राजधानी की पार्कों में हो रही अश्लीलता पर नहीं लग रहा विराम ऐतिहासिक बड़े इमामबाड़े से सटा नीबू बाग पार्क भी चपेट में
HTN Live
मोहम्मद शानू
लखनऊ। सरकार ने जिन पार्कों को आम जनता के लिए बेहतर वातावरण के लिए तोहफा दिया हो, आज ये पार्कें अश्लील हरकते करने वाले लोगों के कब्जे में हैं। हैरत की बात यह है कि पार्क की रखवाली करने वाले लोग ही इस गंदे काम में लिप्त बताये जा रहे हैं। इसका नजीर शहर के नीबू बाग पार्क, बेगम हजरतम हल पार्क, शहीद स्मारक में अक्सर देखने को मिलता है।
राजधानी के अधिकतर पार्कों में हो रही अश्लीलता के चलते आसपास के घरों में रहने वाले लोग बेहद परेशान हैं। सैकड़ों परिवारों के लिए युवा वर्ग से लेकर अधिक उम्र के आदमी भी मुसीबत बने हुए हैं। रोजाना सुबह से ही शहर की पार्कों में प्रेमी जोड़े आपत्तिजनक स्थिति में देखे जा सकते हैं, लेकिन इनको कोई रोकने टोकने वाला तक नहीं। आरोप है कि इस काम में आम आदमी ही नहीं बल्कि सरकारी और प्राइवेट नौकरी करने वाले लोग भी आपत्तिजनक स्थिति में देखने को मिलते हैं। पार्कों की हालत ऐसी है कि शब्दों में कह पाना मुश्किल है। इन पार्कों में आपत्तिजनक स्थित में बैठे जोड़ों की तस्वीरें भी ऐसी हैं जिन्हें हम आप को नहीं दिखा सकते। लेकिन पार्कों के आसपास रहने वाले लोगों ने जो दर्द बताया है उसे हम आप के समक्ष रख रहे हैं।
हम आपको पुराने लखनऊ के नीबू बाग पार्क की आंखों देखी बता रहा हूं। यहां कुछ तस्वीरों को कैमरे में कैद भी किया। जिससे साफ जाहरि हुआ की पार्कों में अश्लीलता के जिम्मेदार पार्क की रखवाली करने वाले लोग हैं।
दरअसल समाज में जागीऊकता और लगातार गरीबों और असहाय लोगों की मदद के लखनऊ में पॉवर विंग संस्था काम कर रही है। इसके बावजूद चोरी छिपे लोग ऐसी हरकतों को अंजाम दे रहें हैं।
हैरत की बात है कि पार्कों में युवा, छात्र, छात्राएं यहां तक कि बुजुर्ग तक बेहद आपत्तिजनक स्थिति में मिल रहे हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
समाज सेवी सैयद सज्जाद हुसैन नकवी ने बताया कि पार्कों के आसपास रहने वाले लोग बेहद परेशान हैं। लखनऊ के कई पार्कों अश्लीलता कर रहे जोड़े खदेड़े तो जाते हैं मगर उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। सज्जाद नकवी, अंकित श्रीवास्तव, संतोष गुप्ता ने कहा कि कई बार अखबारों में भी पार्कों में हो रही अश्लीलता को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसके बावजूद जिम्मेदार लोग आंखों में पट्टी बांधे हुए हैं। नीबू बाग पार्क के पास मलिन बस्ती के लोगों का भी कहना है कि पार्क में गंदगी बहुत है। यहां अक्सर लड़के और लड़कियों के अलावा अधेड़ उम्र के लोग जोड़ों के साथ अश्लीलता करते हैं।
पार्कों के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि उनके बच्चे पार्कों में हो रही हरकत को देखकर शर्मिंदा हो रहे हैं। बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पार्कों में ये काम सुबह से ही शुरु हो जाता है।
समाज सेवक अनुप मिश्रा ने बताया कि इंदिरानगर में पिकनिक स्पॉट में स्कूली ड्रेस में छात्राओं के आने पर प्रतिबंध है। ऐसा ही लखनऊ चिडिय़ाघर में भी स्कूली ड्रेस में लड़के व लड़कियों पर प्रतिबंध है। ऐसे में अन्य पार्कों में इन स्कूली छात्र व छात्राओं को प्रवेश क्यों दिया जाता है।
एक अंन्तर्राष्टï्रीय खिलाड़ी ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्कों के भीतर सिक्योरिटी गार्ड पैसे लेकर इन प्रेमियों की रखवाली के लिए शाम को लाइट तक बंद कर देते हैं। पार्क के बाहर पुलिस की डॉयल 100 गाड़ी मुस्तैद रहती है लेकिन कोई कुछ नहीं बोलता सिर्फ तमाशा देखते रहते हैं।
वहीं चौक इलाके के लोगों का कहना है कि पार्कों में परिवार जाने से कतराते हैं। पार्कों में लोग जाने से इसलिए कतराते हैं क्योंकि अगर परिवार के साथ जायें तो यहां की गंदगी देखकर छोटे-छोटे बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा। शहर के प्रमुख पार्कों का यही हाल इन पार्कों में गोमतीनगर, इंदिरानगर, दुबग्गा, हजरतगंज, आशियाना पीजीआई सहित कई इलाकों के पार्क शामिल हैं।
लोगों का कहना है कि पार्कों में सरकार के द्वारा रखरखाव के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं लेकिन पार्कों में फैल रही अश्लीलता के चलते लोग अपने परिवार के साथ जाने से सहमें रहते हैं। यही वजह है कि पार्कों को छोड़ लोग माल और रेस्टोरेंट में जाना पसंद कर रहे हैं। शायद यही वजह है कि पर्यटक पार्कों की और रुख नहीं कर रहे हैं। बता दें कि इस खबर का मतलब किसी की भावनाओं का ठेस पहुंचाना नहीं है बल्कि ये एक समाज के लिए संदेश है कि सार्वजनिक स्थान पर ऐसी हरकतों से बचें जिनसे किसी को आपत्ति ना हो।
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