उत्तर प्रदेश में आज क्या खास रहा
HTN Live
[30/01,
*मल्टीनेशनल कंपनी देगी बीटेक व एमसीए छात्रों को नौकरी*
*गुरुवार को रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि*
*बीटेक कम्प्यूटर साइंस छात्रों के लिए भी नौकरी का सुनहरा मौका*
लखनऊ।डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय बीटेक, एमटेक और एमसीए पास आउट छात्रों के लिए प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन करने जा रहा है।प्रशासन के अनुसार प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिए छात्रों को एकेटीयू की वेबसाइट पर 30 जनवरी तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। प्रशासन के अनुसार बीटेक एवं एमटेक पास आउट छात्रों के लिए एक मल्टी नेशनल कंपनी में सिस्टम इंजीनियर के पद पर भर्ती के लिए छात्रों का प्लेसमेंट करेगी। इसके अलावा गुड़गांव स्थित एक निजी कंपनी भी एमसीए व बीटेक छात्रों के लिए प्लेसमेंट करने एकेटीयू आ रही है। कंपनी अपने यहां पर प्रोडक्ट इंजीनियर के पद पर छात्रों की भर्ती करेगी। प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिए छात्रों को 30 जनवरी तक विश्वविद्यालय की इंडस्ट्री इंटरफ्रेंस सेल में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद ही वह परीक्षा और इंटरव्यू के अर्ह होंगे। बीटेक 2018 पास आउट छात्र प्लेसमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा बीटेक कम्प्यूटर साइंस के छात्रों को मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिल सकता है। एकेटीयू के इंडस्ट्री इंटरफ्रेंस सेल की ओर से बीटेक कम्प्यूटर साइंस विषय के छात्रों के लिए विशेष तौर पर प्लेसमेंट ड्राइव चलाई जाएगी। छात्र इसमें शामिल होने के लिए 4 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। छात्रों को एप डेवलपर, कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग और फ्रांट एंड प्रोग्रामर के पद पर नौकरी के लिए इंटरव्यू लिए जाएंगे।
[30/01, 6:53 a.m.
*मेरिट से समझौता न हो इसलिए तय किया गया क्वालिफाइंग मार्क्स*
*आज भी जारी रहेगी सुनवाई*
लखनऊ। सहायक शिक्षकों के 69 हजार पदों पर भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष राज्य सरकार ने मंगलवार को अपना जवाब दाखिल किया। सरकार की ओर से लिखित परीक्षा के बाद क्वालिफांइग मार्क्स तय करने के अपने निर्णय को सही करार देते हुए कहा गया कि उसकी मंशा क्वालिटी एजुकेशन देने की है और उसके लिए क्वालिटी अध्यापकों की आवश्यकता है।सरकार का यह भी कहना था कि 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने करीब एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति को रद् करते हुए, उन्हें दो बार भर्ती में वेटेज देने की जो बात कही है, उसका अर्थ यह कत्तई नहीं है कि मेरिट से समझौता किया जाए। सरकार ने अपने जवाब में यह भी कहा कि सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पूर्व में हुई परीक्षा में एक लाख सात सौ अभ्यर्थी शामिल हुए थे जबकि इस बार 6 जनवरी 2019 को हुई परीक्षा में चार लाख दस हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अभ्यर्थियों की इतनी बड़ी संख्या देखते हुए, क्वालिफाइंग मार्क्स नियत करना आवश्यक हो गया था। सरकार की ओर से 17 जनवरी को पारित यथास्थिति के आदेश को खारिज किये जाने की भी मांग की गई है। इस पर न्यायालय ने सरकार के जवाब को रिकॉर्ड पर लेकर मामले की सुनवाई बुधवार को जारी रखने का आदेश दिया है। इस दौरान यथास्थिति का आदेश बना रहेगा।यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल सदस्यीय पीठ ने मोहम्मद रिजवान आदि की ओर से दाखिल याचिकाओं पर दिया। वहीं याचियों की ओर से भी सरकार के जवाब पर प्रत्युत्तर शपथपत्र दाखिल किया गया। उल्लेखनीय है कि 1 दिसम्बर 2018 को प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की गई थी। इस क्रम में 6 जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा हुई। इसके अगले दिन 7 जनवरी को सरकार ने सामान्य अभ्यर्थियों के लिए 65 प्रतिशत व आरक्षित श्रेणी के लिए 60 प्रतिशत क्वालिफाइंग मार्क्स तय कर दिये। सरकार के इसी निर्णय को याचियों ने चुनौती दी है। ये सभी याचिकाकर्ता पूर्व में शिक्षामित्र रहे हैं। इनका कहना है कि मात्र शिक्षामित्रों को रोकने के लिए सरकार ने क्वालिफाइंग मार्क्स का निर्णय लिया है।
*शुरुआत में सरकार रही बैकफुट पर*
17 जनवरी को परिणाम घोषित करने पर यथास्थिति पारित करने के अगले दिन ही मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकार की ओर से पेश मुख्य स्थाई अधिवकता से पूछा था कि क्या सरकार 7 जनवरी के शासनादेश के बगैर परीक्षा परिणाम घोषित करने को तैयार है। न्यायालय ने निर्देश प्राप्त कर उसी दिन जानकारी देने को कहा लेकिन अपर महाधिवक्ता व मुख्य स्थाई अधिवक्ता ने बताया कि सरकार से अभी तक उन्हें समुचित निर्देश नहीं मिले हैं और पूरी बात रखने के लिए दो दिन के समय की मांग की गई। जिसके बाद न्यायालय ने यथास्थिति अगली सुनवाई तक बनाए रखने के आदेश दे दिये। जिसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने सरकार का पक्ष रखना शुरू किया।
*आइटी में युवाओं को प्रशिक्षित करेगा नाइलेट*
*मेक इन इंडिया के अंतर्गत हुआ महत्वपूर्ण समझौता*
*एमटेक सहित विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन का विकास उद्देश्य*
गोरखपुर : राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलेट) इलेक्ट्रानिक व आइटी में युवाओं को प्रशिक्षित करेगा। नाइलेट के अधिशासी निदेशक डॉ. अनिल धर द्विवेदी व आइटीआइ लिमिटेड मनकापुर प्लांट के महाप्रबंधक राजीव सेठ के बीच ‘मेक इन इंडिया’ के अंतर्गत महत्वपूर्ण समझौता हुआ। समझौते का मुख्य उद्देश् सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एसएससी (इलेक्ट्रानिक्स एंड कंप्यूटर) व एमटेक सहित विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन का विकास करना है। नाइलेट के अधिशासी निदेशक डॉ. अनिल धर द्विवेदी ने बताया कि यह समझौता तकनीकी संस्थानों के संकायों और कर्मचारियों को चयनित क्षेत्रों में बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए भी काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता 28 नवंबर 2015 को दोनों संस्थानों के बीच हस्ताक्षरित पहले समझौते का नवीनीकरण है।
[30/01, 6:55 a.m.]
