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जेवर साफ करने का झांसा देकर लगभग तीन लाख के गहने लेकर टप्पेबाज फरार
अयोध्या बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत डेहरियावां के मौजूदा प्रधान के घर से लगभग 3 लाख रुपए का सोना टप्पेबाजों ने किया फरार ।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पहुंचकर घटना का जायजा लेकर घंटो छानबीन किया । किंतु हाथ नहीं लगे टप्पेबाज ।
मौजूदा ग्राम प्रधान स्वदेश तिवारी के अनुसार उनके आवास पर बाइक से पहुंचे दो टप्पेबाजों ने जेवर साफ करने का झांसा देते हुए आवास पर बैठे पिता जी से (पूर्व आर्मी कैप्टन) श्रीनारायण तिवारी के शरीर पर पर मौजूद सीकड, ब्रेसलेट, दो अंगूठी व प्रधान की पत्नी के बाली तथा कान के झुमके सहित सभी जेवर को एक डिब्बे में डाल कर साफ करने की बात कही । दोनों व्यक्तियों के सारे गहनो को डिब्बे में डाल कर उसमें मौजूद पानी को गर्म करने को कहा । जैसे ही पिता जी (कैप्टन) अंदर गए तुरंत वो टप्पेबाज युवक बाइक से फरार हो गए।
घटना की सूचना ग्राम प्रधान द्वारा कोतवाली पुलिस को दी गई मौके पर पहुंचे वरिष्ठ उपनिरीक्षक इरफान अली व टीम ने पूछताछ की किंतु कोई सुराग नहीं लगा।
घटना के संबंध में क्षेत्रीय दरोगा रघुराज सिंह ने बताया कि अभी लिखित तहरीर नहीं मिली है । मिलने के बाद जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी ।
साल पुरानी है वटेश्वर की शिव मंदिर श्रंखला,101 मन्दिरों में से 46 का ही बचा है वजूद
बाह-यदि अंग्रेज इतिहास वेत्ता मेजर जनरल कनिंघम की खोज एवं साक्ष्यों को सही मान लिया जाये,तो वटेश्वर तीर्थ का ताजमहल से पहले इतिहास गड़ा जा चुका था यहां सफेद संग मरमर के विशाल दर्शनीय मंदिर विध्यमान थे। बर्ष 1871-72 में आर्कलाजी के एक मेजर को खुदाई के दौरान शिलालेख मिला था जो आजकल लखनऊ के अजायवघर में सुरक्षित है,जनरल कनींघम की रिपोर्ट पूरी करते हुए एससीएल कार्लायस उस वक्त वटेश्वर में चार मन्दिरों,पंचमुखी मंदिर,राजमाता मंन्दिर,मंडल एवं शिव पार्वती मंदिर,गणेश मंदिर का उल्लेख किया है
भदावर स्टेट के राजा बदन सिंह ने 1646 में यमुना के कगारों को चौरस कर एक कोष लंबा अर्धचन्द्राकार बांध वनबाया था,उसपर 101 मंदिर श्रंखला स्थित है तभी से वटेश्वर में यमुना नदी विपरीत दिशा में बहती चली आ रही है वटेश्वर के लोक मेले की बुनियाद भी इन्हीं राजा ने रखी थी,भले ही ताजमहल से पहले वटेश्वर में सफेद संग मरमर के दो विशाल दर्शनीय,एवं स्थापत्य कला के अदृतीय उदाहरण इतिहास का हिस्सा हों,लेकिन यहां की शिव मंदिर श्रंखला 373 साल पुरानी है इनमें से महज 46 मंदिर ही अभी सही सलामत बचेहैं।
