नगर निगम ने 55.53 करोड़ ज्यादा वसूले
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लखनऊ । नगर निगम की आर्थिक हालत भले ही पतली हो मगर गत वर्ष की तुलना में हाउस टैक्स के मद में 55.53 करोड़ रुपये ज्यादा वसूले हैं। जबकि दिसंबर 2017 में वर्ष 2016 की तुलना में 33 करोड़ रुपये कम वसूली हुई थी। अपनी आय बढ़ाने में लगा नगर निगम वसूली बढ़ाने में लग गया है। नगर निगम सदन ने वार्ड विकास प्राथकिमता निधि को बढ़ाकर 95 लाख रुपये कर दिया। बिना कूड़ा कलेक्शन के पुरानी कंपनी को करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया। इसके चलते साल भर से नगर निगम वित्तीय संकट से जूझ रहा है। नगर निगम ने एक अप्रैल से दिसंबर 2016 तक करीब 128 करोड़ हाउस टैक्स वसूला था। यह हाल तब है जबकि हर साल अपार्टमेंटों की संख्या बढ़ रही है। नगर निगम कर विभाग अफसरों की मेहरबानी से हाउस टैक्स वसूली नहीं बढ़ रही है। हाल यह है अनावासीय श्रेणी के भवनों से आवासीय दर पर हाउस टैक्स वसूला जा रहा है। प्रचार कंपनियां विज्ञापन के जरिए करोड़ों रुपये कमा रही हैं। लेकिन नगर निगम को कर का एक हिस्सा भी नहीं मिल रहा है। शहर में होडिंर्गों की संख्या बढ़ रही है। ट्री गार्ड, फ्लावर पॉट, यूनीपोल समेत प्रचार के अन्य माध्यमों से एजेंसियां करोड़ों कमा रही हैं।

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