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आग के मुहाने पर एलडीए व निजी अपार्टमेंट

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लखनऊ। शहर में अपार्टमेंट बनाने में मानकों को ध्यान नहीं रखा जा रहा है। ऐसे अपार्टमेंटों में सुविधाओं को कोई इंतजाम नहीं है। एलडीए समेत प्राइवेट अपार्टमेंट आग के मुहाने पर खड़े हैं। शहर में करीब 247 अपार्टमेंट हैं जहां आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। हाल यह है कि 14 मंजिल के अपार्टमेंट में तो फायर फाइटिंग सिस्टम लगे ही नहीं है। राजधानी में मानकों के विपरीत एवं बिना नक्शा पास कराये भवनों का निर्माण हो रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से बिल्डर लोगों की जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। बिल्डर नक्शा पास कराने के लिए फायर सर्विस से एनओसी ले लेते हैं लेकिन अपार्टमेंट बनने के बाद स्थाई अनापत्ति के लिए विभाग से निरीक्षण तक नहीं कराते हैं। सरकारी बिल्ंिडगों में बात करें तो एलडीए की नये भवन में दिखावे के तौर पर फायर उपकरण लगे हैं। वहीं निजी अपार्टमेंट बनाने से पहले व इसके बनने के बाद फायर सर्विस से एनओसी नहीं ली गई और न ही फ्लैट खरीदने से पहले आवंटियों ने इस बाबत कोई जानकारी ली। शहर में करीब 247 अपार्टमेंटस में अग्निशमन सुरक्षा प्रण्राली कार्यशील न होने पर फायर सर्विस ने नोटिस दी थी। बीते साल छह थानों में 150 बिल्डरों को अपार्टमेंट में अग्निशमन सुरक्षा प्रण्राली न इस्तेमाल करने पर नोटिस दी गई थी। सारे नियमों को पूरा करने का समय दिया गया था। चेतावनी के बाद भी फायर फाइटिंग सिस्टम न लगाने पर 40 के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया। लेकिन स्थिति जस की तस है। आधुनिक साज-सज्जा भी खतरनाक साबित हो रही है। दरअसल, वर्तमान में भवन को आर्कषक दिखने के लिए कमरे की दीवारें व छतों को प्लास्टर ऑफ पेरिस प्लास्टिक पेंट का उपयोग किया जाता है। एक इंजीनियर के अनुसार यह आग को भड़काने के लिए मददगार साबित होते हैं। इसी प्रकार डेकोरेशन में अन्य सामानों का उपयोग करना भी अग्निकांड के लिए खतरनाक हो सकता है। किसी भी बिल्डिंग का मानचित्र पास कराने के लिए संबधिंत विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी होता है। इसके लिए फायर सर्विस विभाग अस्थाई तौर एनओसी जारी करते हुए मानकों को पूरा करने की शर्त रखता है। लेकिन एलडीए से नक्शा पास होने व अपार्टमेंट बनने के बाद फायर सर्विस से निरीक्षण नहीं कराया जाता है। मानकों के विपरीत काम करने के कारण एनओसी भी नहीं मिलती है। 25 से 30 मीटर ऊंची इमारत में वाटर टैंक छोटा व छत पर बनाया जाता है। वहीं 30 मीटर से अधिक की दशा में टैंक बड़ी व नीचे स्थापित की जाती है। आवासीय मामले में 400 वर्गमीटर व व्यवासियक के लिए 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में दस मीटर ऊंची इमारत के लिए भी फायर सर्विस से एनओसी लेना जरूरी है। हालांकि 15 मीटर तक के लिए फायर सर्विस एनओसी देता है। वहीं बिल्डर इससे अधिक ऊंची बिल्ंिडग बना लेते हैं जिस पर एनओसी मिलना मुश्किल है। बिना जांच अथवा निरीक्षण के इन भवनों को पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता है। ग्रुप हाउसिंग, व्यवसायिक एवं बहुखण्डीय तथा तीन सौ वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के भूखण्ड पर आवासीय भवन बनाने के लिए यह प्रमाण पत्र लेना जरूरी है। शासन के स्पष्ट निर्देश के बाद भी एलडीए में कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने में हीलाहवाली बरती जा रही है। वहीं एलडीए अवैध बिल्ंिडगों पर कार्रवाई करने से भी बच रहा 

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