*69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में रिजल्ट पर आज आ सकता है फैसला*
लखनऊ :69,000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में मंगलवार को शुरू हुई सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। इसके बाद ही परीक्षा परिणाम को घोषित करने का निर्णय आ सकता है। कोर्ट ने तब तक के लिए यथास्थिति के आदेश को बढ़ा दिया है।न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष सैकड़ों शिक्षा मित्रों की तरफ से दायर बड़ी संख्या में याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई हो रही है। छह जनवरी को हुई परीक्षा का परिणाम 22 जनवरी को आना था पर कोर्ट के आदेश की वजह से जारी नहीं हो सका। इन याचिकाओं में शिक्षक भर्ती परीक्षा में कटऑफ पिछली परीक्षा से अधिक रखे जाने को चुनौती दी गई है।
*क्वालीफाइंग मार्क्स को लेकर दी गई थी याचिका*
याचियों की तरफ से दलील दी गई कि पिछली शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनारक्षित व आरक्षित वर्गों के लिए अर्हता अंकों का कटऑफ क्रमश: 45 व 40 फीसदी था। जो इस परीक्षा में क्रमश: 65 व 60 फीसदी रखा गया है। याचियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना था कि कटऑफ को इतना बढ़ाया जाना उचित नहीं है क्योंकि इसका सीधा असर परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षामित्रों पर पड़ेगा।उधर, राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा का कहना था कि प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षक मिलें, इस लिहाज से ही इस बार कटऑफ निर्धारित किया गया है जो संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार है। इसके अलावा अन्य पक्षकारों के वकीलों ने भी अपनी दलीलें पेश कीं। इनमें पूर्व पक्षकारों की तरफ से जवाबी हलफनामे भी पेश किए गए।
[30/01, 6:55 a.m.]
*स्टेनोग्राफर परीक्षा के प्रवेश पत्र अपलोड*
प्रयागराज :एसएससी यानी कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 2019 में हो रही पहली बड़ी परीक्षा स्टेनोग्राफर ग्रेड ‘सी’ और ‘डी’ 2018 के अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। कंप्यूटर मोड से परीक्षा पांच फरवरी से शुरू हो रही है। इसके लिए एसएससी के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत एक लाख 29 हजार 20 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया। परीक्षा उप्र और बिहार के कुल 17 जिलों में कराई जाएगी, जबकि कुंभ मेले के चलते प्रयागराज में कोई केंद्र नहीं बनाया गया है।स्टेनोग्राफर ग्रेड ‘सी’ और ‘डी’ की लिखित परीक्षा पांच से सात फरवरी तक दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 से 12 और दूसरी दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक होगी। यूपी और पटना में कुल 65 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें सबसे अधिक 18 केंद्र लखनऊ में हैं, क्योंकि लखनऊ में अभ्यर्थी भी सबसे अधिक 28 हजार 869 हैं। सबसे कम 1321 अभ्यर्थी अलीगढ़ में हैं। एसएससी ने अभ्यर्थियों से कहा है कि प्रवेश पत्र वेबसाइट पर उपलब्ध हैं जिन्हें डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। सभी केंद्रों पर तैयारी की समीक्षा भी एसएससी की ओर से शुरू कर दी गई है। मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक राहुल सचान ने बताया कि परीक्षा ऑनलाइन होनी है इसलिए तकनीकी रूप से भी तैयारी मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
[30/01, 6:55 a.m.]
*418 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों को कॉलेज हुआ आंवटित*
प्रयागराज : प्रदेश भर के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कालेजों के लिए हंिदूी विषय के 418 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों का और चयन हुआ है। यह चयन वर्ष 2013 के सापेक्ष किया गया है, क्योंकि चयन बोर्ड ने हंिदूी विषय में जितने पदों का विज्ञापन जारी किया, उससे कम पदों के लिए शिक्षकों का चयन हुआ। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, कोर्ट ने कहा कि चयन बोर्ड को पद घटाने का अधिकार नहीं है। इसीलिए अवशेष व रिक्तियों से अधिक पदों के लिए चयन करके उन्हें कालेज भी आवंटित किए गए हैं।चयन बोर्ड ने वर्ष 2013 में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक हंिदूी विषय का विज्ञापन निकाला था और चयन सूची में अभ्यर्थियों के पद घटा दिए गए थे। संजय कुमार सिंह बनाम उप्र राज्य व अन्य मामले में हाईकोर्ट ने 28 नवंबर 2018 को आदेश दिया।इसमें कहा गया कि चयन बोर्ड को पद घटाने का अधिकार नहीं है। ऐसे में चयन बोर्ड ने नियमावली 1998 के नियम 12 (8) में दी गई व्यवस्था के अनुसार इस विषय के अवशेष अभ्यर्थियों का पैनल जारी कर दिया है।इसमें बालक वर्ग में सामान्य के 63, पिछड़ा वर्ग के 47 और अनुसूचित जाति के 63 अभ्यर्थियों को कालेज आवंटित हुए हैं। ऐसे ही बालिका वर्ग में सामान्य के आठ, ओबीसी के तीन और अनुसूचित जाति की पांच का चयन हुआ है। चयन बोर्ड ने इसी भर्ती में रिक्तियों की संख्या से अधिक करीब 25 प्रतिशत और बालक-बालिकाओं का भी पैनल घोषित किया है।बालक वर्ग में सामान्य के 99, ओबीसी के 53 और अनुसूचित जाति के 57 अभ्यर्थी हैं। ऐसे ही बालिका वर्ग में सामान्य की नौ, ओबीसी की चार व अनुसूचित जाति की पांच बालिकाएं हैं। इस तरह से अवशेष के 191 व रिक्तियों से अधिक में 227 का चयन हुआ है। इन सभी को कालेज आवंटन हो गया है। अब इन चयनितों को संबंधित कालेजों में नियुक्ति मिल सकेगी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
[30/01, 6:55
*इलाहाबाद राज्य विवि को मिलेगा पूर्व संघ प्रमुख रज्जू भैया का नाम*
लखनऊ योगी सरकार इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय का नामकरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया की स्मृति में करेगी। इसके लिए उप्र राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है।अधिनियम में संशोधन के लिए विधानमंडल के बजट सत्र में विधेयक लाने का इरादा है। इस फैसले को अमली जामा पहना कर सरकार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अपने एजेंडे को और धार देना चाहती है। वहीं संघ से अपने रिश्तों को लेकर सियासी विरोधियों को करारा जवाब भी देना चाहती है।फैजाबाद और इलाहाबाद जिलों का नाम बदलने तथा मुगलसराय जंक्शन व तहसील का नामकरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में करने के बाद योगी सरकार नाम परिवर्तित करने का एक और फैसला करने जा रही है। मूलत: बुलंदशहर के निवासी रहे प्रो.राजेंद्र सिंह आरएसएस के चौथे सरसंघचालक थे। उन्होंने 1994 से 2000 तक छह वर्षो तक यह जिम्मेदारी संभाली। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय (अब केंद्रीय विश्वविद्यालय) में भौतिकी के मेधावी विद्यार्थी थे। इसी विश्वविद्यालय में वह भौतिकी के शिक्षक बने और बाद में विभागाध्यक्ष भी। आरएसएस की शाखा के बाद कई बार वह सफेद शर्ट और खाकी हाफ पैंट पहने हुए ही विद्यार्थियों को पढ़ाने आ जाते थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षण के दौरान भी वह आरएसएस से जुड़े थे। वर्ष 1966 में विश्वविद्यालय की नौकरी छोड़कर वह संघ के प्रचारक बन गए। 2003 में उनका देहावसान हुआ।इलाहाबाद विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा मिलने के बाद राज्य सरकार ने प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की है जिसका नामकरण अब आरएसएस के दिवंगत प्रमुख की याद में करने की तैयारी है।
[30/01,
*धुंधली हुईं सरकार से उम्मीदें, छह से हड़ताल तय*
लखनऊ : पुरानी पेंशन बहाली के लिए शासन द्वारा गठित समिति के बेनतीजा खत्म होने के बाद परदे के पीछे चल रहे प्रयास भी बेअसर होते देख प्रदेश के लाखों राज्य कर्मचारियों व शिक्षकों ने हड़ताल की ओर कदम बढ़ा दिया है। छह फरवरी से प्रस्तावित एक हफ्ते की हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी जिलों में इसकी कमान संभालने के लिए केंद्रीय पदाधिकारी भेजे जा रहे हैं।दूसरी तरफ पुरानी पेंशन पर गतिरोध टालने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय और अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी भी लखनऊ से दिल्ली तक प्रयास में जुटे थे लेकिन, अब इससे भी कर्मचारी नेताओं को कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा है। मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि इन परिस्थितियों में अब हड़ताल की तैयारी तेज करने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि छह फरवरी से प्रस्तावित हड़ताल से एक दिन पहले जनजागरण के लिए सभी जिलों में मोटरसाइकिल जुलूस निकाला जाएगा।
[30/01, 6:55 a.m.
