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उत्तर प्रदेश में अभी क्या खास है

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*पहले सत्र में कठिन लगा पेपर, दूसरे सत्र में 15 ने छोड़ी परीक्षा*
*परीक्षा में कुल 96 फीसदी अभ्यर्थी हुए शामिल*

 प्रयागराज पीसीएस जे मुख्य परीक्षा के आखिरी दिन पहले सत्र की परीक्षा देने के बाद दूसरे सत्र में 15 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। माना जा रहा है कि पहले सत्र का पेपर कठिन होने के कारण कई अभ्यर्थियों का पेपर अच्छा नहीं हुआ और इसी वजह से कुछ अभ्यर्थी दूसरे सत्र की परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। परीक्षा में कुल 96 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए।पीसीएस जे की मुख्य परीक्षा का शुक्रवार को आखिरी दिन था। पहले सत्र में विधि द्वितीय प्रश्नपत्र (प्रक्रिया एवं साक्ष्य) और दूसरे सत्र में विधि तृतीय प्रश्नपत्र (दांडिक, राजस्व एवं स्थानीय विधियां) का पेपर था। परीक्षा के लिए कुल 5958 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहले सत्र की परीक्षा में 5759 और दूसरे सत्र की परीक्षा में 5744 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थियों का कहना है कि पहले सत्र में हुए विधि द्वितीय प्रश्नपत्र का पेपर कठिन था।कुछ अभ्यर्थियों का पेपर ठीक नहीं रहा और इसी वजह से 15 अभ्यर्थियों ने दूसरे सत्र की परीक्षा ही छोड़ दी। परीक्षा के लिए लखनऊ में आठ और प्रयागराज में पांच केंद्र बनाए गए थे।लखनऊ में 12 और प्रयागराज में तीन अभ्यर्थियों ने दूसरे सत्र की परीक्षा छोड़ी। आयोग के सूत्रों का कहना है कि पीसीएस जे मुख्य परीक्षा का परिणाम जल्द ही घोषित किए जाने की तैयारी है, क्योंकि आयोग को किसी भी सूरत में अप्रैल तक भर्ती प्रक्रिया पूरी करनी है और इसके एि आयोग ने कोर्ट में हलफनामा भी दे रखा है।



*पालीटेक्निक कॉलेज से चुनाव सामग्री हटाने का आदेश*

*हाईकोर्ट ने डीएम गाजियाबाद को दी दस दिन की मोहलत*
 हाईकोर्ट ने राजकीय पालीटेक्निक कॉलेज गाजियाबाद में ईवीएम मशीन और अन्य चुनाव सामग्री रखकर 10 सालों से कब्जा जमाए रखने पर नाराजगी जताते हुए दस दिन के भीतर कब्जा हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग का ऐसा आचरण अतार्किक और समझे से परे है। जिलाधिकारी को दस दिन के भीतर वैकल्पिक स्थान तलाश कर सारा सामान शिफ्ट करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त उत्तर प्रदेश को भी कहा है कि वह इस कार्य में जिलाधिकारी का सहयोग करें।यदि 15 फरवरी तक कॉलेज नहीं खाली होता है तो जिलाधिकारी और मुख्य चुनाव अधिकारी यूपी अदालत में हाजिर हों।जितेंद्र वर्मा की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति सीडी सिंह की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया कि 10 अप्रैल 2009 को जिला चुनाव अधिकारी ने कॉलेज परिसर में ईवीएम और अन्य चुनाव सामग्री रखने के लिए स्थान लिया था। चुनाव बीतने के बाद उन्होंने जगह खाली नहीं की। कोर्ट ने इस मामले में जब जिलाधिकारी से जानकारी मांगी तो उन्होंने कॉलेज भवन खाली करने के लिए छह माह का समय मांगा। इसके बाद से कॉलेज के प्राचार्य हर छह माह पर परिसर खाली करने की मांग करते रहे। मगर, परिसर खाली नहीं किया गया। इस प्रकार से दस साल बीत गए। कोर्ट ने कहा कि आयोग इस प्रकार से कॉलेज के छात्रों की सुविधाएं नहीं छीन सकता है। दस दिन के भीतर परिसर खाली करने और चुनाव सामग्री वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया है।


