24 घंटे बाद भी नहीं हुई महिला की शिनाख्त, सूटकेस में ठूसा मिला था शव
HTN Live
*राजधानी लखनऊ*
लखनऊ महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में है, लेकिन पुलिस उसमें पलीता लगाने में जुटी है। गोसाईंगंज में सोमवार को सूटकेस में मिली महिला के शव की शिनाख्त 24 घंटे बाद भी नहीं हो सकी न ही हत्यारों का पता चल सका। यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते वर्षों में हुई ऐसी कई घटनाओं में लचर तफ्तीश के चलते पुलिस अभी तक महिलाओं की शिनाख्त तक नहीं कर सकी। उनके गुनहगारों को पकडऩा तो दूर की बात है।
*इन घटनाओं का पुलिस अभी तक नहीं कर सकी राजफाश*
*केस- 1*
चार दिसंबर 2015 को मडिय़ांव में दो महिलाओं के धड़ और सीतापुर में सिर मिले थे। महिला के हत्या और दुष्कर्म की पुष्टि हुई। लखनऊ क्राइम ब्रांच विवेचना कर रही है, लेकिन अभी तक महिलाओं की शिनाख्त की नहीं हो सकी।
*केस- 2*
29 जुलाई 2015 को निगोहां के जंगल में 26 वर्षीय महिला का शव मिला। पोस्टमार्टम में महिला की गोली मारकर हत्या की पुष्टि हुई। न हत्यारों का पता लगा न शव की शिनाख्त हुई।
*केस-3*
नौ अगस्त 2015 को बीकेटी थाना क्षेत्र में सीतापुर हाइवे के किनारे झाडिय़ों में 35 वर्षीय विवाहिता का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस अभी तक महिला की शिनाख्त ही नहीं कर सकी।
केस चार: 21 जनवरी को शहीद पथ किनारे जंगल में महिला की हत्या करके शव को सूटकेस में बंद कर फेंक दिया गया। उसके चेहरे और शरीर के अन्य अंगों पर जले के निशान थे।
*इन मामलों में भी हुई पुलिस की फजीहत*
मोहनलालगंज के बलसिंहखेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में 16 जुलाई 2014 को महिला की दङ्क्षरदगी के बाद हत्या कर दी गई थी। सुबह उसका निर्वस्त्र शव स्कूल परिसर से बरामद होने पर पुलिस की जमकर फजीहत हुई। इसी तरह गौरी हत्याकांड में भी पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी। इस मामले में भी पुलिस ने हत्यारोपित हिमांशु और अनुज को गिरफ्तार करके वारदात के राजफाश का दावा किया था। खुलासे से गौरी के पिता भी संतुष्ट नहीं थे।
*राजधानी लखनऊ*
लखनऊ महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में है, लेकिन पुलिस उसमें पलीता लगाने में जुटी है। गोसाईंगंज में सोमवार को सूटकेस में मिली महिला के शव की शिनाख्त 24 घंटे बाद भी नहीं हो सकी न ही हत्यारों का पता चल सका। यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते वर्षों में हुई ऐसी कई घटनाओं में लचर तफ्तीश के चलते पुलिस अभी तक महिलाओं की शिनाख्त तक नहीं कर सकी। उनके गुनहगारों को पकडऩा तो दूर की बात है।
*इन घटनाओं का पुलिस अभी तक नहीं कर सकी राजफाश*
*केस- 1*
चार दिसंबर 2015 को मडिय़ांव में दो महिलाओं के धड़ और सीतापुर में सिर मिले थे। महिला के हत्या और दुष्कर्म की पुष्टि हुई। लखनऊ क्राइम ब्रांच विवेचना कर रही है, लेकिन अभी तक महिलाओं की शिनाख्त की नहीं हो सकी।
*केस- 2*
29 जुलाई 2015 को निगोहां के जंगल में 26 वर्षीय महिला का शव मिला। पोस्टमार्टम में महिला की गोली मारकर हत्या की पुष्टि हुई। न हत्यारों का पता लगा न शव की शिनाख्त हुई।
*केस-3*
नौ अगस्त 2015 को बीकेटी थाना क्षेत्र में सीतापुर हाइवे के किनारे झाडिय़ों में 35 वर्षीय विवाहिता का शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस अभी तक महिला की शिनाख्त ही नहीं कर सकी।
केस चार: 21 जनवरी को शहीद पथ किनारे जंगल में महिला की हत्या करके शव को सूटकेस में बंद कर फेंक दिया गया। उसके चेहरे और शरीर के अन्य अंगों पर जले के निशान थे।
*इन मामलों में भी हुई पुलिस की फजीहत*
मोहनलालगंज के बलसिंहखेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में 16 जुलाई 2014 को महिला की दङ्क्षरदगी के बाद हत्या कर दी गई थी। सुबह उसका निर्वस्त्र शव स्कूल परिसर से बरामद होने पर पुलिस की जमकर फजीहत हुई। इसी तरह गौरी हत्याकांड में भी पुलिस की खूब किरकिरी हुई थी। इस मामले में भी पुलिस ने हत्यारोपित हिमांशु और अनुज को गिरफ्तार करके वारदात के राजफाश का दावा किया था। खुलासे से गौरी के पिता भी संतुष्ट नहीं थे।

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