*सरकार ने कोर्ट से कहा, उत्तीर्ण फीसद तय करने का निर्णय सही*
लखनऊ : प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में राज्य सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर लिखित परीक्षा के बाद उत्तीर्ण प्रतिशत तय करने के निर्णय को सही बताया है।सरकार की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि उसकी मंशा है कि अच्छे अभ्यर्थियों का चयन हो। 25 जुलाई, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने करीब एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति को रद करते हुए उन्हें दो बार भर्ती में वरीयता देने की जो बात कही है उसका तात्पर्य यह नहीं है कि मेरिट से समझौता किया जाए।
[30/01, 6:55 a.m.]
*काउंटर साइन में फंसी कॉपियों की उठान*
लखनऊ : यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण जारी है। मंगलवार को कई विद्यालयों के पत्रों पर काउंटर साइन नहीं हो सके। इसकी वजह से स्ट्रांगरूम से कॉपियां जारी नहीं की जा सकीं।राजधानी के निशातगंज जीआइसी के स्ट्रांग रूम में उत्तर पुस्तिका रखी गई हैं। यहां से जेल समेत 113 परीक्षा केंद्रों को कॉपियों का वितरण करना है। सोमवार को दो व मंगलवार को सिर्फ 14 विद्यालयों को कॉपी जारी की जा सकीं। लेटर पर डीआइओएस के काउंटर साइन न होने दर्जन भर स्कूलों के केंद्र व्यवस्थापकों को लौटा दिया गया। ऐसे में केंद्र व्यवस्थापक व संचालक डीआइओएस कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के इंस्पायर अवार्ड में होने की जानकारी मिली। ऐसे में सभी वापस हो गए। वहीं केंद्रों को दो दिन में कॉपियों को रिसीव करने के निर्देश दिए हैं। एक फरवरी से प्रतियोगी परीक्षाओं के चलते तीन दिन स्ट्रांग रूम बंद रहने की संभावना है।
[30/01, 6:55 a.
*पीसीएस जे की मुख्य परीक्षा आज से*
प्रयागराज : उप्र न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) यानी पीसीएस जे 2018 की मुख्य परीक्षा बुधवार से प्रयागराज और लखनऊ में शुरू हो जाएगी। जो 30, 31 और एक फरवरी को होगी।
[30/01,
*सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को शोध के लिए मिली मंजूरी*
सिद्धार्थनगर: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आगामी सत्र से शोध प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएंगी। इसके लिए मंजूरी मिल गई है। स्थापना से अब तक शोध करने की व्यवस्था नहीं थी। उक्त बातें कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने शोध अध्यादेश विद्या परिषद एवं कार्य परिषद से पारित करवाकर स्वीकृति के लिए कुलाधिपति के पास राजभवन भेजा गया था। उन्होंने सहमति दे दी है। इसके लिए संबद्ध महाविद्यालयों से पात्र शिक्षकों की सूची मंगवा लिया जाएगा। संयुक्त शोध उपाधि समिति की बैठक के जरिये योग्य को फरवरी मार्च तक मान्यता दे दी जाएगी। विषयवार नियुक्ति होगी। इसके लिए अप्रैल या मई माह में विज्ञापन निकाल दिया जाएगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र में सृजित पद भरने के लिए भी अनुमति मिल गई है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र में तीन आचार्य, छह उपाचार्य एवं बारह सहायक पदों पर नियुक्ति की जानी है। अन्य विषयों की पढ़ाई के लिए आचार्यो की नियुक्ति भी होगी। इस पर तैयारी चल रही है। छात्रवास भवन तैयार हो चुका है। छात्र-छात्रओं को जल्द ही मिल भी जाएगी। अंत में उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में महराजगंज जिले के कोल्हुई से एक बस का संचालन की प्रक्रिया चल रही है। इससे वहां के छात्रों को विवि आने-जाने में सुविधा होगी
[30/01, 6:55
*विवि की शिक्षक चयन प्रक्रिया फिर शुरू होगी*
गोरखपुर : यूजीसी के निर्देश के बाद दीदउ गोरखपुर विविमें स्थगित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को एक बार शुरू करने के एजेंडे के साथ मंगलवार को कार्य परिषद की बैठक ा की गई। 1 प्रशासनिक भवन के कमेटी कक्ष में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि हंिदूी विभाग में साक्षात्कार के बाद चयन समिति द्वारा संस्तुत बंद लिफाफे को खोले जाने के लिए राज्यपाल से अनुमति ली जाएगी। अनुमति लेने की स्थिति चयन प्रक्रिया के बाद निर्धारित चार महीने की अवधि बीत जाने के चलते आई है। कार्य परिषद ने यह निर्णय विधिक सलाहकार से मिली सलाह के बाद लिया है। हंिदूी विषय का साक्षात्कार 11 से 16 जुलाई के बीच सम्पन्न हुआ था। यूजीसी के निर्देश के क्रम में ही स्थगित हुई कुछ विभागों में शिक्षक चयन प्रक्रिया को लेकर भी कार्य परिषद सदस्यों ने विचार किया। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार चयन प्रक्रिया फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। यूजीसी के निर्देश के बाद मनोविज्ञान, कंप्यूटर साइंस, पत्रकारिता, व्यवसाय प्रशासन और जैव प्रौद्योगिकी विभाग की चयन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। इसके अलावा बैठक में महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ स्थापित किए जाने के लिए शैक्षिक और शिक्षणोत्तर पदों के संचालन से संबंधित अध्यादेश, नियम और विनियम से जुड़े कुलाधिपति के आदेश से भी परिषद के सदस्यों को अवगत कराया गया। अध्यक्षता कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह ने की।
[30/01,
*प्रवेश परीक्षा 2 फरवरी को*
बांसी: जवाहर नवोदय विद्यालय में रिक्त सीटों पर कक्षा नौ में प्रवेश के लिए आगामी 2 जून की तिथि निर्धारित की गई है। जिन छात्रों ने इसके लिए आवेदन किया है, वह नवोदय विद्यालय समिति, मुख्यालय की वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। उक्त आशय की जानकारी प्राचार्य नीलम श्रीवास्तव ने देते हुए कहां कि यह परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक होगी।प्रवेश परीक्षा 2 फरवरी को
*शिक्षकों की सीआर भरना होगा अनिवार्य*
प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में किस घंटे में कौन सा पाठ पढ़ाया जाना है, यह तय है। शिक्षक पाठ्यक्रम बच्चों को अच्छे से समझा सकें इसके लिए कई माड्यूल भी विकसित भी हो चुके हैं, फिर भी परिषदीय स्कूलों की दशा में अपेक्षित सुधार नहीं है। वजह शिक्षक पठन-पाठन के प्रति बेपरवाह हैं, कई शिक्षकों का तो स्कूल संचालन में भी सहयोग नहीं होता। शिक्षकों के कार्य व व्यवहार में सुधार लाने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने कदम बढ़ाए हैं।प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षक की सर्विस बुक बनाई जाती है, जिसमें उसकी नियुक्ति की सूचना के साथ ही वेतनमान, मेडिकल, सीसीएल सहित अन्य सूचनाएं दर्ज करने के निर्देश हैं। इसके अलावा हर वर्ष सभी शिक्षकों की कांफिडेंशियल रिपोर्ट यानी सीआर दर्ज होना चाहिए। यह जिम्मेदारी उस क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी को दी गई है। हालत यह है कि सर्विस बुक में तमाम शिक्षकों की अहम सूचनाएं दर्ज ही नहीं हो रही हैं। मेडिकल, दंड या पुरस्कार व कार्य व्यवहार दर्ज करने के नाम पर खानापूरी की जा रही है। ऐसे में परिषद मुख्यालय अब सीआर दर्ज करने को अनिवार्य करने जा रहा है।
