*महापौर ने की प्रेस वार्ता, सभी विषयों पर खुल कर बोली महापौर, मिठाई खिलवा दूर करवाई खटास*
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आज दिनाँक 04/01/2018 को लालबाग़ स्थित नगर निगम के राज कुमार हाल में स्वच्छ्ता सर्वेक्षण -2019 की तैयारियों के विषय मे प्रेस वार्ता की।
इस दौरान महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने स्वच्छ्ता सर्वेक्षण की तैयारियों के विषय मे बताते हुए कहा कि नगर निगम एक परिवार है। नगर निगम के सभी अधिकारी, सभी पार्षद एवं सभी कर्मचारी इस परिवार के अहम सदस्य हैं ।
हम सभी परिवार के सदस्यों ने मिलकर लखनऊ नगर निगन को स्वच्छ्ता सर्वेक्षण- 2019 में न० 1 बनाने के लिए कमर कस ली है।
महापौर ने स्वच्छ्ता सर्वेक्षण में कराए जा रहे कार्यों की जानकारी दी - (महापौर जी द्वारा बताए गए प्रमुख बिंदु)
* बाजारों में दो बार कूड़ा कलेक्शन और दो बार सफाई हेतु सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है।
* कूड़ा उठान के लिए आवश्यकतानुसार छोटी और बड़ी गाड़ियों उपलब्ध कराने के लिए आरआर विभाग को निर्देशित किया जा चुका है।
* पी०जी०आर०एस० पर स्वच्छता संबंधी आ रही शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है।
* वॉल पेंटिंग से शहर को सुंदर बनाने के लिए भी निर्देश दिये जा चुके है ।
* सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि उनके जोन में कही भी कूड़ा मिला तो उन पर कार्रवाई पक्की है।
* 450 से ज्यादा गाड़ियों का उपयोग जागरूकता अभियान में करने के निर्देश दिये जा चुके है।
* इको ग्रीन को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए सख्त निर्देश दिए गए साथ ही उन्हें अपनी गाड़ी पर स्वच्छ्ता संदेश बजाने के निर्देश भी दिए गए है ।
* जगह जगह गीला कूड़ा और सूखा कचड़ा अलग अलग कलेक्ट करने के लिए टु-बिन लगाने के निर्देश दिए गए हैं ।
* स्वच्छ्ता सर्वेक्षण संबंधी सभी कागजी कार्यवाही नगर निगम द्वारा पूर्ण कर ली गयी है।
*पत्रकारों द्वारा भाजपा पार्षद दल नेता रामकृष्ण यादव और नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी के बीच हुए विवाद पर बोलते हुए महापौर ने कहा कि* नगर आयुक्त जी और रामकृष्ण जी के बीच मे जो भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं, दोनो को बैठाकर बात कर ली गयी है, अब दोनों में कोई विवाद नही हैं। महापौर ने आगे कहा कि प्रशासनिक मुखिया और पार्षद दल उपनेता दोनो हो नगर निगम के अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग है, इन दोनों के बिना आपसी भाईचारे के नगर निगम आगे प्रगति नही कर सकता ।
दोनो को बैठाकर जो उनके बीच के मतभेद थे, वह दूर करवा दिए गए है। महापौर ने कहा कि हम सब मिलकर परिवार स्वरूप जनता के लिए अपेक्षानुरूप कार्य करेंगे, और लखनऊ को हर क्षेत्र में न०1 बनाएंगे ।
*महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी और रामकृष्ण को एक दूसरे को मिठाई खिलवा दूर कार्यवाये शिकवे*
*महापौर के नेतृत्व में सभी पार्षदो- अधिकारी- कर्मचारियों को साथ लेकर लखनऊ को बनाएँगे न०1*
नगर आयुक्त ने कहा कि जो रात गयी वो बात गयी, मा० महापौर जी के नेतृत्व में नगर निगम परिवार आगे बढ़ रहा है, हम सभी मा० पार्षद, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी दिन रात मेहनत कर लखनऊ को न०1 बनाएंगे। नगर आयुक्त ने कहा कि मैं भी इंसान हूँ, मेरे अंदर भी भावनायें है।
*तथ्यहीन आरोप लगाने वाले महिला नेतृत्व को पचा नही पा रहे:- महापौर*
