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स्वच्छता सर्वेक्षण की असल परीक्षा 4 जनवरी से 5000 अंकों की होगी सफाई परीक्षा

HTN Live


लखनऊ। स्वच्छता सर्वेक्षण की असल परीक्षा तो अब शुरु होने वाली है। चार जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 शुरु होगी। इस बार परीक्षा में माइनस मार्किंग भी है। डाक्यूमेंटशन के अलावा पब्लिक फीडबैक के लिए ज्यादा अंक निर्धारित किये गये हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में लखनऊ नगर निगम को 269वीं रैंक मिली थी। ऐसे में इस बार टॉप टेन में लाना नगर निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। आर्थिक तंगी, बे-पटरी सफाई व्यवस्था स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे बड़ी मुसीबत बनेंगे। सफाई के मामले में शहर को अच्छी रैंकिंग दिलाने के लिए नगर निगम को अभी से जुटना होगा। इस बार शहर की सफाई को लेकर होने वाली परीक्षा पांच हजार अंकों की होगी। पहले यह परीक्षा चार हजार अंकों की थी। चार जनवरी से शुरु हो रहे स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में अच्छी रैंक पाने के लिए नगर निगम ने तैयारियां शुरु कर दी हैं, लेकिन वर्तमान हालात को देखकर नहीं लगता है कि शहर को फिर अच्छे नंबर मिल पायेंगे। घर-घर से पूरी तरह से कूड़ा एकत्र नहीं हो पा रहा है। जानकारी के अनुसार 114 जगहों पर खुले में शौच हो रहा है। सफाई इंतजाम भी बेहतर नहीं है। हालांकि नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि बेहतर परिणाम देंगे। स्वच्छता की दिशा में बेहतर काम हो रहा है। निजी, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय में इजाफा हो रहा है। उम्मीद है कि लखनऊ नगर निगम इस बार अच्छे अंक लायेगा। हम अपने आस-पास का परिवेश स्वच्छ रखें, शहर अपने-आप साफ.-सुथरा हो जायेगा। सरकार भी पहल कर रही है, ऐसे में  हम सभी को जागरुक होना पड़ेगा। घर-घर से कचरे को एकत्र करने वाले वार्डों का प्रतिशत-अंक 45, जिन वार्डों में कूड़े की छटाई की जा रही है, उसका प्रतिशत और उसे अंतिम डिस्पोजल साइट तक ले जाना-अंक 65, वार्ड स्तर पर कचरा एकत्र करना, परिवहन और व्यावसायिक पर खाली की गई बिन्स की स्थिति, कचरे के लिहाज से संवेदनशील जगहों और स्टॉफ  की सूचना-अंक 50, अनौपचारिक रूप से कचरा एकत्र करने वाले कर्मचारियों की स्थाई आजीविका के लिए स्वयं सहायता समूहों, सरकारी संस्थाओं और अशासकीय संगठनों से जोड़े जाने का प्रतिशत-अंक 40, स्वच्छता कर्मचारियों को दिये जाने वाले (वर्दी सुरक्षा उपकरणए चिकित्सा सुविधा)-अंक 55, रात में सफाई दिन में दो बार व्यावसायिक क्षेत्रों की और एक बार आवासीय क्षेत्रों में सफाई। जानवरों का मल हटाना, कचरे के संवेदनशील क्षेत्रों में आया बदलाव, नालियों में ठोस और तरल पदार्थ न प्रवाहित हो। झुग्गी व पुराने क्षेत्र का सुंदरीकरण-अंक 65 तय किया जा चुका है। हालांकि नगर आयुक्त पूरी तरह आश्वस्त हैं कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार लखनऊ स्वच्छता सर्वेक्षण की परीक्षा में बेहतर साबित होगा।

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