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*विद्यार्थियों ने देखी ‘परीक्षा पे चर्चा’*
गोरखपुर : ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विद्यार्थियों के बीच हुई चर्चा को शहर में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के अलावा भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देखा। इसके लाइव टेलीकास्ट को देखने के लिए लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन, सरस्वती विद्या मंदिर आर्यनगर और राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में पार्टी की ओर से इंतजाम किया गया था। चर्चा में प्रधानमंत्री ने परीक्षार्थियों को परीक्षा में अधिक से अधिक अंक हासिल करने के टिप्स दिए। सरस्वती विद्या मंदिर में प्रसारण के बाद भाजपा प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने हर वर्ग और हर तबके से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है। गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सच्चे अर्थो में देश के अभिभावक हैं। इस दौरान पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश निषाद, राहुल श्रीवास्तव, शिवजी सिंह, हरेकृष्ण सिंह, प्रभात राय, डॉ. रीना त्रिपाठी, बृजेश मणि मिश्र, शशिकांत सिंह आदि मौजूद रहे। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र नाथ सिंह, प्रधानाचार्य नंद प्रसाद यादव, प्रवक्ता जगत बिहारी मिश्र, ओम प्रकाश शर्मा, गिरिजेश दत्त पांडेय, शंभू दत्त पांडेय आदि मौजूद रहे। वहीं केंद्रीय विद्यालय, एयरफोर्स में कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय श्रीवास्तव, अखिलेश त्रिपाठी समेत शिक्षक व छात्र
*यूपी बोर्ड: विद्यालयों में प्रश्न पत्रों को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखें स्कूल*
अम्बेडकरनगर।यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचा दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपनी मौजूदगी में केन्द्रों को प्रश्न पत्रों को पहुंचवाया। उन्होंने कहा है कि प्रश्न पत्रों की सुरक्षा में कोई भी ढिलाई न बरती जाए। यदि किसी तरह की समस्या आए तो तत्काल इसकी सूचना दी जाए।बोर्ड ने पिछले दिनों प्रश्न पत्रों की आपूर्ति की थी। इसे नगर के डा. जीके जेतली इंटर कालेज में रखा गया था। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बोर्ड के निर्देश के क्रम में अधीनस्थ अधिकारियों के साथ प्रश्न पत्रों को केन्द्रों तक बस से पहुंचवाया। इस दौरान पुलिस की सुरक्षा भी रही। केन्द्रों पर बीजक से मिलान के साथ प्रश्न पत्रों को लोहे की अलमारी में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा गया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा है कि प्रश्न पत्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती
*महिला शिक्षामित्र की मौत,परिजन बोले सदमे ने ली जान*
(सीतापुर)।गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय स्थित सूरजपुर में तैनात शिक्षामित्र राम देवी (45) की मंगलवार सुबह अचानक मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक रामदेवी समायोजन रद्द होने के बाद से परेशान रहती थीं। इसी वजह से उन्हें हार्ट अटैक पड़ा जिससे उनकी मौत हो गई।जानकारी के अनुसार गोंदलामऊ क्षेत्र के चांदपुर मजरा सूरजरपुर निवासी राम देवी शिक्षामित्र के पद पर सूरजपुर के प्राथमिक विद्यालय में तैनात थीं। मृतका के पति पुतानलाल के मुताबिक सोमवार को स्कूल से लौटने के बाद खाना खाया। शाम के वक्त दो बार खून की उल्टियां हुईं।परिवारीजन रामदेवी को इलाज के लिए लखनऊ ले जा रहे थे।रास्ते में रामदेवी ने दम तोड़ दिया। पति पुतानलाल का कहना है कि रामदेवी गांव के ही स्कूल में समायोजित शिक्षक पद पर तैनात थी। समायोजन रद होने के बाद से वह सदमे में रहती थी। दूसरी ओर, शिक्षामित्र की मौत की सूचना मिलते ही सैकड़ों शिक्षक जुट गए। गोंदलामऊ ब्लॉक शिक्षक संघ के लोग भी पहुंच गए। शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रामसेवक पाल का कहना है कि राम देवी की मौत से शिक्षमित्रों में दुख की लहर है।रामदेवी समायोजित शिक्षामित्र थीं। समायोजन रद होने के बाद से रामदेवी सदमे में रहती थीं। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र शुक्ला का कहना है कि घटना दुखद है। शिक्षक संघ के साथ मिलकर परिवार को आर्थिक सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है।
[30/01,
*मल्टीनेशनल कंपनी देगी बीटेक व एमसीए छात्रों को नौकरी*
*गुरुवार को रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि*
*बीटेक कम्प्यूटर साइंस छात्रों के लिए भी नौकरी का सुनहरा मौका*
लखनऊ।डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय बीटेक, एमटेक और एमसीए पास आउट छात्रों के लिए प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन करने जा रहा है।प्रशासन के अनुसार प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिए छात्रों को एकेटीयू की वेबसाइट पर 30 जनवरी तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। प्रशासन के अनुसार बीटेक एवं एमटेक पास आउट छात्रों के लिए एक मल्टी नेशनल कंपनी में सिस्टम इंजीनियर के पद पर भर्ती के लिए छात्रों का प्लेसमेंट करेगी। इसके अलावा गुड़गांव स्थित एक निजी कंपनी भी एमसीए व बीटेक छात्रों के लिए प्लेसमेंट करने एकेटीयू आ रही है। कंपनी अपने यहां पर प्रोडक्ट इंजीनियर के पद पर छात्रों की भर्ती करेगी। प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल होने के लिए छात्रों को 30 जनवरी तक विश्वविद्यालय की इंडस्ट्री इंटरफ्रेंस सेल में अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद ही वह परीक्षा और इंटरव्यू के अर्ह होंगे। बीटेक 2018 पास आउट छात्र प्लेसमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा बीटेक कम्प्यूटर साइंस के छात्रों को मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिल सकता है। एकेटीयू के इंडस्ट्री इंटरफ्रेंस सेल की ओर से बीटेक कम्प्यूटर साइंस विषय के छात्रों के लिए विशेष तौर पर प्लेसमेंट ड्राइव चलाई जाएगी। छात्र इसमें शामिल होने के लिए 4 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। छात्रों को एप डेवलपर, कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग और फ्रांट एंड प्रोग्रामर के पद पर नौकरी के लिए इंटरव्यू लिए जाएंगे।
[30/01, 6:53 a.m.
