सेना के लिए सबसे शक्तिशाली K-9 वज्र टैंक देश की सेना को समर्पित किया
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सूरत के हजीरा एलएंडटी में तैयार सेना के लिए सबसे शक्तिशाली K-9 वज्र टैंक देश की सेना को समर्पित किया. इसके बाद खुद प्रधानमंत्री ने इस टैंक की सवारी कर इसका जायजा भी लिया. मेक इन इंडिया के तहत बने इस टैंक से सेना की ताकत बढ़ेगी. यह टैंक बेहद शक्तिशाली है.
🙌 आइए जानते है K-9 वज्र टैंक की खास बातें :
📌 K-9 वज्र टैंक मेक इन इंडिया के तहत बनाए जा रहे है.
📌 लार्सन एंड टुब्रो (इंडिया) ने "हनवा टेक विन" (एचटीडब्लू) (दक्षिण कोरिया) के साथ 2017 में K-9 थंडर वज्र का निर्माण शुरू किया था.
📌 100 K-9 वज्र तोप बनाने का ऑर्डर है.
📌 K-9 वज्र तोप रेगिस्तानी इलाकों के लिए तैयार की गई है.
📌 इस सौदे की कुल कीमत करीब 4300 करोड़ रुपए है.
📌 एल एंड टी लगभग 42 महीने में भारतीय सेना को 155mm/52 कैलिबर वाली ट्रैक्ड सेल्फ प्रोपेल्ड गन प्रणाली की 100 इकाइयों की आपूर्ति करेगा.
📌 K-9 वज्र एक स्वप्रचालित तोप सिस्टम है.
📌 इसमें गोला ऑटोमैटिक लोड हो जाता है.
📌 इसकी मारक क्षमता 40-52 किलोमीटर की रेंज तक है.
📌 ऑपरेशनल रेंज 480 किलोमीटर है.
📌 K-9 में एमआरएसआई मोड (कई राउंड एक साथ लगातार) में गोले दागने की क्षमता है.
📌 एमआरएसआई मोड में, K-9 15 सेकंड के तहत तीन गोले दागने में सक्षम है.
📌 यह तोप तीन मिनट में 15 राउंड की भीषण गोलाबारी कर सकती है और 60 मिनटों में लगातार 60 राउंड की फायरिंग भी कर सकती है.
📌 टैंक का वजन 47 टन है जबकि टैंक की लंबाई 12 मीटर है और ऊंचाई 2.73 मीटर है। टैंक में चालक के साथ पांच लोग सवार हो सकते हैं.
🙌 K-10 :
📌 K-9 के साथ एक ARV भी चलता है. जिसको K-10 का नाम दिया गया है. (आप इसे K-9 का तोपखाना भी समझ सकते है)
📌 K-10 अम्युनिशन रीसप्लाई व्हीकल (ARV) है. यह एक ऑटोमेटिक गोला बारूद की सप्लाई करने वाला वाहन है. यह K-9 के साथ चलता है और K-9 में गोले लोड करता है.
📌 K-10 की चेचिस भी K-9 के समान है.
📌 K-10 की गोले भरने की अधिकतम दर 12 राउंड प्रति मिनट है. और अधिकतम 104 राउंड तक के गोले भर सकता है.
👉 04-अगस्त-2018 इस अनोखी तोप प्रणाली की पहली तोप को भारतीय सेना को सौंपा गया था, यह तोप प्रणाली भारतीय सेना को और अधिक शक्तिशाली बनाएगी.
जे पी द्विवेदी
उप सपादंक
HTNलाइव न्यूज़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सूरत के हजीरा एलएंडटी में तैयार सेना के लिए सबसे शक्तिशाली K-9 वज्र टैंक देश की सेना को समर्पित किया. इसके बाद खुद प्रधानमंत्री ने इस टैंक की सवारी कर इसका जायजा भी लिया. मेक इन इंडिया के तहत बने इस टैंक से सेना की ताकत बढ़ेगी. यह टैंक बेहद शक्तिशाली है.
🙌 आइए जानते है K-9 वज्र टैंक की खास बातें :
📌 K-9 वज्र टैंक मेक इन इंडिया के तहत बनाए जा रहे है.
📌 लार्सन एंड टुब्रो (इंडिया) ने "हनवा टेक विन" (एचटीडब्लू) (दक्षिण कोरिया) के साथ 2017 में K-9 थंडर वज्र का निर्माण शुरू किया था.
📌 100 K-9 वज्र तोप बनाने का ऑर्डर है.
📌 K-9 वज्र तोप रेगिस्तानी इलाकों के लिए तैयार की गई है.
📌 इस सौदे की कुल कीमत करीब 4300 करोड़ रुपए है.
📌 एल एंड टी लगभग 42 महीने में भारतीय सेना को 155mm/52 कैलिबर वाली ट्रैक्ड सेल्फ प्रोपेल्ड गन प्रणाली की 100 इकाइयों की आपूर्ति करेगा.
📌 K-9 वज्र एक स्वप्रचालित तोप सिस्टम है.
📌 इसमें गोला ऑटोमैटिक लोड हो जाता है.
📌 इसकी मारक क्षमता 40-52 किलोमीटर की रेंज तक है.
📌 ऑपरेशनल रेंज 480 किलोमीटर है.
📌 K-9 में एमआरएसआई मोड (कई राउंड एक साथ लगातार) में गोले दागने की क्षमता है.
📌 एमआरएसआई मोड में, K-9 15 सेकंड के तहत तीन गोले दागने में सक्षम है.
📌 यह तोप तीन मिनट में 15 राउंड की भीषण गोलाबारी कर सकती है और 60 मिनटों में लगातार 60 राउंड की फायरिंग भी कर सकती है.
📌 टैंक का वजन 47 टन है जबकि टैंक की लंबाई 12 मीटर है और ऊंचाई 2.73 मीटर है। टैंक में चालक के साथ पांच लोग सवार हो सकते हैं.
🙌 K-10 :
📌 K-9 के साथ एक ARV भी चलता है. जिसको K-10 का नाम दिया गया है. (आप इसे K-9 का तोपखाना भी समझ सकते है)
📌 K-10 अम्युनिशन रीसप्लाई व्हीकल (ARV) है. यह एक ऑटोमेटिक गोला बारूद की सप्लाई करने वाला वाहन है. यह K-9 के साथ चलता है और K-9 में गोले लोड करता है.
📌 K-10 की चेचिस भी K-9 के समान है.
📌 K-10 की गोले भरने की अधिकतम दर 12 राउंड प्रति मिनट है. और अधिकतम 104 राउंड तक के गोले भर सकता है.
👉 04-अगस्त-2018 इस अनोखी तोप प्रणाली की पहली तोप को भारतीय सेना को सौंपा गया था, यह तोप प्रणाली भारतीय सेना को और अधिक शक्तिशाली बनाएगी.
जे पी द्विवेदी
उप सपादंक
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