Breaking News

नम्बर 1 बनने की कोशिश में भूला नगर निगम अधूरे पड़े शौचालयों की वजह बनी खुले में शौच

HTN Live



कई शौचालयों में सीट तक गायब, भरा हुआ है कूड़ा
लखनऊ। नगर निगम भले ही लखनऊ को स्वच्छ बनाने की कवायद में जुटा हो मगर राजधानी के शौचलायों की दिक्कत यहां की सुदंरता पर दाब लगाती नजर आ रही है। 
एलडीए कालोनी कानपुर रोड में अधूरे खड़े शौचालय शहर को खुले में शौंच से मुक्त करने के नगर निगम के दावों का माखौल उड़ा रहे हैं। एलडीए कालोनी कानपुर रोड हो या शारदानगर के रतनखण्ड व रुचिखण्ड। जगह जगह लोग आज भी खुले में शौंच जा रहे हैं। यहां नये बने शौचायल अधूरे खड़े हुए हैं। नगर के अधिकारियों ने जानकारी के बावजूद चुप्पी साध रखी है।
एलडीए कालोनी कानपुर रोड के सेक्टर एल व बंगला बाजार के आस पास के अलावा और कई इलाकों में आज भी सुबह शाम लोग खाली प्लाटों में खुले में शौंच कर रहे हैं। क्योंकि यहां लोगों के घरों में शौंचालय नहीं हैं। बड़ी संख्या में झुग्गी झोंपड़ी में भी लोग रहते हैं। वह भी खुले में ही शौंच जा रहे हैं। एलडीए कालोनी कानपुर रोड के सेक्टर एल व सेन्ट टेरसा स्कूल के आसा पास काफी संख्या में लोग खाली प्लाटों में सुबह शाम शौंच करने जाते हैं। इसकी वजह से यहां भीषण गंदगी फैली है। सेन्ट टेरेसा स्कूल के पास करीब छह महीने पहले नगर निगम ने शौचालय बनवाया था। शौचालय की बिल्डिंग आधी अधूरी खड़ी है। इसमें न तो सीट लगी है और न पानी का कनेक्शन हुआ है। प्लास्टर तक नहीं हुआ है। अंदर कूड़ा कचरा भरा हुआ है। यही हाल रतनखण्ड योजना का भी है। यहां कई बस्तियां बनी हैं। अम्बेडकर बस्ती में भी सैकड़ों लोग रहते हैं। इनके घरों में भी शौचालय नहीं है। यह भी खुले में शौंच करने जा रहा है। रुचिखण्ड में भी बड़ी संख्या में लोग खुले में शौंच कर रहे हैं। यहां भी शौचालय की स्थिति इसी तरह है।
एलडीए कालोनी कानपुर रोड के सेक्टर एल में सेंट टेरेसा स्कूल के पास भीषण गंदगी है। कचरे से पार्क व खाली प्लाट पटे हुए हैं। नगर निगम के कर्मचारी सफाई कर सारा कचरा इन्हीं प्लाटों में ढकेल रहे हैं। गंदगी व बदबू से यहां बीमारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। इस मामले में नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी पंकज भूषण का कहना है कि शौचालयों के अधूरे होने की जानकारी हमें नहीं है। कुछ जगहों पर बजट की कमी की वजह से शौचालय हो सकता है नहीं बन पाये हों। इस मामले को दिखवाया जायेगा। अधिशासी अभियन्ता से बात की जायेगी। शौंचालयों का निर्माण पूरा कराया जायेगा।

No comments