*मेरिट से समझौता न हो इसलिए तय किया गया क्वालिफाइंग मार्क्स*
*आज भी जारी रहेगी सुनवाई*
लखनऊ। सहायक शिक्षकों के 69 हजार पदों पर भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष राज्य सरकार ने मंगलवार को अपना जवाब दाखिल किया। सरकार की ओर से लिखित परीक्षा के बाद क्वालिफांइग मार्क्स तय करने के अपने निर्णय को सही करार देते हुए कहा गया कि उसकी मंशा क्वालिटी एजुकेशन देने की है और उसके लिए क्वालिटी अध्यापकों की आवश्यकता है।सरकार का यह भी कहना था कि 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने करीब एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति को रद् करते हुए, उन्हें दो बार भर्ती में वेटेज देने की जो बात कही है, उसका अर्थ यह कत्तई नहीं है कि मेरिट से समझौता किया जाए। सरकार ने अपने जवाब में यह भी कहा कि सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए पूर्व में हुई परीक्षा में एक लाख सात सौ अभ्यर्थी शामिल हुए थे जबकि इस बार 6 जनवरी 2019 को हुई परीक्षा में चार लाख दस हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अभ्यर्थियों की इतनी बड़ी संख्या देखते हुए, क्वालिफाइंग मार्क्स नियत करना आवश्यक हो गया था। सरकार की ओर से 17 जनवरी को पारित यथास्थिति के आदेश को खारिज किये जाने की भी मांग की गई है। इस पर न्यायालय ने सरकार के जवाब को रिकॉर्ड पर लेकर मामले की सुनवाई बुधवार को जारी रखने का आदेश दिया है। इस दौरान यथास्थिति का आदेश बना रहेगा।यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल सदस्यीय पीठ ने मोहम्मद रिजवान आदि की ओर से दाखिल याचिकाओं पर दिया। वहीं याचियों की ओर से भी सरकार के जवाब पर प्रत्युत्तर शपथपत्र दाखिल किया गया। उल्लेखनीय है कि 1 दिसम्बर 2018 को प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की गई थी। इस क्रम में 6 जनवरी 2019 को लिखित परीक्षा हुई। इसके अगले दिन 7 जनवरी को सरकार ने सामान्य अभ्यर्थियों के लिए 65 प्रतिशत व आरक्षित श्रेणी के लिए 60 प्रतिशत क्वालिफाइंग मार्क्स तय कर दिये। सरकार के इसी निर्णय को याचियों ने चुनौती दी है। ये सभी याचिकाकर्ता पूर्व में शिक्षामित्र रहे हैं। इनका कहना है कि मात्र शिक्षामित्रों को रोकने के लिए सरकार ने क्वालिफाइंग मार्क्स का निर्णय लिया है।
*शुरुआत में सरकार रही बैकफुट पर*
17 जनवरी को परिणाम घोषित करने पर यथास्थिति पारित करने के अगले दिन ही मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकार की ओर से पेश मुख्य स्थाई अधिवकता से पूछा था कि क्या सरकार 7 जनवरी के शासनादेश के बगैर परीक्षा परिणाम घोषित करने को तैयार है। न्यायालय ने निर्देश प्राप्त कर उसी दिन जानकारी देने को कहा लेकिन अपर महाधिवक्ता व मुख्य स्थाई अधिवक्ता ने बताया कि सरकार से अभी तक उन्हें समुचित निर्देश नहीं मिले हैं और पूरी बात रखने के लिए दो दिन के समय की मांग की गई। जिसके बाद न्यायालय ने यथास्थिति अगली सुनवाई तक बनाए रखने के आदेश दे दिये। जिसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने सरकार का पक्ष रखना शुरू किया।
*आइटी में युवाओं को प्रशिक्षित करेगा नाइलेट*
*मेक इन इंडिया के अंतर्गत हुआ महत्वपूर्ण समझौता*
*एमटेक सहित विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन का विकास उद्देश्य*
गोरखपुर : राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलेट) इलेक्ट्रानिक व आइटी में युवाओं को प्रशिक्षित करेगा। नाइलेट के अधिशासी निदेशक डॉ. अनिल धर द्विवेदी व आइटीआइ लिमिटेड मनकापुर प्लांट के महाप्रबंधक राजीव सेठ के बीच ‘मेक इन इंडिया’ के अंतर्गत महत्वपूर्ण समझौता हुआ। समझौते का मुख्य उद्देश् सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एसएससी (इलेक्ट्रानिक्स एंड कंप्यूटर) व एमटेक सहित विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन का विकास करना है। नाइलेट के अधिशासी निदेशक डॉ. अनिल धर द्विवेदी ने बताया कि यह समझौता तकनीकी संस्थानों के संकायों और कर्मचारियों को चयनित क्षेत्रों में बौद्धिक क्षमता के विकास के लिए भी काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता 28 नवंबर 2015 को दोनों संस्थानों के बीच हस्ताक्षरित पहले समझौते का नवीनीकरण है।
[30/01, 6:55 a.m.]
