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International news : नेपाल की सत्तारूढ पार्टी ने सभी कैडरो कार्यकर्ताओ को पार्टी के नेताओ ,नीतियो पर लेख आर्टिकल, अपनो सुझाव सोशल मीडिया पर वायरल करने से वचने व दूरी वनाने के दिये आदेश

HTN Live 
Htnlive Bureau

काठमांडू, 9 अगस्त:सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (CPN) के नेताओं और कैडरों को अब अपनी पार्टी के नेताओं अथवा नीतियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखने या वोलने की पृवत्ति पर रोक लगाने जा रही है।
गुरुवार को होने वाली स्थायी समिति की एक बैठक में  फेसबुक और ट्विटर हैंडल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मो  पर पार्टी के किसी भी छोटे बडे नेता अथवा पार्टी की नीतियो के खिलाफ सीपीएन (माओवादी) कैडर कार्यकर्ताओ  को लिखने की अनुमति नहीं देने का फैसला करने जा रही है।
बैठक से पहले, केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल प्रचंड की एक संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया था कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को नेता के खिलाफ लिखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव में कहा गया है,

"बैठक सभी जिम्मेदार कामरेडों और हमदर्दों को निर्देश देती है कि वे सोशल मीडिया पर पार्टी की नीति, नेताओं और कैडरों के खिलाफ अंधाधुंध लिखने की प्रवृत्ति पर सख्ती से अंकुश लगाएं और पार्टी के हितों के खिलाफ काम करें।"

यह तरीकों, विधियों और संस्थागत निर्णयों के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से गुटबाजी के बढ़ते प्रभाव को संबोधित करने और विविधता, अराजकता और अनुशासनहीनता और गुटीय गतिविधियों के सभी रूपों को नियंत्रित करने का भी निर्णय लेता है।
   
 
नेपाल मे आम नेपालियो की धारणा है कि चीन की तर्ज पर ही सत्तारूढ कम्यूनिष्ट पार्टी आफ नेपाल अब ऐसे लोगो के विरुद्ध कडी कार्यवाही भी कर सकती है जो लोग अभी तक अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर नेपाल के किसी भी नेता अथवा कम्यूनिष्ट पार्टी आफ नेपाल की किसी  भी नीति का सोशल मीडिया पर खुलकर विरोध करते हुये अपनी बात लेखो, निवंधो के माध्यम से रखते रहे हैं।
क्यो कि चीन मे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सरकार के नेताओ अथवा नीतियो की आलोचना करने पर चीन सरकार तत्काल कडी कार्यवाही करती है 
गुजरे समय मे चीन की वुहान शहर स्थित प्रयोग शाला से निकले कोरोना वायरस की विभिषिका व विनाशक पृवत्ति की  सबसे पहले सोशल मीडिया पर जानकारी दे कर चीनी नागरिको सहित विश्व को फेसवुक ट्वीटर हैंडल के जरिये जानकारी देने वाले चीनी डाक्टर ली वेन लियांग  को बताया जाता है चीन सरकार ने तत्काल कैद कर लिया था और महज पंद्रह दिनो बाद ही डाक्टर वेन लियांग की मौत होने की सूचनाये चीन के एक मात्र सरकारी अखवार ग्लोवल टाइम्स मे प्रसारित की गयी चीन  द्वारा नियंत्रित विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के माध्यम से  कोरोना वायरस के प्रसार की पृवत्ति संबधी गलत सूचनाये प्रसारित करा कर सम्पूर्ण विश्व को जानलेवा  कोरोना वायरस के हवाले कर दिया ।
जिसका प्रमाण स्वरूप आज विश्व एक तीसरे महायुद्ध के मुहाने पर खडा है 
 अमेरिका,ब्रिटेन,फ्रांस भारत सहित ताकतवर देशो की सेनाये चीन की इस जानलेवा कोरोना वायरस की साजिश को लेकर चीन की घेरावंदी कर चुकी हैं 
जिसमे एक हल्की सी चिनगारी तीसरे विश्वयुद्ध का कारण वन सकती है

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