*पत्रकारों द्वारा महापौर के पुत्र संबंधित सवाल पूछने पर महापौर ने कहा कि* नगर निगम को 100 वर्षों के इतिहास में पहली बार महिला महापौर मिली है, यह पहली बार ही हुआ है कि विगत सदन में सभी महिलाओं ने प्रमुखता से अपने छेत्र की समस्याओं पर खुल कर सदन में बोला हैं । महापौर ने आगे कहा कि यह सब तथ्यहीन आरोप लगाने वाले वही लोग है, जिनकी मानसिकता महिला नेतृत्व में कार्य करने की नही है, जो महिलाओ को सिर्फ घर की चौखट के अंदर तक ही सीमित रखे हुए देखना चाहते है। इनकी संकीर्ण मानसिकता के कारण नगर निगन की परिवार भाव वाली छवि धूमिल हो रही है।
महापौर ने पत्रकारों से पूछा क्या आपने मेरे बेटे को कभी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मेरे साथ देखा है ? अपने एक साल के कार्यकाल में मैने 1800 से ज्यादा सार्वजनिक मंचो बैठकों पर गयी हूँ, परंतु मेरे साथ एक बार भी मेरे पुत्र नही आया है, महापौर ने स्पष्ट कहा कि मैं पार्टी की वरिष्ठ कार्यकर्ता रही हूँ, संगठन ने मुझ पर भरोसा किया है, उस भरोसे पर मैं खरा उतरने का पूर्ण प्रयास कर रही हूँ।
*मेरे बेटे ने औरों के लिए प्रस्तुत किया आदर्श*
महापौर ने कहा कि मेरे बेटे ने पूरे साल आदर्श प्रस्तुत किया है, किसी भी नगर निगन की बैठक, कार्यकारिणी, सरकारी फैसलों में सदन में सहभागिता नही की। यहाँ तक कि मेरे सुपुत्र ने मेरे दिए हुए संस्कारो का आदर्श प्रस्तुत करते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमो के साथ साथ पारिवारिक कार्यक्रमों में जाते समय भी वह मेरी सरकारी गाड़ी में नही बैठा। न ही कभी भी सरकारी संसाधनों का उपयोग किया है। यहाँ तक उसने *नगर निगम के पैसे की एक कप चाय तक नही पी हैं।*
महापौर ने यह भी कहा कि मैं सुबह 6 बजे से देर रात तक जनता के बीच मे उपस्थित रहती हूं, मेरे घर सैकडों की संख्या में लोग समस्या लेकर आते है, मैं स्वयं सबकी समस्याओं का स्वयं निस्तारण करती हूँ, इसके गवाह आप सब के साथ लखनऊ की जनता है, किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में मेरे पुत्र का हस्तक्षेप नही रहता है और न ही वह कभी मंचो की शोभा बनता है। बाकी लोगों को उसके आदर्श से प्रेरणा लेनी चाहिए। सारे फैसले मैं स्वयं लेती हूँ, मेरे एक भी फैसले में किसी का कोई दखल नही रहता है। महापौर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में एक परिवार की जितनी भूमिका रहती है मेरे परिवार की भी उतनी ही भूमिका है। लखनऊ के भले के लिए जनता जो भी सुझाव देती है यदि वह उपयोगी है तो उसको मैं ग्रहण करती हूं।
*सेवा भाव से करती हूँ कार्य, व्यापार समझ कर नही*
मैं नगर निगम का कार्य लखनऊ की 45 लाख जनता की सेवा करने के उद्देश्य से सेवा भाव से करती हूँ , न कि कोई व्यापार समझ कर। सुबह से शाम तक जनता को समर्पित रहती हूं, जनता का पूरा साथ और स्नेह मुझे प्राप्त है। गलत आक्षेप लगाने वाले संकीर्ण मानसिकता के लोग मेरे कदमो को नही रोक पाएंगे।
यह जो लोग आक्षेप लगा रहे है यह वही लोग है जब महिला सीट होने पर जिनकी पत्नियों पार्षद रहती है तो वो उनको आगे बढ़ते हुए नही देख पाते। उन्हें भरोसा नही हो पा रहा है कि एक महिला इस उम्र में भी इतना सक्रिय रह सकती है, उंन्होने कभी अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ने नही दिया, वो महिला नेतृत्व को स्वीकार नही कर पा रहे है, वो यह नही देख पा रहे है कि एक महिला सक्रिय रूप से लखनऊ की सेवा कैसे कर ले रही है।