*पीएचडी विवाद : शिक्षकों की मांग को किया खारिज*

*प्रवेश प्रक्रिया शुरू करते समय लागू नियमों के हिसाब से दाखिले कराने की उठा रहे हैं मांग*

 लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश को लेकर उठे विवाद पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब अडियल रुख अपना लिया है। शिक्षकों की पक्ष को सिरे से खारिज करते हुए किसी भी प्रकार के बदलाव से साफ इनकार कर दिया है। शुक्रवार को कुलपति से मिलने पहुंचे विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लूटा) के अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन और महासचिव डॉ. विनीत वर्मा को खाली हाथ लौटना पड़ा। शिक्षकों ने आवेदन प्राप्त करते समय लागू नियमों के हिसाब से दाखिले की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) अधिनियम के हिसाब से शिक्षकों को सीट दिए जाने की मांग उठाई।लूटा के महासचिव डॉ. विनीत वर्मा ने बताया कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव और शिक्षकों की पीएचडी सीट में कटौती को लेकर काफी नाराजगी है। इसलिए, उन्होंने कुलपति के समक्ष इस मुद्दे को उठाया। लेकिन, कुलपति ने इसे खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उस मुद्दे को लेकर अब शिक्षक संघ का आम सभा बुलाई जाएगी। उसमें लिए गए फैसलों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन का कहना है कि शिक्षक इस मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।


*टीईटी में घूस लेने वाले आरोपियों को जमानत नहीं* लखनऊ:मनी लॉड्रिंग के केस में कमीशन लेकर भर्ती करने के आरोपी नरेंद्र प्रताप सिंह को मनी लॉड्रिंग कोर्ट से जमानत नहीं मिली है। आरोपी ट्रायल कोर्ट की सुनवाई में लगातार गैरहाजिर रह रहा था।वर्ष 2011 में टीईटी भर्ती में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन, नरेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य ने भर्तियों के लिए कमीशन लिया था। इस मामले में 1.13 करोड़ रुपये के लगभग कमीशन ली गई। यह रकम एटा पुलिस ने बरादम की थी। जिसके बाद निदेशक संजय मोहन की मिलीभगत का खुलासा हुआ था।इस घोटाले में वर्ष 2011 में यूपी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। बाद में यह केस ईडी ने भी दर्ज कर पड़ताल शुरू की। ईडी की लखनऊ इकाई मामले में जांच कर रही है। ईडी ने 2015 में मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज करते हुए कोर्ट में प्रक्रिया शुरू की थी। यह ट्रॉयल अभी चल रहा है। ट्रॉयल कोर्ट ने इस मामले में आरोपी की ओर से दाखिल की गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया।


*स्कूल के बच्चों द्वारा कूड़ा फेकने का वीडियो हुआ वायरल,जांच के आदेश*

 निगोहां रामपुर गढ़ी जमुनी के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से पढ़ाई के बजाए पहले स्कूल की सफाई कराई जा रही है। यही नहीं शिक्षक बच्चों से कूड़ा उठवा कर सड़क पार फेकने के लिए भेज रहे है। इससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। इसका विडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। विकास खण्ड मोहनलालगंज के रामपुर गढ़ी के प्राथमिक विद्यालय के छात्र किताबों बैग उठाने के बजाए कूड़ा उठा रहे हैं। छात्र रोजाना कूड़ा उठाकर हाथ वाली ट्रॉली में भरकर सड़क पार कर फेंकने जाते है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर विडियो वायरल होने के बाद एबीएसए धर्मेंद्र प्रसाद में पड़ताल कराई। विद्यालय की इंचार्ज शशिकला ने कहा कि स्कूल परिसर में पेड़ के पत्ते बच्चे खुद भरकर फेकने चले गए थे। जिसकी जानकारी होने पर बच्चो को आगे ऐसा न करने की हिदायत दी गई है। वहीं, एबीएसए धर्मेंद्र प्रसाद ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों का आरोप इस स्कूल के बच्चे आए दिन कूड़ा उठाकर हाथ वाली ट्रॉली में भरकर फेंकते है। इस दौरान निगोहां-नगराम सड़क पार करते है जो बहुत ही व्यस्त रोड़ है। इस पर तेज रफ्तार वाहन दिन भर दौड़ते है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है।


