केएम शुगर मिल की आसवनी इकाई सील
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मसौधा_अयोध्या के•एम• शुगर मिल मसौधा की डिस्टलरी (आसवनी) यूनिट को प्रदूषण विभाग की टीम ने जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम के तहत सील कर दिया है।
सील की कार्रवाई सायं तक चलती रही। आसवानी पर 32.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी स्वामीनाथ ने बताया कि जुर्माना एवं आसवानी के तीन अदद सेक्शन वाल्व एवं तीन अदद पंप की ड्राइव को सील कर दिया गया है। सील करने की कार्रवाई सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के बाद मुख्य पर्यावरण अधिकारी के 31 जनवरी के आदेश के क्रम में किया गया है।
उनके अनुसार डिस्टलरी से निकलने वाला जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 यथा संशोधित धारा 32 (ए)(सी) के तहत परीक्षण में अधोमानक मिला।
सीलिंग की जानकारी सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय को भी दी गई है। सीलिंग के बाद जीएम (वित्त) बालमुकंद श्रीवास्तव को सुपुर्दगी दी गई है।
सहायक अभियंता मनोजकुमार चौरसिया ने बताया की आसवनी का ज्वाइंट निरीक्षण चंदरोज पहले किया गया था। उनके अनुसार उद्योग मंत्रालय की अनुमति के बाद ही डिस्टलरी का संचालन किया जा सकेगा। संचालन के लिए अब डिस्टलरी को उद्योग मंत्रालय की अनुमति लेना होगा।
सहायक अभियंता चौरसिया के अनुसार
¨शभावली शुगर लिमिटेड चिलवरिया-बहराइच की आसवानी इकाई को जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 194 की धारा 33 (ए) के तहत दो वाल्वों को सील कर दिया है। सुपुर्दगी वरिष्ठ प्रबंधक अनुपम मिश्र को सौंपा गया है।
मसौधा_अयोध्या के•एम• शुगर मिल मसौधा की डिस्टलरी (आसवनी) यूनिट को प्रदूषण विभाग की टीम ने जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम के तहत सील कर दिया है।
सील की कार्रवाई सायं तक चलती रही। आसवानी पर 32.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी स्वामीनाथ ने बताया कि जुर्माना एवं आसवानी के तीन अदद सेक्शन वाल्व एवं तीन अदद पंप की ड्राइव को सील कर दिया गया है। सील करने की कार्रवाई सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के बाद मुख्य पर्यावरण अधिकारी के 31 जनवरी के आदेश के क्रम में किया गया है।
उनके अनुसार डिस्टलरी से निकलने वाला जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 यथा संशोधित धारा 32 (ए)(सी) के तहत परीक्षण में अधोमानक मिला।
सीलिंग की जानकारी सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय को भी दी गई है। सीलिंग के बाद जीएम (वित्त) बालमुकंद श्रीवास्तव को सुपुर्दगी दी गई है।
सहायक अभियंता मनोजकुमार चौरसिया ने बताया की आसवनी का ज्वाइंट निरीक्षण चंदरोज पहले किया गया था। उनके अनुसार उद्योग मंत्रालय की अनुमति के बाद ही डिस्टलरी का संचालन किया जा सकेगा। संचालन के लिए अब डिस्टलरी को उद्योग मंत्रालय की अनुमति लेना होगा।
सहायक अभियंता चौरसिया के अनुसार
¨शभावली शुगर लिमिटेड चिलवरिया-बहराइच की आसवानी इकाई को जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 194 की धारा 33 (ए) के तहत दो वाल्वों को सील कर दिया है। सुपुर्दगी वरिष्ठ प्रबंधक अनुपम मिश्र को सौंपा गया है।

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