ऐतिहासिक धार्मिक और समाजिम महत्व से वटेश्वर को ब्रज की कासी कहा जाता है,ऐतिहासिक नजरिये से देखा जाये तो वटेश्वर कई बार उजड़ा और बसा,यहां मराठा सरदार नरु शंकर ने एक मंदिर का निर्माण कराया जो आज भी मौजूद है,उजड़े वटेश्वर को शिव भक्त राजा महेंद्र सिंह ने भदावर स्टेट की राजधानी बनाया था।जिसे दुआपर काल में राजा सूरसेन ने अपनी राजधानी वनाया था उनके पुत्र वासुदेव की जन्म स्थली होने का गौरव भी यही भूमि रखती है भगवत पुराण के अनुसार,वासुदेव की बारात यही से मथुरा गई थी,यही पर जैन धर्म के 22 वे तीर्थकर भगवान नेमिनाथ का जन्म हुआ,इसके अलावा,भगवान ऋषभ देव,भगवन महावीर ने अपने पद रज से इस भूमि को पवित्र किया,वटेश्वर में श्रीकृष्ण एवं उनके पूर्वजों के पर्याप्त चिन्ह मिलते हैं,यहां प्राचीन खण्डहरों में दो मुहल्लों के नाम पद्मन खेडा और ओंन्ध खेडा मिलते हैं जो श्रीकृष्ण के पुत्र और पौत्र के नाम पर रखे गए है,अयोध्या वापसी पर मर्यादा परुषोत्तम श्रीराम ने वटेश्वर में लवड़ासुर के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए शत्रुघन को राजा वनाकर भेजा था,तमाम ऋषियों की तपस्थली भी वटेश्वर का जंगल रहा है,वटेश्वर तीर्थ राज की यात्रा और यहां स्नान करने से मानव को महाफल प्राप्त होता है मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी वताते हैं श्रावण मास में स्नान करने से यहां 1000 गयो के पुण्य का फल प्राप्त होता है!
भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा के प्रस्तावित स्थल का CM योगी आदित्यनाथ ने किया निरीक्षण
अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद को मध्यस्थता के जरिये सुलझाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद सुप्रीम कोर्ट छह अगस्त से मामले पर रोजाना सुनवाई करने के फैसले के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के बाद अब भगवान राम की नगरी अयोध्या का दौरा करने शनिवार को पहुंचे। करीब तीन घंटा के इस दौरे में सीएम योगी ने अयोध्या में कई परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही अयोध्या फोरलेन सरयू पुल से भगवाम राम की प्रतिमा के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका आठवां दौरा रहा।
सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर आंदोलन के पर्याय रहे रामचंद्रदास परमहंस को श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी आदित्यनाथ हेलीकाप्टर से हवाई पट्टी पहुंचे। इसके बाद मीरापुर दोआबा में भगवान राम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। करीब तीन घंटा तक रुके रहेंगे और कई परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां वह 133 करोड़ की परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक 221 मीटर ऊंची राम प्रतिमा काम शुरू हो गया है। इसमें 151 मीटर की प्रतिमा होगी, उसके ऊपर 20 मीटर ऊंचा छत्र बनेगा और नीचे 50 मीटर ऊंचा बेस बनेगा। इसमें राम कथा का म्यूजियम, लाइब्रेरी, राम जन्मभूमि मंदिर का इतिहास दर्शाने वाली सामग्री व देश विदेश की राम लीलाओं से जुड़े दुर्लभ चित्र लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री 12:15 से दो बजे तक दिगंबर अखाड़ा में रहेंगे। दिगंबर अखाड़ा में बने अतिथि गृह का लोकार्पण करने के साथ परमहंस को श्रद्धांजलि देंगे। दिगंबर अखाड़ा से वे गुप्तारघाट के माझा जमथरा जाएंगे। दिन में 2:55 बजे उनकी वापसी प्रस्तावित है।
