बेसिक शिक्षा परिषद उ प्र का कवि सम्मेलन 'परवाज' सम्पन्न
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सुभाष गिरी ब्यूरो प्रमुख सीतापुर
देवेन्द्र कश्यप 'निडर' ने सीतापुर व अवधी का किया प्रतिनिधित्
सीतापुर उत्तर प्रदेश । 'जइसे उनके दिन बहुरे वइसे हमरेउ दिन बहुरै' की वैश्विक कल्याण और वासुधैव कुटुम्बकम् की संकल्पना को साकार करने वाली कोई और भाषा नहीं अपितु अवधी भाषा ही है जिसने भारतीय दर्शन के इस मूल मन्त्र वाक्य को अपने में समाहित कर रखा है ।
यह बात बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के आवाह्न पर आयोजित अखिल राज्य वर्चुअल कवि सम्मेलन 'परवाज' कार्यक्रम होने के बाद देवेन्द्र कश्यप 'निडर' ने कही उन्होंने कहा कि यह लोक भाषा हम सबके लिए सांस्कृतिक विरासत है । यह एक सशक्त लोक भाषा के साथ साथ भाषाओं में लोकमाता भी है इसका हम जैसे लोगों पर बड़ा कर्ज है । इस लोक भाषा के माध्यम से हम बेसिक शिक्षक परिषदीय विद्यालयों को भी नई उचाईयों तक ले जाने में सक्षम हो सकते है इन्हीं भावों को हृदय में रखकर मैने बिटिया केरि इच्छा नामक अवधी रचना को सम्मानित पटल पर प्रस्तुत किया है जिसे सभी ने खूब सराहा व हमें शुभाशीष दिया । उन्होंने बताया इस इस बेसिक शिक्षा परिषद के साहित्यिक अनुष्ठान में सम्पूर्ण प्रदेश से पन्द्रह बेसिक शिक्षकों को अवसर दिया गया । इस प्रदेश स्तरीय साहित्यिक कार्यक्रम में मैने सीतापुर का ही नहीं अपितु लोक भाषा अवधी का भी प्रतिनिधित्व किया है । अवधी, बुन्देली, ब्रज और भोजपुरी के लोक भाषा वर्णों से सजे इस कार्यक्रम की परम शोभा बढ़ा रहे थे
विश्व भोजपुरी रत्न से अलंकृत मुख्य अतिथि तारकेश्वर मिश्र 'राही' जी जिन्होंने लोक भाषाओं को भारतीय सिने की दुनिया के साथ साथ विश्व पटल पर प्रस्थापित करने का सफल प्रयास किया है । इस कार्यक्रम को अब्दुल मुबीन सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा निदेशालय का मार्गदर्शन भी मिला तो एसआईईटी की निदेशक ललिता प्रदीप व डा सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह का परोक्ष रूप से संरक्षकत्व भी मिला ।
इस साहित्यिक अनुष्ठान का अखिलेश अखिल व डा रेनू देबी द्वय ने संतुलित व शानदार शैली में मंच का संचालन किया । अन्त में उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद परिवार सीतापुर, उत्तर प्रदेश के प्रति कृतज्ञता भी प्रकट किया । शुभकामना सन्देश देने वालों में प्रमुख रूप से राज्य स्तरीय आदर्श शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित निर्मला भार्गव, डा गंगा प्रसाद शर्मा 'गुणशेखर' पूर्व प्रोफेसर क्वांगतोंग वैदेशिक विश्वविद्यालय चीन, शिक्षक गणेश शंकर, सुरेश साहनी अदीब कानपुरी, रामकिशोर नाविक इटारसी, अशोक कुमार साहनी बस्ती, साहित्यकार व शिक्षक खुश्तर रहमान, आराध्य शुक्ल, संदीप यादव, दिनेश मिश्र, अनुज पटेल 'विकल' विनोद शर्मा 'सागर', अनुराग आग्नेय, केदारनाथ शुक्ल, प्राथमिक शिक्षक संध परिवार सहित तमाम लोगों ने बधाईयाँ व शुभकामनाएँ दी हैं ।

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