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अवैध पार्किंग से चौपट हुआ चौक




पार्किंग का काम धीमा, सड़क पर खड़ी की जा रहीं गाडय़िां
लखनऊ। चौक को खूबसूरत बनाने का दावा सरकार और शासन दोनों करते हैं, लेकिन यहां अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से सब चौपट हो गया है। गोल दरवाजे से कोनेश्वर मंदिर तक की सड़क की लम्बाई करीब 500 मीटर है। यहां सड़क के दोनों किनारों और गोल दरवाजे पर नजर डाली जाये तो जिम्मेदारों को भी बदहाली का पता चल जायेगा। यहां दोनों ओर सड़क पर हर रोज 100 से 200 गाडिय़ां खड़ी रहती हैं। जबकि यहां करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग बन रही है। इसे जुलाई में शुरु करने का दावा था, लेकिन अभी तक शुरु नहीं किया जा सका है। पार्किंग का निर्माण करने वाली संस्था के कर्मचारियों का कहना है कि काम पूरा है। सिर्फ  सफाई बाकी है, जिसके बाद 

यहां गाडिय़ां खड़ी की जा सकती हैं। जानकारी के बाद पता चला कि यहां 200 से ज्यादा कारें और सैकड़ों बाइक खड़ी करने की जगह है।
बुधवार को संवाददाता ने यहां का हाल लिया तो गोल दरवाजे पर 18 कारें और 53 बाइक खड़ी मिलीं। इस कारण चौराहे के चारों ओर करीब 10 से 15 फुट तक की जगह पर अवैध कब्जा रहता है। यहां महज 20 मीटर की दूरी पर चौक थाना और पुलिस चौकी भी है। इसके बाद भी पुलिस गाडिय़ां नहीं हटवाती। इतना ही नहीं चौराहे पर दिन पर मक्खन और चाय की दुकानें लगी रहती हैं। पहले जो मक्खन की दुकानें सिर्फ  सुबह लगती थीं अब दिन भर सजी रहती हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है।
वहीं गोल चौराहे से कोनेश्वर चौराहे की दूरी करीब 500 मीटर है। यहां कई जगह डिवाइडर नहीं है। इसका फायदा उठाकर लोग सड़क के बीच में गाडिय़ां खड़ी कर देते है। यहां डिवाइडर किनारे और सड़क के बीच में करीब 70 गाडिय़ां खड़ी मिलीं।

चौक डाक घर के पास सबसे ज्यादा परेशानी
डाक घर के सामने की सड़क 30 फुट चौड़ी है, लेकिन दोनों ओर गाड़ी खड़ी होने से यहां 15 फुट का भी रास्ता नहीं बचता।
डाक घर के निकट मन्नूलाल धर्मशाला के सामने की सड़क 20 से 22 फुट चौड़ी है। इसके बाद भी सड़क के बीच में और दोनों किनारों पर कारें और बाइक खड़ी की जाती हैं। इसके अलावा यहां फल की दुकानों से भी अतिक्रमण है। सूत्रों की माने तो इलाके के लोगों का दबदबा है। यही वजह है कि अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

अतिक्रमण को लेकर कई बार शिकायत की गयी मगर नतीजा शून्य रहा। अगर पार्किंग समय पर शुरु हो जाये तो आधी समस्या कम हो जायेगी।
                                                                  सुधीर वर्मा
पार्किंग को लेकर मेयर, स्थानीय विधायक और एलडीए तक को पत्र लिख चुके हैं। इसके बाद भी इसका काम धीमा चल रहा है।
                                                            मनीश कुमार
पिछले दो साल से पार्किंग के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन और नगर निगम की तरफ  से कोई ध्यान नहीं जाता ।
                                                                 राजेश गुप्ता
बाक्स
जनवरी के पहले सप्ताह में पार्किंग शुरु कर दी जायेगी। काम पूरा हो गया है। शासन से उद्घाटन की तारीख मिलते ही इसे शुरु कर दिया जायेगा।
                                                  पीएस मिश्रा, एक्सईएन, एलडीए

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