ली लगी है।
सीतापुर जेल पहुंची सीबीआई। कुलदीप सिंह सेंगर से पूछताछ करने सीतापुर पहुंची सीबीआई।3 लोगों की सीबीआई टीम पहुंची जिला कारागार।
सीबीआई की एक अलग 4 सदस्यीय टीम पहुंची उन्नाव के माखी थाने।
एडीजी ज़ोन राजीव कृष्ण घायल को देखने ट्रामा पहुचे
अपडेट उन्नाव एक्सीडेंट मामला
फिर से सीबीआई की टीम पहुची केजीएमयू के ट्रामा सेंटर
सुबह से एक सीबीआई के अधिकारी है मौजूद
एक महिला सीबीआई अधिकारी भी पहुंची ट्रामा
कुल चार लोगों की टीम ट्रामा में मौजूद
पीड़ित परिवार के साथ आने जाने वालों पर नजर
सुनील सिंह को गोली मारने का मामला,
एसएसपी कलानिधि ने पुलिस को आदेश दिए,
आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं,
सुनील सिंह को 4 गोली मारी गई- एसएसपी,
कई टीमें गिरफ्तारी में लगाई गई-एसएसपी |
लखनऊ में शूटआउट की दूसरी बड़ी घटना
अंसल सिटी में बिल्डर को गोली मारी गई
हमलावरों ने सुनील सिंह को गोली मारी
सुनील सिंह को 3 गोलियां मारी गई हैं
सुनील सिंह लखनऊ के बड़े बिल्डर हैं
सुनील की हालत गंभीर,ट्रामा सेंटर में भर्ती
आवास से निकलते समय सुनील पर हमला
इसी हफ्ते हजरतगंज में शूटआउट हुआ था
लखनऊ में संगठित अपराध की दस्तक
सीतापुर जेल पहुंची सीबीआई
कुलदीप सिंह सेंगर से पूछताछ करने सीतापुर पहुंची सीबीआई
3 लोगों की सीबीआई टीम पहुंची जिला कारागार
सीबीआई की एक अलग 4 सदस्यीय टीम पहुंची उन्नाव के माखी थाने
जेवर साफ करने का झांसा देकर लगभग तीन लाख के गहने लेकर टप्पेबाज फरार
अयोध्या बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत डेहरियावां के मौजूदा प्रधान के घर से लगभग 3 लाख रुपए का सोना टप्पेबाजों ने किया फरार ।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पहुंचकर घटना का जायजा लेकर घंटो छानबीन किया । किंतु हाथ नहीं लगे टप्पेबाज ।
मौजूदा ग्राम प्रधान स्वदेश तिवारी के अनुसार उनके आवास पर बाइक से पहुंचे दो टप्पेबाजों ने जेवर साफ करने का झांसा देते हुए आवास पर बैठे पिता जी से (पूर्व आर्मी कैप्टन) श्रीनारायण तिवारी के शरीर पर पर मौजूद सीकड, ब्रेसलेट, दो अंगूठी व प्रधान की पत्नी के बाली तथा कान के झुमके सहित सभी जेवर को एक डिब्बे में डाल कर साफ करने की बात कही । दोनों व्यक्तियों के सारे गहनो को डिब्बे में डाल कर उसमें मौजूद पानी को गर्म करने को कहा । जैसे ही पिता जी (कैप्टन) अंदर गए तुरंत वो टप्पेबाज युवक बाइक से फरार हो गए।
घटना की सूचना ग्राम प्रधान द्वारा कोतवाली पुलिस को दी गई मौके पर पहुंचे वरिष्ठ उपनिरीक्षक इरफान अली व टीम ने पूछताछ की किंतु कोई सुराग नहीं लगा।
