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नगर निगम: अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा डालीगंज का हाथी पार्क दो स्थाई व चार अस्थाई कर्मचारियों के कांधे पर है पार्क का बोझ पार्क की साल भर से कटी है बिजली, अंधेरा बरकरार

HTN Live

मोहम्मद शानू 

लखनऊ।  पुराने लखनऊ के डालीगंज का हाथी पार्क कभी यहां के लोगों के लिए पहचान हुआ करती थी। स्कूलों में छुट्टी पडऩे पर इलाके के लोग अपने बच्चों को हाथी पार्क लेकर आते थे। बच्चे यहां सुबह से शाम तक सैर करते थे। खास कर हाथी और घोड़े पर बैठते थे। वहीं अभिभावक पार्क की हरियाली घास पर बैठ कर आनंद लेते थे। मगर अब सब कुछ बदल गया है।
लखनऊ डालीगंज का हाथी पार्क पूरी तरह बदहाल हो चुका है। सरकार और नगर निगम की लापरवाही से पार्क ने खण्हर का रूप ले लिया है। शाम होते ही पार्क में अंधेरा छा जाता है। दरअसल पिछले वर्ष लेसा ने हाथी पार्क की बिजली काट दी थी। हाथी पार्क का 1 लाख 67 हजार का बिजली बिल का भुगतान न होने से यहां की बिजली काटी गयी थी। नगर निगम और सरकार की लापरवाही के चलते यहां लेसा ने अभी तक बिजली नहीं दी है। ऐसे में पार्क में पिछले वर्ष से अंधेरा बरकरार है। 
बताते चले कि पूर्व मेयर डॉ दिनेश शर्मा ने मेयर रहते हुए हाथी पार्क का शिलान्यास तो कर दिया था मगर पार्क की बदहाली अब भी खुद पर आंसू बहा रहा है। ऐसे में कोई इस पार्क का पुरसा हाल नजर नहीं आ रहा है। वहीं क्षेत्रीय पार्षद भी इस पार्क से कोई खास लगाव रखते नजर नहीं आ रहे हैं। जोन-1 की ऐसे ही न जाने कितनी पार्क हैं जो कि बदहाल हालत में हैं। इस जोन में नगर निगम की 57 पार्कें नगर निगम की वेबसाइट में दर्ज हैं। इनमें से 50 प्रतिशत से अधिक पार्कें अविकसित बतायी जा रही हैं। ऐसे में कोई भी न्रर निगम की इन पार्कों में आना क्यों पसंद करेगा।
हाथी पार्क के कर्मचारियों से बात की तो उन्होंने बंद अलफाजों में नगर निगम के अधिकारियों पर ही आरोप लगाते हुए कहा कि जब विभाग खुद ही लापरवाह है तो हम कर्मचारी किया कर सकते हैं। ऐ कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले साल लेसा ने यहां की बिजली काटी थी। नगर निगम के अधिकारियों ने लेसा को आज तक बिल का भुगतान नहीं किया। यही वजह है कि यहा आज भी अंधेरा बरकरार है। 
पार्क की आमदनी पर पूछे गये सवाल पर कर्मचारी ने बताया कि टिकट दर मात्र 3 रुपये है। इसके बावजूद कोई आना पसंद नहीं करता। सुबह से शाम तक 20-25 लोग ही पार्क आते हैं। यहां पार्क में मात्र छह कर्मचारी हैं। इनमें दो लोग नगर निगम से स्थाई हैं जो कि टिकट देने का काम करते हैं। वहीं दो सफाई कर्मचारी और दो गार्ड के हवाले पार्क 
का बोझ है। यहां बिजली न होने से खास कर रात को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 
पार्क की मेंटटेनेंस के बारे में पूछे जाने पर कर्मचारी ने बताया कि नगर निगम ने पार्क का मेंटटेनेंस ठेके पर दे रखा है। ठेकेदार अपने हिसाब से काम करता है। शायद यही वजह है कि पार्क में हरियाली नहीं है। वहीं पार्क की बदहाली को देखकर हर कोई नगर निगम पर अंगुली उठा रहा है। पार्क के निकट फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों ने भी आरेाप लगाते हुए कहा कि नगर निगम सिर्फ वसूली का काम करता है। जब नगर निगम इस पार्क की रखवाली नहीं कर सकता तो इस कब्जा जमाकर बैठना उसका बेकार है। 
गौरतलब है कि पूर्व मेयर डॉ दिनेश शर्मा का यहां शिलान्यास किया हुआ पत्थर थी लगा हुआ है। मगर पार्क के मुख्य द्वार से अंदर तक नजर डाले तो हाथी, घोड़ा, गेंडा भी खाक से सना हुआ है। इस पर धूल की इतनी पर्तें जमीं हैं कि कोई बैठना पसंद नहीं करेगा। 
पार्क के एक कोने में पेउ़ के नीचे बच्चों के झूले भी टूटे पड़े हैं। पार्क में लगे बिजली के खम्भे शोपीस का रूप लिए हुअ हैं। पार्क में पूरी तरह अंधेरा कायम है। जब यहां के कर्मचारियों को पार्क के रखरखाव से संतुष्टïी नहीं है तो आखिर यहां आने वालों को कैसे हो सकती है। हाथी पार्क का मुख्य द्वार खुद यहां की बदहाली की गवाही दे रहा है कि पार्क के गेट पर सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं पार्क के चारों ओर लगी रेलिंग भी जगह-जगह से जंग लगकर टूट रही है। यही वजह है कि यहां ठेला गुमटी वाले तक धंधा करना पसंद नहीं करते। पार्क की बदहाली के बारे में मेयर संयुक्ता भाटिया से फोन पर बात की तो उन्होंने किसी कार्यक्रम में वयस्त होने की बात करते हुए कहा कि कुछ देर में आपकों फोन करती हूं मगर उनका फोन देर रात क नहीं आया।
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मैं अभी कुछ ही दिनों पहले आया हूं, मुझे हाथी पार्क के बदहाली और कटी बिजली के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे लगता है कि हाथी पार्क एलडीए के पास है। बाहर लगा पूर्व मेयर डॉ दिनेश शर्मा का शिलान्यास पत्थर किसी विशेष काम के लिए लगाया होगा। मैं इस बारे में जानकारी ले लूंगा।
                                        नगर निगम, नगर अभियंता, डीएस त्रिपाठी