*‘योग्य के बजाय कमजोर का चुनाव योग्य अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव*

,लखनऊ:सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले में राज्य सरकार की बहस पूरी सोमवार को होगी अगली सुनवाई, याचियों की ओर से होगी बहस लखनऊ। विधि संवाददाता सहायक शिक्षक के 69 हजार पदों पर भर्ती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से बहस पूरी कर ली गई। जिसके बाद याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचजीएस परिहार ने पक्ष रखा। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को करने के निर्देश दिये। सोमवार को भी याचियों की ओर से पक्ष रखा जाएगा। यह निर्देश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की एकल सदस्यीय पीठ ने मोहम्मद रिजवान आदि की ओर से दाखिल याचिका पर दिये।शुक्रवार को बहस के दौरान सरकार की ओर से पेश विशेष अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने तर्क दिया कि योग्य अभ्यर्थियों को दरकिनार कर, कमजोर अभ्यर्थियों का चयन, योग्य अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव करने जैसा होगा। उन्होंने याचियों की ओर से दाखिल प्रत्युत्तर के कुछ अंशों को उद्धत करते हुए कहा गया कि याचियों ने स्वयं स्वीकार किया है कि उनकी उम्र अधिक है इसलिए वे इतना अधिक क्वालिफाइंग मार्क्स ला पाने में सक्षम नहीं हैं और इसी वजह से सरकार ने क्वालिफाइंग मार्क्स 60 और 65 प्रतिशत कर दिया। वहीं सरकार की ओर से बहस पूरी करने के पश्चात कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचजेएस परिहार ने बहस की। उन्होंने लिखित परीक्षा होने के पश्चात क्वालिफाइंग मार्क्स तय किये जाने को अविधिपूर्ण बताया।


*इनोवेशन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत करेगा एकेटीयू*

लखनऊ:प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों का एक इनोवेटिव आइडिया उनको पुरस्कृत करा सकता है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय डॉ कलाम स्टार्टअप परिक्रमा को फिर से शुरू करने जा रहा है। इसमें बेहतरीन इनोवेशन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसका हिस्सा बनने के लिए छात्र 6 फरवरी तक अपना रजिस्ट्रेशन एकेटीयू की वेबसाइट पर कर सकते हैं।डीन यूजी प्रो विनीत कंसल ने बताया कि कुलपति प्रो विनय पाठक की अध्यक्षता में डॉ कलाम स्टार्टअप परिक्रमा की शुरूआत 8 फरवरी से बांदा के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज से हो रही है। इस योजना का मकसद छात्रों को इनोवेशन के प्रति जागरुक करना है। इसमें नया आइडिया देने वाले छात्रों को पुरस्कृत तो किया जाएगा। साथ ही छात्र को स्टार्टअप के लिए भी एकेटीयू प्रमोट करेगा। इसके लिए सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को दिशा निर्देश दे दिए गए है ताकि सभी छात्रों को इसकी जानकारी पहुंच सके। छात्रों को इसमें शामिल होने के लिए 6 फरवरी तक अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।


*प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में पहले दिन 45 फीसदी ने छोड़ी परीक्षा*