*69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में रिजल्ट पर आज आ सकता है फैसला*
लखनऊ :69,000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में मंगलवार को शुरू हुई सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। इसके बाद ही परीक्षा परिणाम को घोषित करने का निर्णय आ सकता है। कोर्ट ने तब तक के लिए यथास्थिति के आदेश को बढ़ा दिया है।न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष सैकड़ों शिक्षा मित्रों की तरफ से दायर बड़ी संख्या में याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई हो रही है। छह जनवरी को हुई परीक्षा का परिणाम 22 जनवरी को आना था पर कोर्ट के आदेश की वजह से जारी नहीं हो सका। इन याचिकाओं में शिक्षक भर्ती परीक्षा में कटऑफ पिछली परीक्षा से अधिक रखे जाने को चुनौती दी गई है।
*क्वालीफाइंग मार्क्स को लेकर दी गई थी याचिका*
याचियों की तरफ से दलील दी गई कि पिछली शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनारक्षित व आरक्षित वर्गों के लिए अर्हता अंकों का कटऑफ क्रमश: 45 व 40 फीसदी था। जो इस परीक्षा में क्रमश: 65 व 60 फीसदी रखा गया है। याचियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना था कि कटऑफ को इतना बढ़ाया जाना उचित नहीं है क्योंकि इसका सीधा असर परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षामित्रों पर पड़ेगा।उधर, राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा का कहना था कि प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षक मिलें, इस लिहाज से ही इस बार कटऑफ निर्धारित किया गया है जो संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार है। इसके अलावा अन्य पक्षकारों के वकीलों ने भी अपनी दलीलें पेश कीं। इनमें पूर्व पक्षकारों की तरफ से जवाबी हलफनामे भी पेश किए गए।
[30/01, 6:55 a.m.]
*स्टेनोग्राफर परीक्षा के प्रवेश पत्र अपलोड*
प्रयागराज :एसएससी यानी कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 2019 में हो रही पहली बड़ी परीक्षा स्टेनोग्राफर ग्रेड ‘सी’ और ‘डी’ 2018 के अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। कंप्यूटर मोड से परीक्षा पांच फरवरी से शुरू हो रही है। इसके लिए एसएससी के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत एक लाख 29 हजार 20 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया। परीक्षा उप्र और बिहार के कुल 17 जिलों में कराई जाएगी, जबकि कुंभ मेले के चलते प्रयागराज में कोई केंद्र नहीं बनाया गया है।स्टेनोग्राफर ग्रेड ‘सी’ और ‘डी’ की लिखित परीक्षा पांच से सात फरवरी तक दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 से 12 और दूसरी दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक होगी। यूपी और पटना में कुल 65 केंद्र बनाए गए हैं जिनमें सबसे अधिक 18 केंद्र लखनऊ में हैं, क्योंकि लखनऊ में अभ्यर्थी भी सबसे अधिक 28 हजार 869 हैं। सबसे कम 1321 अभ्यर्थी अलीगढ़ में हैं। एसएससी ने अभ्यर्थियों से कहा है कि प्रवेश पत्र वेबसाइट पर उपलब्ध हैं जिन्हें डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें। सभी केंद्रों पर तैयारी की समीक्षा भी एसएससी की ओर से शुरू कर दी गई है। मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक राहुल सचान ने बताया कि परीक्षा ऑनलाइन होनी है इसलिए तकनीकी रूप से भी तैयारी मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
[30/01, 6:55 a.m.]
*418 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों को कॉलेज हुआ आंवटित*
प्रयागराज : प्रदेश भर के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक कालेजों के लिए हंिदूी विषय के 418 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों का और चयन हुआ है। यह चयन वर्ष 2013 के सापेक्ष किया गया है, क्योंकि चयन बोर्ड ने हंिदूी विषय में जितने पदों का विज्ञापन जारी किया, उससे कम पदों के लिए शिक्षकों का चयन हुआ। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, कोर्ट ने कहा कि चयन बोर्ड को पद घटाने का अधिकार नहीं है। इसीलिए अवशेष व रिक्तियों से अधिक पदों के लिए चयन करके उन्हें कालेज भी आवंटित किए गए हैं।चयन बोर्ड ने वर्ष 2013 में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक हंिदूी विषय का विज्ञापन निकाला था और चयन सूची में अभ्यर्थियों के पद घटा दिए गए थे। संजय कुमार सिंह बनाम उप्र राज्य व अन्य मामले में हाईकोर्ट ने 28 नवंबर 2018 को आदेश दिया।इसमें कहा गया कि चयन बोर्ड को पद घटाने का अधिकार नहीं है। ऐसे में चयन बोर्ड ने नियमावली 1998 के नियम 12 (8) में दी गई व्यवस्था के अनुसार इस विषय के अवशेष अभ्यर्थियों का पैनल जारी कर दिया है।इसमें बालक वर्ग में सामान्य के 63, पिछड़ा वर्ग के 47 और अनुसूचित जाति के 63 अभ्यर्थियों को कालेज आवंटित हुए हैं। ऐसे ही बालिका वर्ग में सामान्य के आठ, ओबीसी के तीन और अनुसूचित जाति की पांच का चयन हुआ है। चयन बोर्ड ने इसी भर्ती में रिक्तियों की संख्या से अधिक करीब 25 प्रतिशत और बालक-बालिकाओं का भी पैनल घोषित किया है।बालक वर्ग में सामान्य के 99, ओबीसी के 53 और अनुसूचित जाति के 57 अभ्यर्थी हैं। ऐसे ही बालिका वर्ग में सामान्य की नौ, ओबीसी की चार व अनुसूचित जाति की पांच बालिकाएं हैं। इस तरह से अवशेष के 191 व रिक्तियों से अधिक में 227 का चयन हुआ है। इन सभी को कालेज आवंटन हो गया है। अब इन चयनितों को संबंधित कालेजों में नियुक्ति मिल सकेगी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
[30/01, 6:55
*इलाहाबाद राज्य विवि को मिलेगा पूर्व संघ प्रमुख रज्जू भैया का नाम*
लखनऊ योगी सरकार इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय का नामकरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक प्रो. राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया की स्मृति में करेगी। इसके लिए उप्र राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है।अधिनियम में संशोधन के लिए विधानमंडल के बजट सत्र में विधेयक लाने का इरादा है। इस फैसले को अमली जामा पहना कर सरकार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अपने एजेंडे को और धार देना चाहती है। वहीं संघ से अपने रिश्तों को लेकर सियासी विरोधियों को करारा जवाब भी देना चाहती है।फैजाबाद और इलाहाबाद जिलों का नाम बदलने तथा मुगलसराय जंक्शन व तहसील का नामकरण पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में करने के बाद योगी सरकार नाम परिवर्तित करने का एक और फैसला करने जा रही है। मूलत: बुलंदशहर के निवासी रहे प्रो.राजेंद्र सिंह आरएसएस के चौथे सरसंघचालक थे। उन्होंने 1994 से 2000 तक छह वर्षो तक यह जिम्मेदारी संभाली। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय (अब केंद्रीय विश्वविद्यालय) में भौतिकी के मेधावी विद्यार्थी थे। इसी विश्वविद्यालय में वह भौतिकी के शिक्षक बने और बाद में विभागाध्यक्ष भी। आरएसएस की शाखा के बाद कई बार वह सफेद शर्ट और खाकी हाफ पैंट पहने हुए ही विद्यार्थियों को पढ़ाने आ जाते थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षण के दौरान भी वह आरएसएस से जुड़े थे। वर्ष 1966 में विश्वविद्यालय की नौकरी छोड़कर वह संघ के प्रचारक बन गए। 2003 में उनका देहावसान हुआ।इलाहाबाद विवि को केंद्रीय विवि का दर्जा मिलने के बाद राज्य सरकार ने प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की है जिसका नामकरण अब आरएसएस के दिवंगत प्रमुख की याद में करने की तैयारी है।
[30/01,
*धुंधली हुईं सरकार से उम्मीदें, छह से हड़ताल तय*
लखनऊ : पुरानी पेंशन बहाली के लिए शासन द्वारा गठित समिति के बेनतीजा खत्म होने के बाद परदे के पीछे चल रहे प्रयास भी बेअसर होते देख प्रदेश के लाखों राज्य कर्मचारियों व शिक्षकों ने हड़ताल की ओर कदम बढ़ा दिया है। छह फरवरी से प्रस्तावित एक हफ्ते की हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी जिलों में इसकी कमान संभालने के लिए केंद्रीय पदाधिकारी भेजे जा रहे हैं।दूसरी तरफ पुरानी पेंशन पर गतिरोध टालने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय और अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश अवस्थी भी लखनऊ से दिल्ली तक प्रयास में जुटे थे लेकिन, अब इससे भी कर्मचारी नेताओं को कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा है। मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि इन परिस्थितियों में अब हड़ताल की तैयारी तेज करने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि छह फरवरी से प्रस्तावित हड़ताल से एक दिन पहले जनजागरण के लिए सभी जिलों में मोटरसाइकिल जुलूस निकाला जाएगा।
[30/01, 6:55 a.m.
