हम अपने संघर्षशील नेता श्री शिवपाल सिंह यादव जी का अपमान नही सह सकते है किसी भी कीमत पर
HTN Live
वशिष्ठ चौबे ब्यूरो प्रमुख लखनऊ
उत्तर प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के बाहुबली और दबंग नेता आदरणीय डी पी यादव और समाजवादी पार्टी के संस्थापक आदरणीय धरती पुत्र श्री मुलायम सिंह यादव 1998 मैं संभल लोकसभा चुनाव के मैदान में आमने-सामने थे और भाजपा नेता डी पी यादव के सामने समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता असहाय और मजबूर महसूस कर रहे थे और डीपी यादव के तूफान को रोकने में नाकाम हो रहे थे और नेता जी की प्रतिष्ठा दांव पर थी उस संकट की घड़ी में नेताजी जी को डी पी यादव के सामने जीत दिलाने के लिए शेरे यूपी चाचा श्री शिवपाल सिंह यादव ने मोर्चा संभाला था और डीपी यादव जैसे बाहुबली नेता के तूफान को झकझोर कर रख दिया और नेता जी को जीत दिलाकर समाजवादी पार्टी का परचम लहराया था और डीपी यादव जैसे बाहुबली नेता की प्रतिष्ठा को धूल में मिला दिया था और आज नेताजी के लाल अखिलेश यादव अपने पिता तुल्य चाचा श्री शिवपाल सिंह यादव के लिए कहते हैं की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता के लिए जसवंत नगर की सीट छोड़ दी जाएगी उनके लोग आए और सरकार बनाएं उनके नेता को कैबिनेट मंत्री बना दिया जाएगा और इससे ज्यादा क्या एडजेस्टमेंट किया जा सकता है मैं अखिलेश यादव के शब्दों की कड़ी निंदा करता हूं अखिलेश यादव पत्रकारों से यह भी कह सकते थे कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चाचा श्री शिवपाल सिंह यादव हमारे पिता समान चाचा है हम उनके पास जाएंगे और चाचा की राय लेंगे हमारे चाचा जी जो हमें आदेश देंगे हम उस आदेश का पालन करेंगे लेकिन अखिलेश यादव ने जिन शब्दों में पत्रकारों को जवाब दिया उन शब्दों में अहंकार की बू आ रही है अखिलेश यादव की सोच इतनी निम्न हो सकती थी इसका अंदाजा किसी को नही था जिस चाचा ने 2012 में अखिलेश जी को मुख्यमंत्री की कुर्सी को सजाकर विरासत में दे दिया हो उस महान व्यक्तित्व वाले व्यक्ति को वह कैबिनेट मंत्री बनाएंगे मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं अखिलेश जी को क्योंकि अखिलेश यादव परिवार के लोगों का सम्मान करना भूल गए इसलिए जनता अखिलेश यादव को भूल गई जब तक अखिलेश यादव अपने से बड़ों का सम्मान करना नहीं सीखेंगे तब तक अखिलेश यादव सत्ता में दूर दूर तक नजर नहीं आएंगे घमंड अच्छे-अच्छे सुर वीरों का टूट गया है तो अखिलेश यादव कोई चीज नहीं अगर हमारे यह शब्द किसी समाजवादी भाई को गलत लगे तो मुझे माफ करना क्योंकि यह शब्द एक चाचा के अपमान में एक भाई के लिए एक छोटे भाई के हैं। इसकी जानकारी रामबाबू रस्तोगी प्रदेश अध्यक्ष प्रगतिशील समाजवादी पार्टी(लोहिया)व्यापार सभा लखनऊ यूपी

No comments