आज दिनाँक 04/01/2018 को लालबाग़ स्थित नगर निगम के राज कुमार हाल में स्वच्छ्ता सर्वेक्षण -2019 की तैयारियों के विषय मे प्रेस वार्ता की।
इस दौरान महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने स्वच्छ्ता सर्वेक्षण की तैयारियों के विषय मे बताते हुए कहा कि नगर निगम एक परिवार है। नगर निगम के सभी अधिकारी, सभी पार्षद एवं सभी कर्मचारी इस परिवार के अहम सदस्य हैं ।
हम सभी परिवार के सदस्यों ने मिलकर लखनऊ नगर निगन को स्वच्छ्ता सर्वेक्षण- 2019 में न० 1 बनाने के लिए कमर कस ली है।
महापौर ने स्वच्छ्ता सर्वेक्षण में कराए जा रहे कार्यों की जानकारी दी - (महापौर जी द्वारा बताए गए प्रमुख बिंदु)
* बाजारों में दो बार कूड़ा कलेक्शन और दो बार सफाई हेतु सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है।
* कूड़ा उठान के लिए आवश्यकतानुसार छोटी और बड़ी गाड़ियों उपलब्ध कराने के लिए आरआर विभाग को निर्देशित किया जा चुका है।
* पी०जी०आर०एस० पर स्वच्छता संबंधी आ रही शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है।
* वॉल पेंटिंग से शहर को सुंदर बनाने के लिए भी निर्देश दिये जा चुके है ।
* सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि उनके जोन में कही भी कूड़ा मिला तो उन पर कार्रवाई पक्की है।
* 450 से ज्यादा गाड़ियों का उपयोग जागरूकता अभियान में करने के निर्देश दिये जा चुके है।
* इको ग्रीन को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए सख्त निर्देश दिए गए साथ ही उन्हें अपनी गाड़ी पर स्वच्छ्ता संदेश बजाने के निर्देश भी दिए गए है ।
* जगह जगह गीला कूड़ा और सूखा कचड़ा अलग अलग कलेक्ट करने के लिए टु-बिन लगाने के निर्देश दिए गए हैं ।
* स्वच्छ्ता सर्वेक्षण संबंधी सभी कागजी कार्यवाही नगर निगम द्वारा पूर्ण कर ली गयी है।
*पत्रकारों द्वारा भाजपा पार्षद दल नेता रामकृष्ण यादव और नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी के बीच हुए विवाद पर बोलते हुए महापौर ने कहा कि* नगर आयुक्त जी और रामकृष्ण जी के बीच मे जो भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं, दोनो को बैठाकर बात कर ली गयी है, अब दोनों में कोई विवाद नही हैं। महापौर ने आगे कहा कि प्रशासनिक मुखिया और पार्षद दल उपनेता दोनो हो नगर निगम के अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग है, इन दोनों के बिना आपसी भाईचारे के नगर निगम आगे प्रगति नही कर सकता ।
दोनो को बैठाकर जो उनके बीच के मतभेद थे, वह दूर करवा दिए गए है। महापौर ने कहा कि हम सब मिलकर परिवार स्वरूप जनता के लिए अपेक्षानुरूप कार्य करेंगे, और लखनऊ को हर क्षेत्र में न०1 बनाएंगे ।
*महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया ने नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी और रामकृष्ण को एक दूसरे को मिठाई खिलवा दूर कार्यवाये शिकवे*
*महापौर के नेतृत्व में सभी पार्षदो- अधिकारी- कर्मचारियों को साथ लेकर लखनऊ को बनाएँगे न०1*
नगर आयुक्त ने कहा कि जो रात गयी वो बात गयी, मा० महापौर जी के नेतृत्व में नगर निगम परिवार आगे बढ़ रहा है, हम सभी मा० पार्षद, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी दिन रात मेहनत कर लखनऊ को न०1 बनाएंगे। नगर आयुक्त ने कहा कि मैं भी इंसान हूँ, मेरे अंदर भी भावनायें है।
*तथ्यहीन आरोप लगाने वाले महिला नेतृत्व को पचा नही पा रहे:- महापौर*