*सरकार ने कोर्ट से कहा, उत्तीर्ण फीसद तय करने का निर्णय सही*
लखनऊ : प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में राज्य सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर लिखित परीक्षा के बाद उत्तीर्ण प्रतिशत तय करने के निर्णय को सही बताया है।सरकार की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि उसकी मंशा है कि अच्छे अभ्यर्थियों का चयन हो। 25 जुलाई, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने करीब एक लाख 37 हजार शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति को रद करते हुए उन्हें दो बार भर्ती में वरीयता देने की जो बात कही है उसका तात्पर्य यह नहीं है कि मेरिट से समझौता किया जाए।
[30/01, 6:55 a.m.]
*काउंटर साइन में फंसी कॉपियों की उठान*
लखनऊ : यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण जारी है। मंगलवार को कई विद्यालयों के पत्रों पर काउंटर साइन नहीं हो सके। इसकी वजह से स्ट्रांगरूम से कॉपियां जारी नहीं की जा सकीं।राजधानी के निशातगंज जीआइसी के स्ट्रांग रूम में उत्तर पुस्तिका रखी गई हैं। यहां से जेल समेत 113 परीक्षा केंद्रों को कॉपियों का वितरण करना है। सोमवार को दो व मंगलवार को सिर्फ 14 विद्यालयों को कॉपी जारी की जा सकीं। लेटर पर डीआइओएस के काउंटर साइन न होने दर्जन भर स्कूलों के केंद्र व्यवस्थापकों को लौटा दिया गया। ऐसे में केंद्र व्यवस्थापक व संचालक डीआइओएस कार्यालय पहुंचे। यहां अधिकारियों के इंस्पायर अवार्ड में होने की जानकारी मिली। ऐसे में सभी वापस हो गए। वहीं केंद्रों को दो दिन में कॉपियों को रिसीव करने के निर्देश दिए हैं। एक फरवरी से प्रतियोगी परीक्षाओं के चलते तीन दिन स्ट्रांग रूम बंद रहने की संभावना है।
[30/01, 6:55 a.
*पीसीएस जे की मुख्य परीक्षा आज से*
प्रयागराज : उप्र न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) यानी पीसीएस जे 2018 की मुख्य परीक्षा बुधवार से प्रयागराज और लखनऊ में शुरू हो जाएगी। जो 30, 31 और एक फरवरी को होगी।
[30/01,
*सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को शोध के लिए मिली मंजूरी*
सिद्धार्थनगर: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आगामी सत्र से शोध प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएंगी। इसके लिए मंजूरी मिल गई है। स्थापना से अब तक शोध करने की व्यवस्था नहीं थी। उक्त बातें कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने शोध अध्यादेश विद्या परिषद एवं कार्य परिषद से पारित करवाकर स्वीकृति के लिए कुलाधिपति के पास राजभवन भेजा गया था। उन्होंने सहमति दे दी है। इसके लिए संबद्ध महाविद्यालयों से पात्र शिक्षकों की सूची मंगवा लिया जाएगा। संयुक्त शोध उपाधि समिति की बैठक के जरिये योग्य को फरवरी मार्च तक मान्यता दे दी जाएगी। विषयवार नियुक्ति होगी। इसके लिए अप्रैल या मई माह में विज्ञापन निकाल दिया जाएगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र में सृजित पद भरने के लिए भी अनुमति मिल गई है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र में तीन आचार्य, छह उपाचार्य एवं बारह सहायक पदों पर नियुक्ति की जानी है। अन्य विषयों की पढ़ाई के लिए आचार्यो की नियुक्ति भी होगी। इस पर तैयारी चल रही है। छात्रवास भवन तैयार हो चुका है। छात्र-छात्रओं को जल्द ही मिल भी जाएगी। अंत में उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में महराजगंज जिले के कोल्हुई से एक बस का संचालन की प्रक्रिया चल रही है। इससे वहां के छात्रों को विवि आने-जाने में सुविधा होगी
[30/01, 6:55
*विवि की शिक्षक चयन प्रक्रिया फिर शुरू होगी*
गोरखपुर : यूजीसी के निर्देश के बाद दीदउ गोरखपुर विविमें स्थगित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को एक बार शुरू करने के एजेंडे के साथ मंगलवार को कार्य परिषद की बैठक ा की गई। 1 प्रशासनिक भवन के कमेटी कक्ष में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि हंिदूी विभाग में साक्षात्कार के बाद चयन समिति द्वारा संस्तुत बंद लिफाफे को खोले जाने के लिए राज्यपाल से अनुमति ली जाएगी। अनुमति लेने की स्थिति चयन प्रक्रिया के बाद निर्धारित चार महीने की अवधि बीत जाने के चलते आई है। कार्य परिषद ने यह निर्णय विधिक सलाहकार से मिली सलाह के बाद लिया है। हंिदूी विषय का साक्षात्कार 11 से 16 जुलाई के बीच सम्पन्न हुआ था। यूजीसी के निर्देश के क्रम में ही स्थगित हुई कुछ विभागों में शिक्षक चयन प्रक्रिया को लेकर भी कार्य परिषद सदस्यों ने विचार किया। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार चयन प्रक्रिया फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। यूजीसी के निर्देश के बाद मनोविज्ञान, कंप्यूटर साइंस, पत्रकारिता, व्यवसाय प्रशासन और जैव प्रौद्योगिकी विभाग की चयन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। इसके अलावा बैठक में महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ स्थापित किए जाने के लिए शैक्षिक और शिक्षणोत्तर पदों के संचालन से संबंधित अध्यादेश, नियम और विनियम से जुड़े कुलाधिपति के आदेश से भी परिषद के सदस्यों को अवगत कराया गया। अध्यक्षता कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह ने की।
[30/01,
*प्रवेश परीक्षा 2 फरवरी को*
बांसी: जवाहर नवोदय विद्यालय में रिक्त सीटों पर कक्षा नौ में प्रवेश के लिए आगामी 2 जून की तिथि निर्धारित की गई है। जिन छात्रों ने इसके लिए आवेदन किया है, वह नवोदय विद्यालय समिति, मुख्यालय की वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। उक्त आशय की जानकारी प्राचार्य नीलम श्रीवास्तव ने देते हुए कहां कि यह परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक होगी।प्रवेश परीक्षा 2 फरवरी को
