रज्जू भैय्या ने अपना पूरा जीवन समाज हित में लगाया - महापौर
HTN Live
आज दिनाँक 29/01/2019 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेन्द्र सिंह उपाख्य रज्जू भैय्या के जन्मदिवस के मौके पर मंगलवार को बालू अड्डा में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सा शिविर का उद्घाटन लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया और मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नरेन्द्र अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलन कर किया।
इस मौके पर बोलते हुए महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि रज्जू भैय्या बहुत बड़े वैज्ञानिक होते। उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रोफेसर की नौकरी और विभागाध्यक्ष का पद छोड़कर संघ में आये और प्रचारक बने। रज्जू भैय्या ने अपना पूरा जीवन समाज के लिए लगा दिया। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी है। महापौर ने कहा कि उनके जन्म दिवस पर चिकित्सा शिविर का आयोजन ऐसे लोगों के लिए किया गया है जो अस्पताल जाकर दवा नहीं ले सकते ऐसे लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग उनके दरवाजे चलकर आया है।
लखनऊ के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नरेन्द्र अग्रवाल ने स्वाइन फ्लू से सावधानी के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इससे डरने की जरूरत नहीं है।
चिकित्सा शिविर में 700 मरीजों का पंजीकरण कर चेकअप किया गया और दवाएं बांटी गयी। चिकित्सा शिविर में एलोपैथिक व आयुर्वेदिक अलग—अलग काउंटर लगे थे। शिविर में नेत्र रोग, स्त्री रोग, ,ह्रदय रोग नाक कान गला रोगों के उपचार भी किए। तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की तरफ से डा. मयंक ने लोगों को तम्बाकू के नुकसान के बारे में जागरूक किया।
विभाग प्रचारक अजय नारायण ने कहा कि रज्जू भैया का सम्पूर्ण जीवन इस बात का साक्षी है कि उन्हें पद की आकांक्षा अथवा उसका मोह कभी रहा ही नहीं। प्रयाग विश्वविद्यालय में पढ़ाते हुए वे संघ के प्रचारक बने। उन्होंने कार्यवाह पद को प्रचारक की भूमिका स्वयं प्रदान कर दी। वरिष्ठता और योग्यता के कारण उन्हें कई वर्षों तक विभाग के अध्यक्ष-पद का दायित्व भी प्रोफेसर के साथ-साथ सँभालना पड़ा। किन्तु यह सब करते हुए भी वे संघ-कार्य में अपने दायित्वों का निर्वाह पूरी तरह करते रहे।
बृजनन्दन ने कहा कि विश्व में हिन्दुत्व का परचम लहराने वाले अशोक सिंहल को रज्जू भैय्या ही संघ की शाखा में लेकर गये। पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह,चन्द्रशेखर व पीवी नरसिंहाराव उन्हें अपना आदर्श मानते थे। समाजवादी नेता डा. राम मनोहर लोहिया के भी मार्ग दर्शक थे रज्जू भैय्या।
चिकित्सा शिविर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त सम्पर्क प्रमुख राजेन्द्र, सह प्रचार प्रमुख दिवाकर अवस्थी, डा. अनुरूद्ध वर्मा, आनन्द सिंह, भाग संघचालक सुभाष अग्रवाल, डा. मारिया, डा.वीनम यादव, डा.मृदुल सिंह, डा. कीर्ति सक्सेना और डा. मयंक अपनी पूरी टीम के साथ रहे।
आज दिनाँक 29/01/2019 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेन्द्र सिंह उपाख्य रज्जू भैय्या के जन्मदिवस के मौके पर मंगलवार को बालू अड्डा में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सा शिविर का उद्घाटन लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया और मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नरेन्द्र अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलन कर किया।
इस मौके पर बोलते हुए महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि रज्जू भैय्या बहुत बड़े वैज्ञानिक होते। उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रोफेसर की नौकरी और विभागाध्यक्ष का पद छोड़कर संघ में आये और प्रचारक बने। रज्जू भैय्या ने अपना पूरा जीवन समाज के लिए लगा दिया। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी है। महापौर ने कहा कि उनके जन्म दिवस पर चिकित्सा शिविर का आयोजन ऐसे लोगों के लिए किया गया है जो अस्पताल जाकर दवा नहीं ले सकते ऐसे लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग उनके दरवाजे चलकर आया है।
लखनऊ के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नरेन्द्र अग्रवाल ने स्वाइन फ्लू से सावधानी के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि इससे डरने की जरूरत नहीं है।
चिकित्सा शिविर में 700 मरीजों का पंजीकरण कर चेकअप किया गया और दवाएं बांटी गयी। चिकित्सा शिविर में एलोपैथिक व आयुर्वेदिक अलग—अलग काउंटर लगे थे। शिविर में नेत्र रोग, स्त्री रोग, ,ह्रदय रोग नाक कान गला रोगों के उपचार भी किए। तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की तरफ से डा. मयंक ने लोगों को तम्बाकू के नुकसान के बारे में जागरूक किया।
विभाग प्रचारक अजय नारायण ने कहा कि रज्जू भैया का सम्पूर्ण जीवन इस बात का साक्षी है कि उन्हें पद की आकांक्षा अथवा उसका मोह कभी रहा ही नहीं। प्रयाग विश्वविद्यालय में पढ़ाते हुए वे संघ के प्रचारक बने। उन्होंने कार्यवाह पद को प्रचारक की भूमिका स्वयं प्रदान कर दी। वरिष्ठता और योग्यता के कारण उन्हें कई वर्षों तक विभाग के अध्यक्ष-पद का दायित्व भी प्रोफेसर के साथ-साथ सँभालना पड़ा। किन्तु यह सब करते हुए भी वे संघ-कार्य में अपने दायित्वों का निर्वाह पूरी तरह करते रहे।
बृजनन्दन ने कहा कि विश्व में हिन्दुत्व का परचम लहराने वाले अशोक सिंहल को रज्जू भैय्या ही संघ की शाखा में लेकर गये। पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह,चन्द्रशेखर व पीवी नरसिंहाराव उन्हें अपना आदर्श मानते थे। समाजवादी नेता डा. राम मनोहर लोहिया के भी मार्ग दर्शक थे रज्जू भैय्या।
चिकित्सा शिविर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त सम्पर्क प्रमुख राजेन्द्र, सह प्रचार प्रमुख दिवाकर अवस्थी, डा. अनुरूद्ध वर्मा, आनन्द सिंह, भाग संघचालक सुभाष अग्रवाल, डा. मारिया, डा.वीनम यादव, डा.मृदुल सिंह, डा. कीर्ति सक्सेना और डा. मयंक अपनी पूरी टीम के साथ रहे।




No comments