प्रयागराज प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए 2016 में विज्ञापित प्रवक्ता पदों पर भर्ती के लिए शुक्रवार को हुई परीक्षा में लगभग 45 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से हुई परीक्षा में पहली पाली में 1.18 लाख पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 45.27 फीसदी अनुपस्थित रहे, जबकि दूसरी पाली में 1.10 लाख पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 40 फीसदी से अधिक ने परीक्षा छोड़ दी। दो फरवरी को प्रवक्ता के 12 दूसरे विषयों के लिए 1.86 लाख परीक्षार्थी प्रदेश के 11 मंडल मुख्यालयों में परीक्षा देंगे।चयन बोर्ड की ओर से हुई परीक्षा में पहली पाली में जीव विज्ञान, समाज शास्त्र, इतिहास, भौतिक विज्ञान, मनोविज्ञान एवं तर्कशास्त्र की परीक्षा हुई। दूसरी पाली में वाणिज्य, हिंदी, रसायन विज्ञान, भूगोल, संगीत गायन एवं शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता (पीजीटी) की परीक्षा हुई। चयन बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक नवल किशोर ने बताया कि प्रदेश के आगरा, अयोध्या (फैजाबाद), आजमगढ़, बरेली, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद एवं वाराणसी मंडल मुख्यालयों पर परीक्षा का आयोजन किया गया। प्रयागराज में कुंभ के चलते यहां पंजीकृत 70 हजार से अधिक परीक्षार्थियों को दूसरे जिले में परीक्षा के लिए भेज दिया गया है। चार फरवरी को होने वाले मौनी अमावस्या के स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते परीक्षार्थियों को शहर से आने और जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


*एसएससी: जेई के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू*
प्रयागराज कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से जूनियर इंजीनियर (जेई) सिविल, मेकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के पदों पर भर्ती के लिए वेबसाइट पर नोटिफिकेशन एक फरवरी को जारी कर दिया गया। इसी के साथ आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।आयोग की ओर से सीपीडब्यूडी, एमईएस के लिए सिविल, इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल जूनियर इंजीनियर के पदों के लिए अपनी वेबसाइट पर ssc.nic.in पर विज्ञापन जारी कर दिया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 25 फरवरी तय की गई है। आयोग की ओर से पदों की संख्या अभी तय नहीं की गई है। एसएससी-जेई के लिए आवेदन करने वालों की शैक्षिक योग्यता सिविल, इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल में तीन वर्षीय डिप्लोमा आवश्यक है।

*महत्वपूर्ण तिथियां*

आवेदन के लिए वेबसाइट पर नोटिफिकेशन- एक फरवरी

आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की तिथि- एक फरवरी

आवेदन की अंतिम तिथि : 25 फरवरी

ऑनलाइन परीक्षा: (पेपर-1) 23 से 27 सितंबर के बीच

पेपर-2 की लिखित परीक्षा: 29 दिसंबर

*आयोग की ओर से भर्ती के लिए पदों के नाम*

सीपीडब्ल्यूडी के लिए जूनियर इंजीनियर (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल)

एमईएस के लिए जूनियर इंजीनियर (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल)

एमईएस के लिए जूनियर इंजीनियर (सिविल और इलेक्ट्रिकल) डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट और जूनियर इंजीनियर (सर्वेयिंग और कांट्रेक्ट)