दिव्यांग बच्चों ने शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति किया जागरुक
लखनऊ। शुक्रवार को हजरतगंज चौराहे पर विभिन्न स्कूलों के दिव्यांग बच्चों ने शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करने के लिये एक रैली का आयोजन किया। मेयर ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता के प्रति दिव्यांगजनों का हौसला एवं उत्साह हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इन बच्चों का जज्बा देखकर हर शहरवासी को चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में हिस्सा लेना चाहिये और लखनऊ को नंबर एक पर लानेके लिए अपनी जिम्मेदारी एवं भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिये। इसय मौके पर दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी, वर्तमान नेशनल चैम्पियन एवं अंतरराष्ट्रीय पदक प्राप्त अबु हुबैदा, राष्ट्रीय पदक प्राप्त शशांक कुमार एवं पैरा क्रिकेटर विक्रम नाग ने भी जागरुकता रैली में शिरकत की। कार्यक्रम मेंमेयर संयुक्ता भाटिया के साथ नगर आयुक्त डॉ इंदेमणि त्रिपाठी, युवा भाजपा नेता सुनील मिश्रा, डॉ वैभव खन्ना, नीता खन्ना समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
पूर्व पार्षद ऊषा शर्मा का निधन, शोक सभा में हुई प्रार्थना
लखनऊ। नगर निगम के ऐशबाग वार्ड की पार्षद ऊषा शर्मा का शुक्रवार को प्रात: आकस्मिक निधन हो गया। ऊषा शर्मा भारतीय जनता पार्टी से निर्वाचित पार्षद थी। इनका अपने क्षेत्र व समाज में अत्यंत सराहनीय योगदान रहा है। स्वर्गीय ऊषा शर्मा पूर्व वर्षों में भी इस वार्ड से पार्षद रह चुकी थी। नगर निगम लखनऊ में शुक्रवार को उनके निधन पर एक शोक सभा आयोजित कर स्वर्गीय ऊषा शर्मा के असामयिक निधन पर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी।

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