*शिक्षकों की सीआर भरना होगा अनिवार्य*
प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में किस घंटे में कौन सा पाठ पढ़ाया जाना है, यह तय है। शिक्षक पाठ्यक्रम बच्चों को अच्छे से समझा सकें इसके लिए कई माड्यूल भी विकसित भी हो चुके हैं, फिर भी परिषदीय स्कूलों की दशा में अपेक्षित सुधार नहीं है। वजह शिक्षक पठन-पाठन के प्रति बेपरवाह हैं, कई शिक्षकों का तो स्कूल संचालन में भी सहयोग नहीं होता। शिक्षकों के कार्य व व्यवहार में सुधार लाने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने कदम बढ़ाए हैं।प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षक की सर्विस बुक बनाई जाती है, जिसमें उसकी नियुक्ति की सूचना के साथ ही वेतनमान, मेडिकल, सीसीएल सहित अन्य सूचनाएं दर्ज करने के निर्देश हैं। इसके अलावा हर वर्ष सभी शिक्षकों की कांफिडेंशियल रिपोर्ट यानी सीआर दर्ज होना चाहिए। यह जिम्मेदारी उस क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी को दी गई है। हालत यह है कि सर्विस बुक में तमाम शिक्षकों की अहम सूचनाएं दर्ज ही नहीं हो रही हैं। मेडिकल, दंड या पुरस्कार व कार्य व्यवहार दर्ज करने के नाम पर खानापूरी की जा रही है। ऐसे में परिषद मुख्यालय अब सीआर दर्ज करने को अनिवार्य करने जा रहा है।
[30
*विद्यार्थियों ने देखी ‘परीक्षा पे चर्चा’*
गोरखपुर : ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विद्यार्थियों के बीच हुई चर्चा को शहर में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के अलावा भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देखा। इसके लाइव टेलीकास्ट को देखने के लिए लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन, सरस्वती विद्या मंदिर आर्यनगर और राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में पार्टी की ओर से इंतजाम किया गया था। चर्चा में प्रधानमंत्री ने परीक्षार्थियों को परीक्षा में अधिक से अधिक अंक हासिल करने के टिप्स दिए। सरस्वती विद्या मंदिर में प्रसारण के बाद भाजपा प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने हर वर्ग और हर तबके से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है। गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सच्चे अर्थो में देश के अभिभावक हैं। इस दौरान पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश निषाद, राहुल श्रीवास्तव, शिवजी सिंह, हरेकृष्ण सिंह, प्रभात राय, डॉ. रीना त्रिपाठी, बृजेश मणि मिश्र, शशिकांत सिंह आदि मौजूद रहे। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र नाथ सिंह, प्रधानाचार्य नंद प्रसाद यादव, प्रवक्ता जगत बिहारी मिश्र, ओम प्रकाश शर्मा, गिरिजेश दत्त पांडेय, शंभू दत्त पांडेय आदि मौजूद रहे। वहीं केंद्रीय विद्यालय, एयरफोर्स में कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय श्रीवास्तव, अखिलेश त्रिपाठी समेत शिक्षक व छात्र
*यूपी बोर्ड: विद्यालयों में प्रश्न पत्रों को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखें स्कूल*
अम्बेडकरनगर।यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचा दिए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपनी मौजूदगी में केन्द्रों को प्रश्न पत्रों को पहुंचवाया। उन्होंने कहा है कि प्रश्न पत्रों की सुरक्षा में कोई भी ढिलाई न बरती जाए। यदि किसी तरह की समस्या आए तो तत्काल इसकी सूचना दी जाए।बोर्ड ने पिछले दिनों प्रश्न पत्रों की आपूर्ति की थी। इसे नगर के डा. जीके जेतली इंटर कालेज में रखा गया था। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बोर्ड के निर्देश के क्रम में अधीनस्थ अधिकारियों के साथ प्रश्न पत्रों को केन्द्रों तक बस से पहुंचवाया। इस दौरान पुलिस की सुरक्षा भी रही। केन्द्रों पर बीजक से मिलान के साथ प्रश्न पत्रों को लोहे की अलमारी में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा गया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा है कि प्रश्न पत्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती
*महिला शिक्षामित्र की मौत,परिजन बोले सदमे ने ली जान*
(सीतापुर)।गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय स्थित सूरजपुर में तैनात शिक्षामित्र राम देवी (45) की मंगलवार सुबह अचानक मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक रामदेवी समायोजन रद्द होने के बाद से परेशान रहती थीं। इसी वजह से उन्हें हार्ट अटैक पड़ा जिससे उनकी मौत हो गई।जानकारी के अनुसार गोंदलामऊ क्षेत्र के चांदपुर मजरा सूरजरपुर निवासी राम देवी शिक्षामित्र के पद पर सूरजपुर के प्राथमिक विद्यालय में तैनात थीं। मृतका के पति पुतानलाल के मुताबिक सोमवार को स्कूल से लौटने के बाद खाना खाया। शाम के वक्त दो बार खून की उल्टियां हुईं।परिवारीजन रामदेवी को इलाज के लिए लखनऊ ले जा रहे थे।रास्ते में रामदेवी ने दम तोड़ दिया। पति पुतानलाल का कहना है कि रामदेवी गांव के ही स्कूल में समायोजित शिक्षक पद पर तैनात थी। समायोजन रद होने के बाद से वह सदमे में रहती थी। दूसरी ओर, शिक्षामित्र की मौत की सूचना मिलते ही सैकड़ों शिक्षक जुट गए। गोंदलामऊ ब्लॉक शिक्षक संघ के लोग भी पहुंच गए। शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रामसेवक पाल का कहना है कि राम देवी की मौत से शिक्षमित्रों में दुख की लहर है।रामदेवी समायोजित शिक्षामित्र थीं। समायोजन रद होने के बाद से रामदेवी सदमे में रहती थीं। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र शुक्ला का कहना है कि घटना दुखद है। शिक्षक संघ के साथ मिलकर परिवार को आर्थिक सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है।

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