*कटऑफ अंक का ब्रेक*
 
, प्रयागराज :परिषदीय स्कूलों की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती चयन का रिकॉर्ड बनाने से चूक गई। जिस तरह से शासन ने भर्ती का आदेश, चंद दिन बाद ऑनलाइन आवेदन लेकर लिखित परीक्षा कराई उस पर कटऑफ अंकों का बड़ा ब्रेक लग गया है। हाईकोर्ट की मुख्य न्यायपीठ के साथ ही लखनऊ खंडपीठ में कई याचिकाओं पर सुनवाई के कारण रिजल्ट अब अधर में लटका है। यह कब तक जारी होगा और भर्ती लोकसभा चुनाव की आचार संहिता में तो नहीं फंस जाएगी, जैसे सवाल अनुत्तरित हैं।बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की 68500 शिक्षक भर्ती को पूरा किए बिना ही शासन 69 हजार शिक्षक भर्ती की दिशा में बढ़ चला। छह जनवरी को हुई लिखित परीक्षा रोकने का भी प्रयास चला लेकिन, वह कारगर नहीं रहा। इम्तिहान के बाद उत्तर कुंजी जारी करके आपत्तियां ली गई। उसी बीच सात जनवरी को शासन ने भर्ती के लिए कटऑफ अंक तय किए। इसमें सामान्य को 65 व अन्य आरक्षित वर्ग को 60 प्रतिशत अंक पाना अनिवार्य किया। यहीं से विवाद गहराया। कोर्ट का फैसला अंतिम होगा।

*सरकार की बहस पूरी*
 इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष चल रहे सहायक शिक्षक के 69 हजार पदों पर भर्ती में शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से विशेष अधिवक्ता प्रशांत चंद्रा ने बहस पूरी कर ली। जिसके बाद याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचजीएस परिहार ने पक्ष रखा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को करने के निर्देश दिये। यह निर्देश जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने मोहम्मद रिजवान आदि की ओर से दाखिल याचिका पर दिये।

*परीक्षा रद कराने को प्रदर्शन जारी*

प्रयागराज : 69 हजार शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा के पहले उत्तर कुंजी वायरल होने का मुद्दा बनाकर अभ्यर्थी 25वें दिन से परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं।


*एमसीक्यू पैटर्न में इनोवेटिव प्रश्नों को करें शामिल*
 
लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में शुक्रवार को बीए, बीएससी व बीकॉम की कक्षाओं की सम सेमेस्टर की परीक्षाओं में बहु विकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) को लेकर बैठक हुई। कुलपति प्रो एसपी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एमसीक्यू पैटर्न पर गहनता से चर्चा हुई। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एमसीक्यू आधारित प्रश्नपत्र तैयार करने वाले सेवानिवृत्त हंिदूी के प्रोफेसर एसपी दीक्षित, एआइएच के प्रो एसएन कपूर, पॉलिटिकल साइंस के प्रो एस के द्विवेदी ने अपने अनुभव साझा किए।निर्णय हुआ कि पेपर सेट करने के दौरान यह अवश्य ध्यान रखना होगा कि अधिक से अधिक इनोवेटिव प्रश्नपत्र तैयार किया जाए। शिक्षक हर हाल में सभी चैप्टर्स का बारीकी से अध्ययन करें, तभी प्रश्नपत्र तैयार करें।प्रश्नपत्र को तैयार किए जाने के दौरान इस बात का ध्यान रखना होगा कि सभी प्रश्न सिलेबस से हों। हंिदूी और अंग्रेजी की द्विभाषीय प्रश्नों को तैयार करने के दौरान ध्यान रखना होगा कि दोनों में भिन्नता न हो। एमसीक्यू में विकल्प के तौर पर इसमें से कोई नहीं और इनमें से सभी को शामिल करने से परहेज करें। विकल्प को ए, बी, सी और डी के क्रम में ही रखा जाए। प्रश्नपत्र को अंतिम रूपरेखा देने के दौरान स्तरहीन प्रश्नों को रिजेक्ट कर दिया जाए। बैठक में सभी विभागों के अध्यक्ष मौजूद रहे।



*पहले दिन 60 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने दिया इम्तिहान*
 
