उत्तर प्रदेश में कानून का राज कायम दो दिनों में ही 14 बलात्कारियों को मिली फांसी की सजा
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आदेश शर्मा व्यूरो प्रमुख
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उत्तर प्रदेश में महिलाओं बालिकाओं के प्रति होने वाली छेड़-छाड़,अपहरण,बलात्कार, और स्त्रियां जैसे अपराधों पर नियंत्रण हेतु सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चलाते जा रहे मिशन शक्ति अभियान 17 अक्टूबर से लेकर 25 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसके अंतर्गत महिलाओं बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तत्काल पुलिस के सहयोग से अपराधी का मुकाबला करने और उसे उसके अंजाम तक पहुंचाने हेतु प्रदेश भर में पुलिस के माध्यम से प्रत्येक थाने की पुलिस चौकी व ग्राम स्तर पर बड़ी संख्या में महिलाओं को एकत्र कर महिला पुलिस की ट्रेनरों द्वारा बालिकाओं व महिलाओं को अपराधियों से आत्मरक्षा की वाकायदा ट्रेनिंग एवं वचाव के टिप्स पुलिस अधिकारियों द्वारा दिये जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ इसके तहत अपराधियों को जल्द कड़ी सजा दिलाने हेतु अदालतों में तेजी से सुनवाही और जल्द फैसले की व्यवस्था भी योगी सरकार द्वारा सुनिश्चित की जा रही है।
जिसके तहत अपराधियों को कड़ी सजा दिला कर उनके अंजाम तक पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है।
बताते चलें कि प्रदेश में हुई इस सख्त कार्रवाई करने के बाद अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि अपराधियों को सजा दिलाने से ही प्र्रदेश मे कानून का राज स्थापित किया जा सकता है।
बलात्कार जैसी सामाजिक विकृति हमारे देश की बेटियों की अस्मिता को लीलते जा रही हैं। आज न बेटियां घर में सुरक्षित हैं और न ही घर के बाहर अपने को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। ताजा मामले के मुताबिक उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड ने देश में हंगामा मचा दिया था। वहीं वलराम पुर जिले के गैसड़ी में दलित युवती के साथ वर्ल्ड विशेष के शांतिदूतों द्वारा किये गये गैंगरेप व हत्या की घटना पर कांग्रेस व हाथरस कांड के बहाने अराजकता फ़ैलाने की कोशिश करने वाले तथाकथित दलित नेताओं ने भी कुछ भी बोलने से चुप्पी साध ली थी।
इस गैंगरेप की घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार की पूरे देश में जमकर आलोचना हो रही थी लेकिन इस नवरात्र की शुरुआत के साथ सीएम योगी ने प्रदेश में अपराधियों के सफाई के मिशन की शुरुआत की। दरअसल एडीजी अभियोजन आशुतोष पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में सजा देने वाला नंबर वन राज्य बन गया है।
ये इसलिए हुआ है क्योंकि अब उत्तर प्रदेश की अदालतों में त्वरित सुनवाही द्वारा कम समय में केसो की सुनवाही कर त्वरित गति से फैसले किए जा रहे है।
बता दें कि , इसी क्रम में अभियोजन निदेशालय ने अभियान के लिए चिह्नित मुकदमों में से एक मामलों में सजा कराई है। इसमें 11 मामलों में 14 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। 5 मामलों में 11 अभियुक्तों को आजीवन कारावास और आठ मामलो में 22 अभियुक्तों के कारावास और जुर्माने की सजा का दंड दिया गया है। इसके अलावा कोर्ट ने 88 मामलो में 117 अभियुक्तों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। ये सभी आरोपी महिला और बाल अपराध में लिप्त थे। साथ ही दो दिनों में 101 गुंडों को जिला बदर करा दिया गया।
सीएम योगी ने राज्य में ‘मिशन शक्ति’ शुरुआत करके जहां एक तरफ महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा देने का काम किया है वहीं दूसरी तरफ गली नुक्कडो पर जमावाड़ा लगा कर छेड़-छाड़ करने वाले शोहदों, अराजक तत्वो के कलेजे भी दहला दिये हैं। जिसके तहते अब तक महिला अपराध से जुड़े मामलों में 14 अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इतना ही नहीं अदालतों द्वारा , महज 2 हफ्तो में 20 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सीएम योगी के आदेश के बाद प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के प्रति होने बाले छेडछाड,अपहरण,रेप,गैंगरेप,हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर नियंत्रण पाने में निश्चित सफलता मिलेगी ।

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