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कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन कई घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस पर चला प्रदर्शन
कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन कई घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस पर चला प्रदर्शन
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परिवार वालों ने कार्रवाई और मुआवजे की रखी मांग
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का मिला आश्वासन
पुलिस की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार
कैदी रहीम की मौत का मामला
लखनऊ, 22 जनवरी।
वाहन चोरी के आरोप में जेल भेजे गये अब्दुल रहीम की मौत के मामले में मंगलवार को परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने पोस्टमार्टम हाउस पर शव रखकर कई घंटे तक हंगामा और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चौक इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस वालों पर रहीम की पिटाई का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और मृतक के परिवार वालों का मुआवजा दिलाने की मांग रखी। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने किसी तरह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया।
ठाकुरगंज के नगरिया निवासी अब्दुल रेहान उर्फ रहीम पत्नी यासमीन व बेटे आहिल के साथ रहता था। 15 जनवरी को चौक पुलिस ने वाहन चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 18 जनवरी को अब्दुल ने तबियत खराब होने की बात कही। जिसके बाद उसे इलाज के लिए जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि जेल अस्पताल में डाक्टरों ने मिर्गी का दौरान पडऩे पर अब्दुल को हाईडोज का इंजेक्शन दिया था पर हालत में सुधार नहीं हुआ। 19 जनवरी को कैदी को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं 20 जनवरी की रात डाक्टरों ने कैदी को ट्रामा सेन्टर रेफर कर दिया। एएसपी ने बताया कि सोमवार को इलाज के दौरान ही अब्दुल की ट्रामा सेन्टर में मौत हो गयी थी। कैदी की पत्नी यासमीन के मुताबिक चौक पुलिस ने 13 जनवरी को उसके पति को हिरासत में लिया था। कोतवाली में अब्दुल से पुलिस कर्मियों ने मारपीट की। बेतहासा पिटाई से अब्दुल के कंधे, पीठ व कुल्हे में चोट लगी थी। यासमीन के मुताबिक वह पति से जेल में भी जाकर मिली थी। उस दौरान भी अब्दुल ने पुलिस की पिटाई की बात बतायी थी। मंगलवार की दोपहर पोस्टमार्टम से पहले रहीम के परिवार वालों ने उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पहले से पुलिस को इस बात का अंदाजा था। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से कई थानों की फोर्स और पुलिस के अधिकारी मौके पर मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान परिवार वालों ने इंस्पेक्टर चौक उमेश चंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई और मृतक के परिवार वालों को मुआवजा दिलाये जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कई बार पुलिस वालों की हंगामा कर रहे लोगों से तीखी नोकझोंक भी हुई। मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशाासन के अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों से मिले इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए। इसके बाद रहीम के शव को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोग रहीम के शव को घर ले गये और वहां से पुलिस बल की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट का हुआ खुलासा
सोमवार को रहीम के शव को पोस्टमार्टम कराया गया। सूत्रों के अनुसार पीएम रिपोर्ट में रहीम के कमर के नीचे 6 चोटों का जिक्र किया गया है। सवाल अब यह उठने लगा है कि रहीम को यह चोट कैसे और कब लगी। एक तरफ पुलिस का कहना है कि उसने जब रहीम को जेल भेजा था तब मेडिकल में चोट का जिक्र नहीं है। वहीं जेल प्रशासन का दावा है कि जेल में दाखिले के दौरान रहीम ने चोट की बात कही थी। ऐसे में सवाल उठाने लगा है कि रहीम को जो भी चोट लगी है या तो वह चोट पुलिस की पिटाई से लगी है, या फिर जेल के अंदर रहते हुए रहीम को चोट लगी है। वहीं डाक्टरों ने मौत का सही कारण जानने के लिए विसरा परीक्षण भी सुरक्षित रख लिया है।
पुलिस व जेल प्रशासन के दावे अलग-अलग
जेल प्रशासन का कहना है कि 15 जनवरी दोपहर 2.30 बजे करीब अब्दुल का चौक पुलिस ने मेडिकल चेकअप कराया था। रहीम को 6.12 बजे जेल में दाखिल किया गया। सिपाही ने जेल गेट बुक में अब्दुल की इंट्री की थी। जेल अधीक्षक का कहना है कि सीसी कैमरे के सामने अब्दुल ने पीठ, कुल्हे व कंधे के पास दर्द होने की बात सिपाही के सामने कही थी,जिसकी इंट्री भी जेल बुक में दर्ज है। वहीं चौक पुलिस का दावा है कि जेल भेजने से पहले रहीम का बलरामपुर अस्पताल में चेकअप कराया गया था और मेडिकल में किसी तरह की कोई चोट का जिक्र नहीं है।
कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन कई घंटे तक पोस्टमार्टम हाउस पर चला प्रदर्शन
Reviewed by HTN Live
on
January 23, 2019
Rating: 5
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