प्रयागराज : प्रदेश भर के अशासकीय माध्यमिक कालेजों के लिए प्रवक्ता वर्ष 2016 की परीक्षा शुक्रवार से शुरू हो गई है। प्रदेश भर के 11 मंडल मुख्यालयों पर इम्तिहान देने के लिए करीब साठ प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी पहुंचे।माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र का दावा है कि पहले की दिन की परीक्षा नकल विहीन व शांतिपूर्ण हुई हैं, कहीं से किसी तरह की गड़बड़ी होने की सूचना नहीं है। इम्तिहान शनिवार को भी होगा।चयन बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक नवल किशोर ने बताया कि वर्ष 2016 की प्रवक्ता पद के लिए तर्कशास्त्र, जीव विज्ञान, समाज शास्त्र, इतिहास, भौतिक विज्ञान, मनोविज्ञान की लिखित परीक्षा सुबह 9.30 से 11.30 की पाली में हुई। 227 परीक्षा केंद्रों पर इन विषयों का इम्तिहान एक लाख 18 हजार 819 परीक्षार्थियों को देना था लेकिन, 45.27 प्रतिशत अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। ऐसे ही दूसरी पाली 2.30 से 4.30 में वाणिज्य, हंिदूी, रसायन विज्ञान, भूगोल, संगीत गायन व शारीरिक शिक्षा विषयों की परीक्षा हुई। 213 परीक्षा केंद्रों पर एक लाख 10 हजार 177 परीक्षार्थियों को इम्तिहान देना था लेकिन, करीब 40 प्रतिशत ने परीक्षा छोड़ दी है।परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि प्रवक्ता की परीक्षा 11 मंडल मुख्यालय आगरा, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद व वाराणसी पर हो रही है। शनिवार को प्रवक्ता के ही अन्य विषयों का इम्तिहान इन्हीं मंडल मुख्यालयों पर दो पालियों में होगा।

*अंक वेबसाइट पर करें अपलोड :*

यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल 2019 की परीक्षा के आंतरिक अंक व इंटरमीडिएट के खेल और शारीरिक शिक्षा अंक अपलोड करने के लिए वेबसाइट फिर खोली है। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानाचार्य तत्काल अंकों वेबसाइट के माध्यम से भेजें।


*‘नीट’ में भी पिछड़ों को मिले आरक्षण*
 
लखनऊ : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ में राज्यों द्वारा पोषित मेडिकल कालेजों में भी पिछड़े वर्ग को आरक्षण का लाभ दिए जाने की मांग की है। अखिलेश ने ने कहा है कि 25 हजार सीटों पर होने पर वाली नीट की 85 प्रतिशत सीटें राज्य मेडिकल कालेजों के लिए रखी जाती हैं। 15 प्रतिशत सीटें केंद्रीय मेडिकल कालेजों के लिए होती हैं जिनको दो हिस्सों में बांटा जाता है। इनमें, एक चौथाई सीटें केन्द्रीय मेडिकल कालेजों के लिए रहती हैं तथा शेष तीन चौथाई सीटें राज्य सरकार द्वारा पोषित मेडिकल कालेजों के लिए होती हैं। इन तीन चौथाई सीटों में पिछड़ों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है।



*आईआईएम छात्रों को मिला 20 लाख का पैकेज*

 टीम,लखनऊ:आईआईएम में प्लेसमेंट का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान के तीन छात्रों का बिजनेस कंसल्टेंट के पद के लिए चयन किया गया। उन्हें कम्पनी की ओर से 20 लाख रुपए का पैकेज दिया गया है।प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कम्पनी एड्रोसोनिक के एमडी मयंक ने बताया कि पहली बार आईआईएम, लखनऊ में कम्पनी ने प्लेसमेंट का आयोजन किया है। आईआईएम, रांची में कई बार कम्पनी की ओर प्लेसमेंट किया गया है। उन्होंने बताया कि आईआईएम लखनऊ से छात्र कृणाल विश्वास, तुषार परमार और मक्का शिवा कुमार को चुना गया है। एमडी मयंक का कहना है कि यहां प्लेसमेंट का अनुभव काफी अच्छा रहा है। हमें उम्मीद है कि हर वर्ष कम्पनी को प्लेसमेंट का मौका मिलेगा।

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