नगर निगम: अतिक्रमण के साये में खो गया निशान-ए-मीर
HTN Live
मोहम्मद शानू
सिटी स्टेशन चौराहे पर निगम की पार्क में जमादारों का कब्जा
पार्क की निशानी को मिटाने की हो रही साजिश: क्षेत्रवासी
लखनऊ। अब तो चलते हैं बुतकदे से ऐ मीर, फिर मिलेंगे गर खुदा लाया।
मीर तकी मीर का कहा यह शेर शक्ल लेता सा लगा जब उनके नाम का पत्थर सिटी स्टेशन के पास वाले तिकोना पार्क में अतिक्रमण के साये में खोता हुआ नजर आया। देखने वालों को मायूसी हो रही है कि इतने बड़े शायर का निशां शहर से यूं गायब होता नजर आ रहा है।
चूंकि सोशल मीडिया का दौर है तो यह ट्रेंड भी हुआ कि अवध के अदब को ऊंचाइयों तक ले जाने वाले शायर को ऐसे कैसे भुलाया जा सकता है, उनके नाम को संभाल कर क्यों नहीं रखा जा रहा। मीर भले ही उसी बुतकदे में हों मगर लोगों की आखों से इस लिए ओझल हो गये है, दरअसल उनके लगे पत्थर के चारों ओर अतिक्रमण और अवैध कब्जे तक है। इतना ही नहीं अखिलेश सरकार में इसी पार्क में बनाये गये प्याउ पर भी जमादारों का कब्जा है,जैसा कि क्षेत्र के लोग बताते हैं। यहां की तस्वीरे भी इस बात की गवाही देती हैं कि जो पार्क मीर तकी मीर के पत्थर के लिए बनी है। यहां अब जमादारों व कुछ दुकानदारों का कब्जा बरकरार है। इससे मीर तकी मीर का पत्थर लोगों की नजरों से ओझल हो गया है। इलाके के लोगों का आरोप है कि नगर निगम और सरकार जानबुझकर इस मामले को नजर अंदाज कर निशान-ए-मीर की निशानी को मिटाने की कोशिश की जा रही है।
बताते चले कि अदब के शहर लखनऊ को स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत नम्बर एक रैकिंग में लाने की कोशिश की जा रही है तो दूसरी ओर आखिर इस पार्क को कियों नजर अंदाज किया जा रहा है। इस मामले को लेकर क्षेत्रीय लोगों में काफी आक्रोश है। इलाके के ही एक नवाब बताते हैं कि पार्क में पहले मीर की याद में एक किताब और कलम बनाई गई थी। लेकिन काफी अरसा हुआ, वह किताब-कलम देखरेख की कमी के चलते हट गई। इसके अलावा पार्क की बदहाली इतनी ज्यादा हो गयी है कि अब तो मीर का पत्थर तक नजर नहीं आता। जानकार बताते है कि नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में इसी लिए पिछड़ता है कि शहर के कई जगहों पर नगर निगम सहीं ढंग से काम नहीं करता। इसी के चलते रैकिंग में सुधार नहीं होता। ऐसा सिटी स्टेशन चौराहे पर बनी पार्क में भी नजर आता है।
शुक्रवार को HTN LIVE की टीम ने क्षेत्रीय लोगों की शिकायत पर पार्क का जायजा लिया तो यहां अतिक्रमण से पार्क का नक्शा पूरी तरह बदहाल नजर आया। पहले तो लगा कि शायद निशान-ए- मीर का पत्थर गायब हो गया। मगर अतिक्रमण के साये में लाशने पर आखिर मिल ही गया। यहां भी मीर के पत्थर के पास बिस्तर लगा हुआ था जहां कुछ लोग बैठे हुए थे, कैमरा देखते ही कई लोग उठ खड़े हुए, मगर एक महिला वहीं लेटी रही। इसके अलावा पार्क के अंदर ईटों का बना एक कमरा जनर आया, जानकारी पर पता चला कि इसको सपा के नेता रविदास मेहरोत्रा ने प्याउ के लिए बनवाया था जिस पर अब जमादारों व कुछ फुटपाथ दुकानदारों का कब्जा है। जहां दुकानदारों का सामान व उसी पार्क में रहने वाले लोगों के कपड़े भी तार की अलगनी पर लटके हुए थे। वहीं पार्क के चारों ओर ठेला गुमटी से पार्क पूरी तरह छिपी नजर आयी।
पार्क पर नशेड़ी व जुआरियों का भी कब्जा
सिटी स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि दिन हो या रात इस पार्क में नशेडिय़ों व जुआरियों का आना जाना बरकरार रहता है। वहीं सूरज ढलते शराबी व अन्य प्रकार का नशा करने वाले लोग इस पार्क में जमा हाक जाते हैं। इससे पार्क में गंदगी का माहौल रहता है। नगर निगम की ओर से कभी यहां काई झांकने तक नहीं आता। यही वजह है कि पार्क में अवैध कब्जेदारों के अलावा जुआरी व नशेडिय़ों का भरी कब्जा बरकरार है।
नगर निगम की वेबसाइट में दर्ज अद्र्घविकसित पार्क
लखनऊ नगर निगम के अधीनस्थ पार्कों एवं खुला स्थलों की जोनवार सूची के अनुसार यह पार्क जोन-1 के वजीरगंज वार्ड में तकी मीर तिकोनिया पार्क के नाम से दर्ज है। जो कि अविकसित दर्ज है। पार्क 15 गुणे 30 यानि इसका क्षेत्रफल वर्ग मीटर 450 है। नगर निगम के दस्तावेजों की ही माने तो आखिर लम्बे अरसे से अब तक इस पार्क को परी तरह विकसित कियों नहीं किया गया है। इलाके के लोगों के जेहन में यही सवाल पैदा हो रहे हैं कि आखिर नगर निगम वजीरगंज वार्ड के लोगों से सौतेला व्यवहार कियो कर रहा है।
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर को रैकिंग में टॉप पर लाने के लिए जनता के सहयोग से पूरा प्रयास किया जा रहा है। जहां भी अवैध कब्जे यो गंदगी का माहोल है, उसे दुरुस्त किया जायेगा। रही बात अन्य लोगों के पार्क में कब्जे हैं तो वैधानिक रूप से उन पर कार्रवाई होगी। उम्मीद दिलाती हूं कि पार्क को बदहाली से बहाल किया जायेगा।
मेयर,संयुक्ता भाटिया
शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी है। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर भी तैयारियां जोरो पर हैं। ऐसे में शहर का कोना-कोना साफ सुथरा किया जाना है। जहां अभी तक कार्रवाई नहीं हुई वहां शीघ्र ही कार्रवाई करके व्यवस्था दुरुस्त की जायेगी ताकि शहर रैकिंग में नम्बर एक पर आ सके। सिटी स्टेशन के तिकोनिया पार्क को पूरी तरह दुरुस्त किया जायेगा।
नगर आयुक्त, डॉ इन्द्र मणि त्रिपाठी


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