए जाने की याचिका को खारिज कर दिया है। राज्य अधिवक्ता वीरेंद्र गोदारा ने बताया कि एसीबी झुंझुनू द्वारा दर्ज एफआईआर को खारिज कराने के लिए पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा, पार्षद गिरधारी लाल मौर्य व विशंभर दयाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कोर्ट को अवगत करवा दिया गया है की एसीबी ने उक्त प्रकरण में पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा, वर्तमान चेयरमैन सुरेंद्र चेतीवाल, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राघव सिंह मीणा, कृष्ण कुमार ने लाभार्थी गिरधारी लाल मौर्य पार्षद, विशंभर दयाल, योगेंद्र कुमार, परमेश्वरी देवी, अमित कुमार, लक्ष्मी देवी से मिली भक्ति कर पट्टे जारी कर राज्य सरकार को लाखों रुपए की हानि पहुंचाते हुए रामानंद, श्याम सुंदर, व जितेंद्र के फर्जी कूटरचित व्यवसायिक पट्टे जारी कर धारा 13 (1)(सी)(डी)13(2) पीसी एक्ट 1988 एवं 420, 467, 468, 120 बी का अपराध कारीत किया है जिसके बाद हाईकोर्ट में दायर याचिका को खारिज कर दिया।
सूरजगढ़। कस्बे के बहुचर्चित मामला चाणक्यपुरी सहित अन्य जगहों पर फर्जी ढंग से कार्यकाल समाप्ति के बाद भी फर्जी पट्टे जारी करने व राज्य सरकार को लाखों की हानी पहुंचाने के मामले में एसीबी झुंझुनू चौकी में पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी इस प्रकरण में हाई कोर्ट ने पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा द्वारा एफआईआर खारिज किए जाने की याचिका को खारिज कर दिया है। राज्य अधिवक्ता वीरेंद्र गोदारा ने बताया कि एसीबी झुंझुनू द्वारा दर्ज एफआईआर को खारिज कराने के लिए पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा, पार्षद गिरधारी लाल मौर्य व विशंभर दयाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कोर्ट को अवगत करवा दिया गया है की एसीबी ने उक्त प्रकरण में पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा, वर्तमान चेयरमैन सुरेंद्र चेतीवाल, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राघव सिंह मीणा, कृष्ण कुमार ने लाभार्थी गिरधारी लाल मौर्य पार्षद, विशंभर दयाल, योगेंद्र कुमार, परमेश्वरी देवी, अमित कुमार, लक्ष्मी देवी से मिली भक्ति कर पट्टे जारी कर राज्य सरकार को लाखों रुपए की हानि पहुंचाते हुए रामानंद, श्याम सुंदर, व जितेंद्र के फर्जी कूटरचित व्यवसायिक पट्टे जारी कर धारा 13 (1)(सी)(डी)13(2) पीसी एक्ट 1988 एवं 420, 467, 468, 120 बी का अपराध कारीत किया है जिसके बाद हाईकोर्ट में दायर याचिका को खारिज कर दिया।

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