घटना के संबंध में क्षेत्रीय दरोगा रघुराज सिंह ने बताया कि अभी लिखित तहरीर नहीं मिली है । मिलने के बाद जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी ।
साल पुरानी है वटेश्वर की शिव मंदिर श्रंखला,101 मन्दिरों में से 46 का ही बचा है वजूद
बाह-यदि अंग्रेज इतिहास वेत्ता मेजर जनरल कनिंघम की खोज एवं साक्ष्यों को सही मान लिया जाये,तो वटेश्वर तीर्थ का ताजमहल से पहले इतिहास गड़ा जा चुका था यहां सफेद संग मरमर के विशाल दर्शनीय मंदिर विध्यमान थे। बर्ष 1871-72 में आर्कलाजी के एक मेजर को खुदाई के दौरान शिलालेख मिला था जो आजकल लखनऊ के अजायवघर में सुरक्षित है,जनरल कनींघम की रिपोर्ट पूरी करते हुए एससीएल कार्लायस उस वक्त वटेश्वर में चार मन्दिरों,पंचमुखी मंदिर,राजमाता मंन्दिर,मंडल एवं शिव पार्वती मंदिर,गणेश मंदिर का उल्लेख किया है
भदावर स्टेट के राजा बदन सिंह ने 1646 में यमुना के कगारों को चौरस कर एक कोष लंबा अर्धचन्द्राकार बांध वनबाया था,उसपर 101 मंदिर श्रंखला स्थित है तभी से वटेश्वर में यमुना नदी विपरीत दिशा में बहती चली आ रही है वटेश्वर के लोक मेले की बुनियाद भी इन्हीं राजा ने रखी थी,भले ही ताजमहल से पहले वटेश्वर में सफेद संग मरमर के दो विशाल दर्शनीय,एवं स्थापत्य कला के अदृतीय उदाहरण इतिहास का हिस्सा हों,लेकिन यहां की शिव मंदिर श्रंखला 373 साल पुरानी है इनमें से महज 46 मंदिर ही अभी सही सलामत बचेहैं।
ऐतिहासिक धार्मिक और समाजिम महत्व से वटेश्वर को ब्रज की कासी कहा जाता है,ऐतिहासिक नजरिये से देखा जाये तो वटेश्वर कई बार उजड़ा और बसा,यहां मराठा सरदार नरु शंकर ने एक मंदिर का निर्माण कराया जो आज भी मौजूद है,उजड़े वटेश्वर को शिव भक्त राजा महेंद्र सिंह ने भदावर स्टेट की राजधानी बनाया था।जिसे दुआपर काल में राजा सूरसेन ने अपनी राजधानी वनाया था उनके पुत्र वासुदेव की जन्म स्थली होने का गौरव भी यही भूमि रखती है भगवत पुराण के अनुसार,वासुदेव की बारात यही से मथुरा गई थी,यही पर जैन धर्म के 22 वे तीर्थकर भगवान नेमिनाथ का जन्म हुआ,इसके अलावा,भगवान ऋषभ देव,भगवन महावीर ने अपने पद रज से इस भूमि को पवित्र किया,वटेश्वर में श्रीकृष्ण एवं उनके पूर्वजों के पर्याप्त चिन्ह मिलते हैं,यहां प्राचीन खण्डहरों में दो मुहल्लों के नाम पद्मन खेडा और ओंन्ध खेडा मिलते हैं जो श्रीकृष्ण के पुत्र और पौत्र के नाम पर रखे गए है,अयोध्या वापसी पर मर्यादा परुषोत्तम श्रीराम ने वटेश्वर में लवड़ासुर के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए शत्रुघन को राजा वनाकर भेजा था,तमाम ऋषियों की तपस्थली भी वटेश्वर का जंगल रहा है,वटेश्वर तीर्थ राज की यात्रा और यहां स्नान करने से मानव को महाफल प्राप्त होता है मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी वताते हैं श्रावण मास में स्नान करने से यहां 1000 गयो के पुण्य का फल प्राप्त होता है!
भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा के प्रस्तावित स्थल का CM योगी आदित्यनाथ ने किया निरीक्षण
अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद को मध्यस्थता के जरिये सुलझाने की कोशिशें नाकाम होने के बाद सुप्रीम कोर्ट छह अगस्त से मामले पर रोजाना सुनवाई करने के फैसले के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के बाद अब भगवान राम की नगरी अयोध्या का दौरा करने शनिवार को पहुंचे। करीब तीन घंटा के इस दौरे में सीएम योगी ने अयोध्या में कई परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही अयोध्या फोरलेन सरयू पुल से भगवाम राम की प्रतिमा के लिए प्रस्तावित भूमि का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका आठवां दौरा रहा।
सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर आंदोलन के पर्याय रहे रामचंद्रदास परमहंस को श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी आदित्यनाथ हेलीकाप्टर से हवाई पट्टी पहुंचे। इसके बाद मीरापुर दोआबा में भगवान राम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। करीब तीन घंटा तक रुके रहेंगे और कई परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां वह 133 करोड़ की परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक 221 मीटर ऊंची राम प्रतिमा काम शुरू हो गया है। इसमें 151 मीटर की प्रतिमा होगी, उसके ऊपर 20 मीटर ऊंचा छत्र बनेगा और नीचे 50 मीटर ऊंचा बेस बनेगा। इसमें राम कथा का म्यूजियम, लाइब्रेरी, राम जन्मभूमि मंदिर का इतिहास दर्शाने वाली सामग्री व देश विदेश की राम लीलाओं से जुड़े दुर्लभ चित्र लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री 12:15 से दो बजे तक दिगंबर अखाड़ा में रहेंगे। दिगंबर अखाड़ा में बने अतिथि गृह का लोकार्पण करने के साथ परमहंस को श्रद्धांजलि देंगे। दिगंबर अखाड़ा से वे गुप्तारघाट के माझा जमथरा जाएंगे। दिन में 2:55 बजे उनकी वापसी प्रस्तावित है।
ली लगी है।
सीतापुर जेल पहुंची सीबीआई। कुलदीप सिंह सेंगर से पूछताछ करने सीतापुर पहुंची सीबीआई।3 लोगों की सीबीआई टीम पहुंची जिला कारागार।
सीबीआई की एक अलग 4 सदस्यीय टीम पहुंची उन्नाव के माखी थाने।
एडीजी ज़ोन राजीव कृष्ण घायल को देखने ट्रामा पहुचे
अपडेट उन्नाव एक्सीडेंट मामला
फिर से सीबीआई की टीम पहुची केजीएमयू के ट्रामा सेंटर
सुबह से एक सीबीआई के अधिकारी है मौजूद
एक महिला सीबीआई अधिकारी भी पहुंची ट्रामा
कुल चार लोगों की टीम ट्रामा में मौजूद
पीड़ित परिवार के साथ आने जाने वालों पर नजर
सुनील सिंह को गोली मारने का मामला,
एसएसपी कलानिधि ने पुलिस को आदेश दिए,
आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं,
सुनील सिंह को 4 गोली मारी गई- एसएसपी,
कई टीमें गिरफ्तारी में लगाई गई-एसएसपी |
लखनऊ में शूटआउट की दूसरी बड़ी घटना
अंसल सिटी में बिल्डर को गोली मारी गई
हमलावरों ने सुनील सिंह को गोली मारी
सुनील सिंह को 3 गोलियां मारी गई हैं
सुनील सिंह लखनऊ के बड़े बिल्डर हैं
सुनील की हालत गंभीर,ट्रामा सेंटर में भर्ती
आवास से निकलते समय सुनील पर हमला
इसी हफ्ते हजरतगंज में शूटआउट हुआ था
लखनऊ में संगठित अपराध की दस्तक
सीतापुर जेल पहुंची सीबीआई
कुलदीप सिंह सेंगर से पूछताछ करने सीतापुर पहुंची सीबीआई
3 लोगों की सीबीआई टीम पहुंची जिला कारागार
सीबीआई की एक अलग 4 सदस्यीय टीम पहुंची उन्नाव के माखी थाने

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