*पत्रकारों द्वारा महापौर के पुत्र संबंधित सवाल पूछने पर महापौर ने कहा कि* नगर निगम को 100 वर्षों के इतिहास में पहली बार महिला महापौर मिली है, यह पहली बार ही हुआ है कि विगत सदन में सभी महिलाओं ने प्रमुखता से अपने छेत्र की समस्याओं पर खुल कर सदन में बोला हैं । महापौर ने आगे कहा कि यह सब तथ्यहीन आरोप लगाने वाले वही लोग है, जिनकी मानसिकता महिला नेतृत्व में कार्य करने की नही है, जो महिलाओ को सिर्फ घर की चौखट के अंदर तक ही सीमित रखे हुए देखना चाहते है। इनकी संकीर्ण मानसिकता के कारण नगर निगन की परिवार भाव वाली छवि धूमिल हो रही है।
महापौर ने पत्रकारों से पूछा क्या आपने मेरे बेटे को कभी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मेरे साथ देखा है ? अपने एक साल के कार्यकाल में मैने 1800 से ज्यादा सार्वजनिक मंचो बैठकों पर गयी हूँ, परंतु मेरे साथ एक बार भी मेरे पुत्र नही आया है, महापौर ने स्पष्ट कहा कि मैं पार्टी की वरिष्ठ कार्यकर्ता रही हूँ, संगठन ने मुझ पर भरोसा किया है, उस भरोसे पर मैं खरा उतरने का पूर्ण प्रयास कर रही हूँ।
*मेरे बेटे ने औरों के लिए प्रस्तुत किया आदर्श*
महापौर ने कहा कि मेरे बेटे ने पूरे साल आदर्श प्रस्तुत किया है, किसी भी नगर निगन की बैठक, कार्यकारिणी, सरकारी फैसलों में सदन में सहभागिता नही की। यहाँ तक कि मेरे सुपुत्र ने मेरे दिए हुए संस्कारो का आदर्श प्रस्तुत करते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमो के साथ साथ पारिवारिक कार्यक्रमों में जाते समय भी वह मेरी सरकारी गाड़ी में नही बैठा। न ही कभी भी सरकारी संसाधनों का उपयोग किया है। यहाँ तक उसने *नगर निगम के पैसे की एक कप चाय तक नही पी हैं।*
महापौर ने यह भी कहा कि मैं सुबह 6 बजे से देर रात तक जनता के बीच मे उपस्थित रहती हूं, मेरे घर सैकडों की संख्या में लोग समस्या लेकर आते है, मैं स्वयं सबकी समस्याओं का स्वयं निस्तारण करती हूँ, इसके गवाह आप सब के साथ लखनऊ की जनता है, किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में मेरे पुत्र का हस्तक्षेप नही रहता है और न ही वह कभी मंचो की शोभा बनता है। बाकी लोगों को उसके आदर्श से प्रेरणा लेनी चाहिए। सारे फैसले मैं स्वयं लेती हूँ, मेरे एक भी फैसले में किसी का कोई दखल नही रहता है। महापौर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में एक परिवार की जितनी भूमिका रहती है मेरे परिवार की भी उतनी ही भूमिका है। लखनऊ के भले के लिए जनता जो भी सुझाव देती है यदि वह उपयोगी है तो उसको मैं ग्रहण करती हूं।
*सेवा भाव से करती हूँ कार्य, व्यापार समझ कर नही*
मैं नगर निगम का कार्य लखनऊ की 45 लाख जनता की सेवा करने के उद्देश्य से सेवा भाव से करती हूँ , न कि कोई व्यापार समझ कर। सुबह से शाम तक जनता को समर्पित रहती हूं, जनता का पूरा साथ और स्नेह मुझे प्राप्त है। गलत आक्षेप लगाने वाले संकीर्ण मानसिकता के लोग मेरे कदमो को नही रोक पाएंगे।
यह जो लोग आक्षेप लगा रहे है यह वही लोग है जब महिला सीट होने पर जिनकी पत्नियों पार्षद रहती है तो वो उनको आगे बढ़ते हुए नही देख पाते। उन्हें भरोसा नही हो पा रहा है कि एक महिला इस उम्र में भी इतना सक्रिय रह सकती है, उंन्होने कभी अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ने नही दिया, वो महिला नेतृत्व को स्वीकार नही कर पा रहे है, वो यह नही देख पा रहे है कि एक महिला सक्रिय रूप से लखनऊ की सेवा कैसे कर ले रही है।


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